चंडीगढ़ : अभी नहीं टला कोरोना का खतरा, वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ा, पढ़ें- दोनों के लक्षण
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अभी विश्व में फैली महामारी कोरोना का खतरा टला नहीं है। इस बीच मौसम का मिजाज बदलते ही अस्पताल में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। ऐसे में विशेषज्ञ उन्हें बचाव के लिए खान-पान व रहन-सहन में एहतियात बरतने के साथ ही संक्रमण से बचाव के प्रति सावधान रहने की सलाह दे रहे हैं।
जीएमएसएच-16 की ओपीडी में 1 दिन में 1000 से 1200 मरीज देखे जा रहे हैं जिसमें बुखार, सर्दी-जुकाम के मरीजों की संख्या 200 से 250 के बीच है। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना काल में अगर वायरल बुखार से बचाव के प्रति सचेत न रहा गया तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
जीएमएसएच-16 के फिजिशियन डॉ. मनीष चुघ ने बताया कि किसी भी वायरस की वजह से होने वाला बुखार वायरल होता है। यह विशेषकर मौसम बदलने के दौरान होने वाली बीमारी है, जब भी मौसम बदलता है तब तापमान के उतार-चढ़ाव के कारण हमारे शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर पड़ जाता है और शरीर जल्दी वायरस के संक्रमण में आ जाता है।
मौसम में बदलाव, खान-पान में गड़बड़ी या फिर शारीरिक कमजोरी की वजह से भी वायरल बुखार होता है। वायरल बुखार हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम यानी रोग प्रतिरोधक तंत्र को कमजोर कर देता है, जिसकी वजह से वायरल की संक्रमण बहुत तेजी से एक इंसान से दूसरे इंसान तक पहुंच जाते हैं। आमतौर पर वायरल बुखार के लक्षण आम बुखार जैसे ही होते हैं लेकिन इसको नजरअंदाज करने पर व्यक्ति की हालत काफी गंभीर हो सकती है।
कोरोना वायरस और वायरल बुखार में अंतर
वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन के एडवाइजर डॉ. रमनीक सिंह बेदी का कहना है कि वायरल बुखार और कोरोना वायरस के बीच फर्क को समझने के लिए सबसे पहले इनके लक्षणों को समझना जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति में तेज बुखार के साथ सूखी खांसी, सांस लेने में समस्या, मांसपेशियों व शरीर में दर्द, थकान आदि लक्षण दिखाई देते हैं। हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों पर ध्यान दें तो ज्यादातर मामले एसिम्टोमैटिक (बिना लक्षण वाले मरीज) हैं।
वहीं, वायरल बुखार की समस्या होने पर बुखार के साथ सर्दी-जुकाम और कई बार हल्की खांसी की समस्या हो सकती है। अगर इसमें पैरासिटामॉल जैसी कुछ सामान्य दवाएं, गुनगुना पानी और काढ़े का सेवन करते हैं तो यह एक सप्ताह के अंदर पूरी तरह से ठीक हो जाती है जबकि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज के साथ ऐसा नहीं है।
ये लक्षण आप में तो नहीं
थकान, पूरे शरीर में दर्द होना, शरीर का तापमान बढ़ना, खांसी, सिर में दर्द, जोड़ों में दर्द, दस्त, त्वचा पर रेशेज आना, ठंड लगना, गले में दर्द, आंखों का लाल होना व जलन, उल्टी आना।
इन चीजों का रखें ध्यान
- खाने में हरी सब्जियों का प्रयोग ज्यादा करें।
- दूषित पानी एवं भोजन से बचें।
- पानी को पहले उबालकर थोड़ा गुनगुना ही पिएं।
- वायरल बुखार से ग्रस्त रोगी के सम्पर्क में आने से बचें।
- मौसम में बदलाव के समय खान-पान का ध्यान रखें।
- रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखने के लिए आयुर्वेदिक उपचार एवं योग व ध्यान करें।