{"_id":"6a9532ae859e2bde730dd6ba","slug":"ai-officers-to-become-ips-officers-in-haryana-preparations-underway-for-an-ai-task-force-in-police-2026-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा में आईपीएस बनेंगे एआई अफसर: पुलिस में एआई टास्क फोर्स की तैयारी, तेज और सटीक होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा में आईपीएस बनेंगे एआई अफसर: पुलिस में एआई टास्क फोर्स की तैयारी, तेज और सटीक होगी जांच
Mon, 31 Aug 2026 01:23 PM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Mon, 31 Aug 2026 01:23 PM IST
सार
महानिदेशक अजय सिंघल के अनुसार, एआई पुलिसकर्मियों की जगह नहीं लेगी, बल्कि उनकी जांच क्षमता बढ़ाएगी। बड़े आंकड़ों का प्राथमिक विश्लेषण तकनीक से होने पर अधिकारी महत्वपूर्ण सुरागों की पुष्टि और आरोपियों से पूछताछ पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।
विज्ञापन
हरियाणा डीजीपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच हरियाणा पुलिस अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) को जांच और पुलिसिंग का हिस्सा बनाने की तैयारी में है। इसके लिए एआई टास्क फोर्स गठित की जा रही है। इसका नेतृत्व आईपीएस रैंक के अधिकारी करेंगे, जिन्हें हरियाणा पुलिस का एआई अफसर नामित किया गया है। टास्क फोर्स का उद्देश्य तकनीक का सुरक्षित और व्यावहारिक इस्तेमाल कर जांच को तेज और अधिक सटीक बनाना है।
पुलिस पहले से एआई आधारित कई डिजिटल प्रणालियों पर काम कर रही है। इनमें शिकायतों के प्रबंधन और न्यायालय से संबंधित सूचनाओं के लिए विकसित व्यवस्थाएं शामिल हैं। नई टास्क फोर्स इन प्रयासों को एक संस्थागत ढांचा देगी और पुलिसिंग में एआई के नए उपयोग तलाशेगी।
साइबर जांच में वित्तीय लेन-देन की कड़ियां तलाशेगी एआई
साइबर अपराध की जांच में बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन, मोबाइल और ऑनलाइन गतिविधियों से जुड़ा बड़ी मात्रा में आंकड़ा सामने आता है। हर रिकॉर्ड की मैनुअल जांच में काफी समय लगता है। ऐसे में पुलिस एआई आधारित वित्तीय लेन-देन विश्लेषण पर काम कर रही है। इसके जरिए संदिग्ध लेन-देन के बीच संबंध, पैटर्न और धन के संभावित प्रवाह को जल्दी समझने में जांच अधिकारियों को मदद मिलेगी।
विज्ञापन
महानिदेशक अजय सिंघल के अनुसार, एआई पुलिसकर्मियों की जगह नहीं लेगी, बल्कि उनकी जांच क्षमता बढ़ाएगी। बड़े आंकड़ों का प्राथमिक विश्लेषण तकनीक से होने पर अधिकारी महत्वपूर्ण सुरागों की पुष्टि और आरोपियों से पूछताछ पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।
विज्ञापन
पुलिस पहले से एआई आधारित कई डिजिटल प्रणालियों पर काम कर रही है। इनमें शिकायतों के प्रबंधन और न्यायालय से संबंधित सूचनाओं के लिए विकसित व्यवस्थाएं शामिल हैं। नई टास्क फोर्स इन प्रयासों को एक संस्थागत ढांचा देगी और पुलिसिंग में एआई के नए उपयोग तलाशेगी।
विज्ञापन
साइबर जांच में वित्तीय लेन-देन की कड़ियां तलाशेगी एआई
साइबर अपराध की जांच में बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन, मोबाइल और ऑनलाइन गतिविधियों से जुड़ा बड़ी मात्रा में आंकड़ा सामने आता है। हर रिकॉर्ड की मैनुअल जांच में काफी समय लगता है। ऐसे में पुलिस एआई आधारित वित्तीय लेन-देन विश्लेषण पर काम कर रही है। इसके जरिए संदिग्ध लेन-देन के बीच संबंध, पैटर्न और धन के संभावित प्रवाह को जल्दी समझने में जांच अधिकारियों को मदद मिलेगी।
विज्ञापन
महानिदेशक अजय सिंघल के अनुसार, एआई पुलिसकर्मियों की जगह नहीं लेगी, बल्कि उनकी जांच क्षमता बढ़ाएगी। बड़े आंकड़ों का प्राथमिक विश्लेषण तकनीक से होने पर अधिकारी महत्वपूर्ण सुरागों की पुष्टि और आरोपियों से पूछताछ पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।