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निजी स्कूलों को छात्रों का नाम काटने की अनुमति देने से चंडीगढ़ प्रशासन का इनकार, जानिए मामला
Tue, 01 Sep 2020 09:51 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 01 Sep 2020 09:51 AM IST
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
अभिभावकों से फीस वसूली मामले में निजी स्कूलों द्वारा दिया गया छह सूत्रीय प्रस्ताव चंडीगढ़ प्रशासन ने सिरे से खारिज कर दिया है। प्रशासन ने कहा कि स्कूल फीस ना देने वाले छात्रों का नाम काटने की अनुमति मांग रहे हैं और अपने खिलाफ कोई कार्रवाई न करने की मांग कर रहे हैं जो किसी भी स्थिति में मंजूर नहीं किया जा सकता।
चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से सीनियर स्टैंडिंग काउंसल पंकज जैन ने कहा कि जो प्रस्ताव निजी स्कूलों द्वारा प्रशासन को सौंपा गया है उसके अनुसार सभी निजी स्कूल इस सत्र में फीस नहीं बढ़ाने पर राजी हैं और कहा है कि जो छात्रों से जो फीस पिछले सत्र में वसूली गई थी, वही फीस इस सत्र में वसूले जाने की इजाजत दी जाए।
इस प्रस्ताव के तहत जो छात्र फीस नहीं देंगे उनका नाम काटने की इजाजत मांगी गई थी और बदले में यह स्कूल अपने खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं चाहते हैं। ऐसे प्रस्ताव को चंडीगढ़ प्रशासन किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं कर सकता है।जस्टिस जी.एस. संधावालिया ने चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा दी गई इस जानकारी के बाद अब इस मामले में 14 सितंबर से बहस के आदेश देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी है।
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शहर के निजी स्कूलों ने फीस वसूली की इजाजत मांगी थी, जिस पर उच्च न्यायालय ने इसका एक प्रस्ताव बना चंडीगढ़ प्रशासन को दिए जाने को कहा था। उच्च न्यायालय के आदेशों पर शहर के निजी स्कूलों ने अपना प्रस्ताव बना चंडीगढ़ प्रशासन को सौंप दिया था।
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चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से सीनियर स्टैंडिंग काउंसल पंकज जैन ने कहा कि जो प्रस्ताव निजी स्कूलों द्वारा प्रशासन को सौंपा गया है उसके अनुसार सभी निजी स्कूल इस सत्र में फीस नहीं बढ़ाने पर राजी हैं और कहा है कि जो छात्रों से जो फीस पिछले सत्र में वसूली गई थी, वही फीस इस सत्र में वसूले जाने की इजाजत दी जाए।
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इस प्रस्ताव के तहत जो छात्र फीस नहीं देंगे उनका नाम काटने की इजाजत मांगी गई थी और बदले में यह स्कूल अपने खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं चाहते हैं। ऐसे प्रस्ताव को चंडीगढ़ प्रशासन किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं कर सकता है।जस्टिस जी.एस. संधावालिया ने चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा दी गई इस जानकारी के बाद अब इस मामले में 14 सितंबर से बहस के आदेश देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी है।
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शहर के निजी स्कूलों ने फीस वसूली की इजाजत मांगी थी, जिस पर उच्च न्यायालय ने इसका एक प्रस्ताव बना चंडीगढ़ प्रशासन को दिए जाने को कहा था। उच्च न्यायालय के आदेशों पर शहर के निजी स्कूलों ने अपना प्रस्ताव बना चंडीगढ़ प्रशासन को सौंप दिया था।