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ट्राईसिटी में कैश की किल्लत, डिमांड से बहुत कम कैश पहुंच रहा बैंकों में
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 23 Nov 2016 12:51 AM IST
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- फोटो : File Photo
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सरकारी और निजी बैंकों में कैश की और खासकर 100 के नोटों की किल्लत बरकरार है। बैंकों आरबीआई से जितनी डिमांड कर रहे हैं, उसका उन्हें 30 फीसदी तक ही कैश मिल पा रहा है। इसमें भी 90 फीसदी 2000 के और शेष 10 फीसदी 100 के नोट मिल रहे हैं।
ऐसे में बैंक भी 100 के नोट को सीमित मात्रा में ही बैंक से बांट रहे हैं। शेष 100 के नोट को एटीएम के लिए भेजा जा रहा है। हालांकि मंगलवार को शहर में एसबीआई के कई एटीएम से 500 के नोट निकलने शुरू हो गए थे।
100 के नोट की जमाबंदी का असर साफ दिखने लगा है। जमाबंदी का ही असर है कि मार्केट में 100 का नोट पहले के मुकाबले बहुत कम इस्तेमाल होता दिख रहा है। बैंक अधिकारियों के अनुसार लोग बैंक या एटीएम से 100 का नोट तो ले रहे हैं, लेकिन लोगों या व्यापारी वर्ग से यह बैंकों तक वापस नहीं आ रहा है।
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ऐसे में बैंक भी 100 के नोट को सीमित मात्रा में ही बैंक से बांट रहे हैं। शेष 100 के नोट को एटीएम के लिए भेजा जा रहा है। हालांकि मंगलवार को शहर में एसबीआई के कई एटीएम से 500 के नोट निकलने शुरू हो गए थे।
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100 के नोट की जमाबंदी का असर साफ दिखने लगा है। जमाबंदी का ही असर है कि मार्केट में 100 का नोट पहले के मुकाबले बहुत कम इस्तेमाल होता दिख रहा है। बैंक अधिकारियों के अनुसार लोग बैंक या एटीएम से 100 का नोट तो ले रहे हैं, लेकिन लोगों या व्यापारी वर्ग से यह बैंकों तक वापस नहीं आ रहा है।
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ढाई लाख कैश के लिए नई गाइडलाइन के बाद भीड़ हुई कम
नई गाइडलाइन के बाद भीड़ हुई कम
- फोटो : अमर उजाला
एसबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सीधी सी बात है 500 और 1000 का नोट अब प्रचलन में नहीं है। ऐसे में लोग 100 का ही रोजमर्रा के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। व्यापारी वर्ग से लेकर छोटे दुकानदारों के पास 100 का नोट तो पहुंच रहा है, लेकिन उनके पास यह बैंकों में नहीं आ रहा है। व्यापारी अब भी 500 और 1000 के नोट बैंकों में जमा करा रहे हैं, जबकि 100 के नोट की जमाबंदी की जा रही है।
वहीं अब बैंकों में भीड़ कम होने लगी है, लेकिन एटीएम पर अब भी स्थिति पहले जैसी बनी हुई है। शहर के सभी एटीएम पर रोजाना लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं। सोमवार के मुकाबले मंगलवार को शहर के अधिकतर एटीएम पर पैसे निकले, लेकिन अधिकतर जगहों पर सिर्फ 2000 का नोट ही निकला। पहले लोग कैश न होने से परेशान थे, तो मंगलवार को एटीएम से 2000 का नोट निकलने के बाद इसे तुड़वाने के लिए परेशान दिखे।
ढाई लाख कैश के लिए नई गाइडलाइन के बाद भीड़ हुई कम
बैंक अधिकारियों के अनुसार केंद्र सरकार की शादी वाले घरों को उनके खाते से ढाई लाख रुपये तक कैश निकालने देने की सुविधा की घोषणा के बाद से बैंकों में बहुत कस्टमर आए, लेकिन सोमवार को इसमें बैंक्वेट हाल की बुकिंग, कैटरिंग की एडवांस बुकिंग संबंधी समेत अन्य जरूरी दस्तावेज भी साथ लेने के बाद से लोगों की भीड़ कम हुई है।
