फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   The diet of urban Punjabis is deteriorating, fat has raised concerns

Chandigarh News: सभी केंद्र... शहरी पंजाबियों का बिगड़ रहा खानपान, फैट ने बढ़ाई चिंता

Wed, 16 Jul 2025 08:47 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jul 2025 08:47 PM IST
विज्ञापन
The diet of urban Punjabis is deteriorating, fat has raised concerns
-12 सालों के आंकड़ों ने चौंकाया, रोजाना 11.7 ग्राम बढ़ गया प्रति व्यक्ति फैट का सेवन, केंद्र की रिपोर्ट में आया सामने
विज्ञापन

---
राजिंद्र शर्मा
चंडीगढ़। शहरी पंजाबियों का खानपान पिछले कुछ सालों से तेजी से बिगड़ रहा है। पिछले 12 सालों से रोजाना प्रति व्यक्ति फैट (वसा) का सेवन 11.7 ग्राम बढ़ गया है, जो चिंताजनक है। खानपान में फैट का अधिक मात्रा में सेवन बीमारियों को भी न्योता दे रहा है। इससे मोटापा, हृदय रोग, स्ट्रोक, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कैंसर का भी खतरा बढ़ रहा है। साथ ही यह फैटी लिवर रोग का कारण भी बन रहा है। केंद्र सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार शहरों में वर्ष 2011-12 में रोजाना प्रति व्यक्ति फैट का सेवन 69.2 ग्राम था जो वर्ष 2023-24 में बढ़कर 80.9 ग्राम हो गया है। हर साल ही खानपान में फैट की मात्रा बढ़ रही है। वर्ष 2022-23 में प्रति व्यक्ति फैट का सेवन 78.5 ग्राम था। इसी तरह वर्ष 2023-24 के दौरान इसमें 2.4 ग्राम की बढ़ोतरी हुई है। प्रदेश शहरों में तेजी से फास्ट फूड का चलन बढ़ता जा रहा है जिसमें फैट की अधिक मात्रा होती है। यही प्रमुख कारण है कि लोगों के रोजाना खानपान में फैट की मात्रा बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन

गुजरात पहले, हरियाणा दूसरे नंबर पर
गुजरात और हरियाणा के बाद पंजाब तीसरे नंबर पर है जहां सबसे अधिक मात्रा में फैट से सेवन लोग कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में भी खानपान में फैट की मात्रा पहले से बढ़ रही है, लेकिन शहरों में स्थिति अधिक खराब है। वर्ष 2011-12 के दौरान गांवों में रोजाना प्रति व्यक्ति फैट का सेवन 70.3 ग्राम था, जो वर्ष 2023-24 में बढ़कर 75.4 फीसदी हो गया है। गांवों में भी अब पहले से तैयार खाद्य पदार्थो के सेवन का चलन तेजी से बढ़ रहा है। खासकर बच्चे से इससे अधिक प्रभावित है।
विज्ञापन
विज्ञापन


फैट के अधिक मात्रा में सेवन इन बीमारियों को दे रहा न्योता
-फैट में कैलोरी की मात्रा अधिक होती है, जिसके सेवन से वजन बढ़ता है, जिससे मोटापा हो सकता है। मोटापे के कारण ही कई तरह की बीमारियां होती है।
-मोटापे के कारण उच्च रक्तचाप की समस्या हो सकती है, जो हृदय और गुर्दे को नुकसान पहुंचा सकती है।
-अत्यधिक फैट का सेवन कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकता है, जिससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
-यह दस्त और अन्य पाचन संबंधित समस्याओं को जन्म देता है।
-इससे कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा भी बढ़ा सकता है। इसी तरह अगर रेड मीट और डेयरी उत्पादों के रूप में फैट का अधिक सेवन करते हैं, तो अग्नाशय के कैंसर होने की संभावना बढ़ सकती है।

-इससे मधुमेह का खतरा भी बढ़ सकता है। मधुमेह अक्सर मोटापे के साथ होता हैं, क्योंकि शरीर का अतिरिक्त वजन इंसुलिन के स्तर को प्रभावित कर सकता है।

कोट
फैट का अधिक मात्रा में सेवन कई तरह की बीमारियों को जन्म देता है। दिन के आहार में 15-25 ग्राम फैट शामिल किया जा सकता है, जो सेहत के लिए फायदेमंद है। इसके लिए फास्ट फूड की जगह ताजे फल और सब्जियों को अपने रोजाना के खानपान में शामिल करना चाहिए। साथ ही बाहर से मंगवाने की जगह घर के खाने का ही सेवन करना चाहिए, क्योंकि उसमें फैट कम होता है।
-डॉ. सोनिया गांधी, आहार और पोषण विशेषज्ञ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed