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Chandigarh News: नगर निकायों में प्रदेश की 896 अवैध काॅलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया पड़ी सुस्त

Thu, 07 Sep 2023 07:36 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 07 Sep 2023 07:36 PM IST
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The process of legalizing 896 illegal colonies of the state in the municipal bodies is slow.
डीटीपी ने नगर निकायों को भेजा था 1908 काॅलोनियों का रिकॉर्ड
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नगर निकायों से अभी तक 1012 काॅलोनियों के प्रस्ताव ही प्रदेश मुख्यालय में पहुंचें
शेष के लिए तीन महीने में प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए
चंडीगढ़। प्रदेश की 896 अवैध कालोनियों को नियमित करने का कार्य सभी नगर निकाय धीमी रफ्तार से कर रहे हैं। टाउन एवं कंट्री प्लानिंग विभाग ने 1908 अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए डाटा नगर निकायों को भेजा था। इसमें से अभी तक 1012 काॅलोनियों के प्रस्ताव निकाय मुख्यालय को मिले हैं। शेष 896 काॅलोनियों के बाशिंदे नगर निकायों की ओर से प्रस्ताव भेजने का इंतजार कर रहे हैं। कब नगर निकायों से प्रस्ताव आएगा, कब ये काॅलोनियां नियमित होंगी और कब विभाग यहां रह रहे लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाएगा? अब ये सवाल लोगों के जख्मों को कुरेद रहे हैं।

तीन साल में सिर्फ सर्वे ही हुआ पूरा
सरकार की ओर से तीन साल से अवैध काॅलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया जारी है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने इन काॅलोनियों का सर्वे किया था। सर्वे रिपोर्ट सरकार को भेजी जा चुकी है। इसके बाद तय हुआ कि जो काॅलोनियां नगर निकाय विभागों के अधीन आती हैं, उनके प्रस्ताव मंगवाए जाएंगे। नगर निकाय विभाग ने भी डाटा का निरीक्षण किया। सरकार ने जल्द से जल्द नगर निकायों को काॅलोनियों के हाउस से प्रस्ताव पारित कर विभाग मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए थे। इसमें अलग-अलग शहरों से काॅलाेनियों के प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं। कई शहरों में तो यह प्रक्रिया काफी धीमी है। इसका खामियाजा काॅलोनियों में रह रहे लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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अवैध होने के कारण नहीं मिल पा रही सुविधाएं
अवैध कॉलोनियों में विभाग सीधे तौर पर सड़क, सीवरेज, पेयजल सहित अन्य सार्वजनिक कार्य नहीं करवा सकता। इन काॅलोनियों में कालोनाइजर प्लाट बेच चुके हैं। अब लोग मूलभूत सुविधाओं से तरस रहे हैं। जैसे ही ये काॅलोनियां वैध हो जाएंगी, इनमें नगर निकाय विभाग सभी तरह की सुविधाएं मुहैया करवा सकेगा। मुख्य रूप से पेयजल और सड़कों की समस्याएं ज्यादा हैं।
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तीन महीने में शेष अवैध काॅलोनियों के प्रस्ताव पारित कर भेजने को कहा

नगर निकाय विभाग के निदेशक डाॅ. यशपाल ने कहा कि नगर निकायों को अगले तीन महीने में सभी शेष अवैध काॅलोनियों के प्रस्ताव पारित कर भेजने के लिए कहा है। जिन काॅलोनियों के प्रस्ताव मिल गए हैं, उनमें नियमों पर खरा उतरने वाली काॅलोनियों को स्वीकृति के लिए सरकार को भेज दिया है। विभाग मुख्यालय में भी छंटनी के लिए जो काॅलोनियां लंबित हैं, उन पर भी काम तेजी से किया जा रहा है।

टाउन प्लानिंग विभाग से एमसी को भेजी सूची एमसी से विभाग मुख्यालय को भेजी शेष
अंबाला 91 09 82
भिवानी 53 25 28
चरखी दादरी 07 07 00
फरीदाबाद 349 155 194
फतेहाबाद 65 64 01
गुरुग्राम 204 137 67
हिसार 74 52 22
झज्जर 92 51 41
जींद 93 71 22
करनाल 70 34 46
कुरुक्षेत्र 44 42 02
कैथल 104 62 42
महेंद्रगढ़ 63 47 16
नूंह 27 27 00
पंचकूला 89 18 71
पलवल 84 00 84
पानीपत 57 00 57
रेवाड़ी 37 35 02
रोहतक 53 11 42
सोनीपत 121 17 104
सिरसा 71 40 31
यमुनानगर 196 104 92


डीटीपी से निकायों को भेजी - 1908

निकायों से विभाग मुख्यालय भेजी गईं - 1012

विभाग मुख्यालय ने त्रुटियां मिलने पर वापस भेजी - 354

निकाय मुख्यालय से सरकार को स्वीकृति के लिए भेजी - 377

निकाय मुख्यालय में छंटनी के लिए स्वीकृत - 281

कुल स्वीकृत काॅलोनी - 211
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