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Chandigarh News: होम साइंस कॉलेज के दो हॉस्टलों का बदलेगा रूप, चंडीगढ़ को मिले 20 करोड़
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चंडीगढ़। शिक्षा मंत्रालय ने चंडीगढ़ को 20 करोड़ रुपये के अनुदान की मंजूरी दी है। यह अनुदान प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-उषा) के तहत प्रदान किया गया है जो एक केंद्र प्रायोजित योजना है। पीएम-उषा का उद्देश्य उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण सुधार और संसाधनों की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करना है। प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि केंद्र से मिले इन पैसों से होम साइंस कॉलेज के हॉस्टल का रिनोवेशन व अन्य कार्य पूरे किए जाएंगे।
अनुदान को दो घटकों के तहत अनुमोदित किया गया है। इसमें कॉलेजों को मजबूत करने और लिंग समावेश व समानता पहल के लिए पैसे जारी किए गए हैं। परियोजना अनुमोदन बोर्ड (पीएबी) की बैठक 19 नवंबर को हुई थी, जिसकी अध्यक्षता मंत्रालय के शिक्षा सचिव ने की थी। इसमें चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी ने प्रस्तुति दी थी। इससे पहले 2 फरवरी 2024 को आयोजित एक अन्य पीएबी बैठक के दौरान सेक्टर-32 के जीजीडीएसडी कॉलेज के लिए 5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे।
अब पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स सेक्टर-42 और श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज सेक्टर-26 प्रत्येक को 5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही राज्य घटक लिंग समावेशन और समानता पहल को भी 10 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इस घटक के तहत सेक्टर-10 के होम साइंस कॉलेज के दो बालिका छात्रावास को जीर्णोद्धार किया जाएगा। लिंग समावेशन और समानता पहल के लिए मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार अनुदान केवल उन बालिका छात्रावासों के निर्माण या नवीनीकरण के लिए दिया जाएगा, जहां अन्य संस्थानों के छात्र भी रहते हैं।
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14 कॉलेजों को पहले भी मिला दो-दो करोड़ रुपये का अनुदान
राज्य परियोजना निदेशक-सह-निदेशक उच्च शिक्षा रुबिंदरजीत सिंह बराड़ ने कहा कि चंडीगढ़ के 14 कॉलेजों को पहले ही 2-2 करोड़ रुपये का अनुदान मिल चुका है। वहीं, पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ को इक्विटी इनिशिएटिव, फैकल्टी इम्प्रूवमेंट और रिसर्च इनोवेशन एंड क्वालिटी इम्प्रूवमेंट्स के तहत 62 करोड़ रुपये का अनुदान मिला था। उन्होंने कहा कि संस्थानों ने अपने अनुदान का विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग किया है। वर्तमान में, 13 संस्थानों (पीयू सहित) के पास लाइव एनएएसी ग्रेड है और 5 एनआईआरएफ-2024 के तहत रैंकिंग प्राप्त करने में सक्षम हैं।
29 करोड़ का एक अन्य प्रस्ताव पर भी चल रहा विचार
पीएम-उषा योजना जुलाई 2023 में शुरू की गई थी। सभी भाग लेने वाले राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों ने मंत्रालय के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। उसके बाद राज्य परियोजना निदेशालय चंडीगढ़ ने पंजाब यूनिवर्सिटी सहित सभी पात्र संस्थानों को पीएम-उषा के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा। मंत्रालय को कुल 18 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए जिनमें 2 राज्य घटक, मनीमाजरा में नया मॉडल डिग्री कॉलेज और जेंडर इनक्लूजन एंड इक्विटी इनिशिएटिव शामिल हैं। आरयूएसए के अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक प्रो. लखवीर सिंह ने कहा कि आरयूएसए/पीएम-उषा के तहत 29 करोड़ रुपये का अनुदान जारी करने का प्रस्ताव भी मंत्रालय के स्तर पर सक्रिय रूप से विचाराधीन है।
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अनुदान को दो घटकों के तहत अनुमोदित किया गया है। इसमें कॉलेजों को मजबूत करने और लिंग समावेश व समानता पहल के लिए पैसे जारी किए गए हैं। परियोजना अनुमोदन बोर्ड (पीएबी) की बैठक 19 नवंबर को हुई थी, जिसकी अध्यक्षता मंत्रालय के शिक्षा सचिव ने की थी। इसमें चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी ने प्रस्तुति दी थी। इससे पहले 2 फरवरी 2024 को आयोजित एक अन्य पीएबी बैठक के दौरान सेक्टर-32 के जीजीडीएसडी कॉलेज के लिए 5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे।
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अब पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स सेक्टर-42 और श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज सेक्टर-26 प्रत्येक को 5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही राज्य घटक लिंग समावेशन और समानता पहल को भी 10 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इस घटक के तहत सेक्टर-10 के होम साइंस कॉलेज के दो बालिका छात्रावास को जीर्णोद्धार किया जाएगा। लिंग समावेशन और समानता पहल के लिए मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार अनुदान केवल उन बालिका छात्रावासों के निर्माण या नवीनीकरण के लिए दिया जाएगा, जहां अन्य संस्थानों के छात्र भी रहते हैं।
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14 कॉलेजों को पहले भी मिला दो-दो करोड़ रुपये का अनुदान
राज्य परियोजना निदेशक-सह-निदेशक उच्च शिक्षा रुबिंदरजीत सिंह बराड़ ने कहा कि चंडीगढ़ के 14 कॉलेजों को पहले ही 2-2 करोड़ रुपये का अनुदान मिल चुका है। वहीं, पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ को इक्विटी इनिशिएटिव, फैकल्टी इम्प्रूवमेंट और रिसर्च इनोवेशन एंड क्वालिटी इम्प्रूवमेंट्स के तहत 62 करोड़ रुपये का अनुदान मिला था। उन्होंने कहा कि संस्थानों ने अपने अनुदान का विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग किया है। वर्तमान में, 13 संस्थानों (पीयू सहित) के पास लाइव एनएएसी ग्रेड है और 5 एनआईआरएफ-2024 के तहत रैंकिंग प्राप्त करने में सक्षम हैं।
29 करोड़ का एक अन्य प्रस्ताव पर भी चल रहा विचार
पीएम-उषा योजना जुलाई 2023 में शुरू की गई थी। सभी भाग लेने वाले राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों ने मंत्रालय के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। उसके बाद राज्य परियोजना निदेशालय चंडीगढ़ ने पंजाब यूनिवर्सिटी सहित सभी पात्र संस्थानों को पीएम-उषा के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा। मंत्रालय को कुल 18 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए जिनमें 2 राज्य घटक, मनीमाजरा में नया मॉडल डिग्री कॉलेज और जेंडर इनक्लूजन एंड इक्विटी इनिशिएटिव शामिल हैं। आरयूएसए के अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक प्रो. लखवीर सिंह ने कहा कि आरयूएसए/पीएम-उषा के तहत 29 करोड़ रुपये का अनुदान जारी करने का प्रस्ताव भी मंत्रालय के स्तर पर सक्रिय रूप से विचाराधीन है।