चंडीगढ़। ठंड बढ़ने के साथ ही सैर करने वालों की सेहत पर खतरा मंडराने लगा है। विशेषज्ञ सेहत को ध्यान में रखते हुए व्यायाम करने के साथ-साथ उन्हें सूर्योदय के बाद घर से बाहर निकलने की सलाह दे रहे हैं। अनदेखी करने वाले लोगों को फेफड़े का संक्रमण, हृदय संबंधी खतरा और जोड़ों में दर्द की शिकायत बढ़ने लगी है। वहीं, बुजुर्गों को गर्म कपड़ों का उपयोग कर सुबह 10:00 बजे के बाद बाहर निकलने को कहा जा रहा है क्योंकि इस समय ठंडी हवा में मौजूद नमी शरीर के लिए घातक सिद्ध हो सकती है। पीजीआई के एडवांस कार्डियक सेंटर के प्रमुख प्रोफेसर यशपाल शर्मा का कहना है कि ठंड के मौसम में हृदय के रोगियों को सुबह की सैर नहीं करनी चाहिए, क्योंकि उस दौरान शरीर को गर्म रखने के लिए हृदय को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ जाता है। पीजीआई सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर रविंद्र खैवाल का कहना है कि ठंड के मौसम में शरीर का खास ख्याल रखना पड़ता है क्योंकि इस समय वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। सुबह की हवा में CO, CO2, so2 और no2 जैसी जहरीली गैसों के कण मौजूद होते हैं जो शरीर के लिए नुकसानदायक है। इसकी वजह से हार्ट, लंग, कैंसर और सीओपीडी जैसी बीमारियां हो सकती हैं। प्रो. रविंद्र का कहना है कि सामान्य तौर पर सर्दी के मौसम में मॉर्निंग वॉक पर जाना 7:00 बजे के बाद फायदेमंद है जब हल्की धूप की किरणें निकल आती है। उन्होंने बताया कि जो लोग अस्थमा की बीमारी से पीड़ित हैं उन्हें सर्दियों में सैर पर नहीं निकलना चाहिए, क्योंकि स्मॉग से भरी हवा में लगातार सांस लेने से सांस की नली में जलन, पाइप में सूजन, फेफड़ों और छाती में जमाव की शिकायत हो सकती है। इससे अस्थमा के रोगियों की दिक्कत बढ़ सकती है।