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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने तीसरी लहर से बचाव की तैयारियां देखीं, निर्देश दिए
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चंडीगढ़। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने रविवार को पीजीआई में कोरोना की तीसरी लहर से बचाव की तैयारियों का जायजा लिया। यहां अधिकांश व्यवस्था चाक-चौबंद मिली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों को परेशानी न होने पाए। पीजीआई को जो भी जरूरत हो, उसके बारे में अवगत कराएं। मरीजों के इलाज कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमिक्रॉन के बारे में भी जानकारी ली। उनके साथ केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर भी थे।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री बिलासपुर एम्स में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेकर पीजीआई पहुंचे थे। उन्हें यहां शाम सवा पांच बजे पहुंचना था, लेकिन वह साढ़े छह बजे पहुंचे। वह सीधे निदेशक कार्यालय पहुंचे। वहां अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने पीजीआई के प्रभारी निदेशक प्रो. सुरजीत सिंह से कोरोना से बचाव की तैयारियों के बारे में जानकारी ली। पीजीआई की ओर से बताया गया कि हर व्यवस्था चाक-चौबंद है। टीमें अपना-अपना कार्य बेहतर ढंग से कर रही हैं। मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराया जा रहा है। कहा कि पीजीआई कोरोना के दृष्टिकोण से रेफरल सेंटर है, ऐसे में यहां कई राज्यों के मरीज आते हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने पीजीआई की तैयारियों को सराहा। कहा कि आगे भी किसी प्रकार की कोई कमी न होने पाए।
उसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने ट्रॉमा सेंटर का जायजा लिया। वहां की व्यवस्थाओं को परखा। यहां चिकित्सकों व अधिकारियों से बात की। इतने समय में ही लगभग सवा सात बज गए। उनकी फ्लाइट होने के कारण उन्हें जाना पड़ा। उन्हें पीडियाट्रिक सेंटर में जाकर एक यूनिट का उद्घाटन करना था। इसके अलावा रिसर्च ब्लॉक का भी दौरा करना था, लेकिन व्यस्तता के कारण वह नहीं जा सके। हालांकि, प्रभारी निदेशक ही पीडियाट्रिक सेंटर के प्रमुख हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने पीजीआई के चिकित्सकों व अधिकारियों के कार्यों की प्रशंसा की। कहा कि आगे भी वह बेहतर कार्य करते रहें। दौरे के दौरान पीजीआई के डीडीए कुमार गौरव के अलावा चिकित्सक व अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री बिलासपुर एम्स में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेकर पीजीआई पहुंचे थे। उन्हें यहां शाम सवा पांच बजे पहुंचना था, लेकिन वह साढ़े छह बजे पहुंचे। वह सीधे निदेशक कार्यालय पहुंचे। वहां अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने पीजीआई के प्रभारी निदेशक प्रो. सुरजीत सिंह से कोरोना से बचाव की तैयारियों के बारे में जानकारी ली। पीजीआई की ओर से बताया गया कि हर व्यवस्था चाक-चौबंद है। टीमें अपना-अपना कार्य बेहतर ढंग से कर रही हैं। मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराया जा रहा है। कहा कि पीजीआई कोरोना के दृष्टिकोण से रेफरल सेंटर है, ऐसे में यहां कई राज्यों के मरीज आते हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने पीजीआई की तैयारियों को सराहा। कहा कि आगे भी किसी प्रकार की कोई कमी न होने पाए।
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उसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने ट्रॉमा सेंटर का जायजा लिया। वहां की व्यवस्थाओं को परखा। यहां चिकित्सकों व अधिकारियों से बात की। इतने समय में ही लगभग सवा सात बज गए। उनकी फ्लाइट होने के कारण उन्हें जाना पड़ा। उन्हें पीडियाट्रिक सेंटर में जाकर एक यूनिट का उद्घाटन करना था। इसके अलावा रिसर्च ब्लॉक का भी दौरा करना था, लेकिन व्यस्तता के कारण वह नहीं जा सके। हालांकि, प्रभारी निदेशक ही पीडियाट्रिक सेंटर के प्रमुख हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने पीजीआई के चिकित्सकों व अधिकारियों के कार्यों की प्रशंसा की। कहा कि आगे भी वह बेहतर कार्य करते रहें। दौरे के दौरान पीजीआई के डीडीए कुमार गौरव के अलावा चिकित्सक व अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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