वहीं अब बैंकों में भीड़ कम होने लगी है, लेकिन एटीएम पर अब भी स्थिति पहले जैसी बनी हुई है। शहर के सभी एटीएम पर रोजाना लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं। सोमवार के मुकाबले मंगलवार को शहर के अधिकतर एटीएम पर पैसे निकले, लेकिन अधिकतर जगहों पर सिर्फ 2000 का नोट ही निकला। पहले लोग कैश न होने से परेशान थे, तो मंगलवार को एटीएम से 2000 का नोट निकलने के बाद इसे तुड़वाने के लिए परेशान दिखे।
ढाई लाख कैश के लिए नई गाइडलाइन के बाद भीड़ हुई कम
बैंक अधिकारियों के अनुसार केंद्र सरकार की शादी वाले घरों को उनके खाते से ढाई लाख रुपये तक कैश निकालने देने की सुविधा की घोषणा के बाद से बैंकों में बहुत कस्टमर आए, लेकिन सोमवार को इसमें बैंक्वेट हाल की बुकिंग, कैटरिंग की एडवांस बुकिंग संबंधी समेत अन्य जरूरी दस्तावेज भी साथ लेने के बाद से लोगों की भीड़ कम हुई है।
एसबीआई ने लगाए अतिरिक्त काउंटर
निजी बैंकों में कैश खाली
एसबीआई ने लगाए अतिरिक्त काउंटर
एसबीआई सेक्टर-17 स्थित शाखा के बाहर दो एटीएम होने के बावजूद बैंक की ओर से एक काउंटर अलग से लगाया गया है। इसमें लोगों के लिए दो कार्ड स्वैप मशीन लगाई गई थीं। यहां से लोग अपने कार्ड स्वैप कर 2000 रुपये तक ले रहे थे। लोगों के लिए राहत की बात यह थी कि यह 2000 रुपये 100 रुपये के नोट में थे। वहीं एसबीआई अधिकारियों के अनुसार बैंक में कैश की कोई समस्या नहीं है, 100 और 500 के नोट भी बैंक की ओर से ग्राहकों को दिए जा रहे हैं।
निजी बैंकों में कैश खाली
निजी बैंकों की शहर में मौजूद अधिकतर शाखाओं में मंगलवार को कैश की काफी किल्लत देखने को मिली। अधिकतर निजी बैंकों की करेंसी चेस्ट चंडीगढ़ से बाहर है, इसलिए उन्हें रोजाना बाहर से कैश मिलने में परेशानी हो रही है। कुछ बैंकों की करेंसी चेस्ट हरियाणा में है तो कुछ की दिल्ली। ऐसे में उन तक कैश बहुत सीमित मात्रा में पहुंच रहा है।
निजी बैंक अधिकारियों के अनुसार उन्हें डिमांड का 30 फीसदी तक ही कैश मिल रहा है, जो बैंक में आते ही दो से तीन घंटे में ही निकल जा रहा है। उनके अनुसार 100 के नोट की सबसे अधिक डिमांड है और यह कुल कैश का सिर्फ 10 फीसदी ही मिल रहा है। यानी 20 लाख कैश में से 18 लाख 2000 के नोट में और सिर्फ 2 लाख 100 के नोट में मिल रहा है।
एसबीआई सेक्टर-17 स्थित शाखा के बाहर दो एटीएम होने के बावजूद बैंक की ओर से एक काउंटर अलग से लगाया गया है। इसमें लोगों के लिए दो कार्ड स्वैप मशीन लगाई गई थीं। यहां से लोग अपने कार्ड स्वैप कर 2000 रुपये तक ले रहे थे। लोगों के लिए राहत की बात यह थी कि यह 2000 रुपये 100 रुपये के नोट में थे। वहीं एसबीआई अधिकारियों के अनुसार बैंक में कैश की कोई समस्या नहीं है, 100 और 500 के नोट भी बैंक की ओर से ग्राहकों को दिए जा रहे हैं।
निजी बैंकों में कैश खाली
निजी बैंकों की शहर में मौजूद अधिकतर शाखाओं में मंगलवार को कैश की काफी किल्लत देखने को मिली। अधिकतर निजी बैंकों की करेंसी चेस्ट चंडीगढ़ से बाहर है, इसलिए उन्हें रोजाना बाहर से कैश मिलने में परेशानी हो रही है। कुछ बैंकों की करेंसी चेस्ट हरियाणा में है तो कुछ की दिल्ली। ऐसे में उन तक कैश बहुत सीमित मात्रा में पहुंच रहा है।
निजी बैंक अधिकारियों के अनुसार उन्हें डिमांड का 30 फीसदी तक ही कैश मिल रहा है, जो बैंक में आते ही दो से तीन घंटे में ही निकल जा रहा है। उनके अनुसार 100 के नोट की सबसे अधिक डिमांड है और यह कुल कैश का सिर्फ 10 फीसदी ही मिल रहा है। यानी 20 लाख कैश में से 18 लाख 2000 के नोट में और सिर्फ 2 लाख 100 के नोट में मिल रहा है।