स्वामी आर्यवेश ने खोला रामपाल का एक राज
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रामपाल दास ने लोकप्रियता हासिल करने के लिए स्वामी दयानंद पर टिप्पणी की थी। सच अब सबके सामने आ गया है। लोग धर्म के नाम पर एजेंट बन आमजन की आंखों में धूल झोंक रहे हैं, यह निंदनीय है। अंधविश्वास व पाखंड के खिलाफ दिसंबर से पूरे प्रदेश में आंदोलन चलाया जाएगा।
फरवरी में शुरू होने वाली पाखंड पोल-खोल यात्रा का खाका जींद में 14 दिसंबर को होने वाले प्रांतीय आर्य महासम्मेलन में तैयार किया जाएगा। सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान स्वामी आर्यवेश ने बुधवार को यहां एक टूरिस्ट कांप्लेक्स में पत्रकारवार्ता में यह जानकारी दी।
ये होगा यात्रा में
स्वामी आर्यवेश ने बताया कि नशाखोरी, कन्या भ्रूण हत्या और पाखंड व अंधविश्वास के खिलाफ पाखंड पोल-खोल यात्रा के पहले चरण में संघर्ष समितियां बनाई जाएंगी, जो गांव-गांव जाकर जागरूक करेंगी।
दूसरे चरण में जिला स्तर पर जन सभाएं व रैलियां और तीसरे चरण में आमजन को साथ लेकर आंदोलन होगा। राष्ट्रीय स्तर पर भी कार्यक्रम होंगे। 27 नवंबर को दिल्ली और 30 को पंजाब में आर्य समाज कार्यकर्त्ता सम्मेलन होगा।
31 दिसंबर को संकल्प अभियान करेंगे पूरा
स्वामी आर्यवेश ने दावा किया कि 31 दिसंबर तक पूरे प्रदेश में एक लाख युवाओं को नैतिकता, ईमानदारी, समाजसेवा और देशभक्ति का संकल्प दिया जाएगा। इसके लिए संकल्प पत्र भी भरवाएं जाएंगे।
जिला स्तर पर कार्यकर्त्ताओं की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। संयोजन के लिए पूनम आर्या, प्रवेश आर्या, ब्रह्मचारी दीक्षेंद्र आर्य, आचार्य संतराम व डॉ. श्याम देव की कमेटी बनाई गई है।
कन्या भ्रूण हत्या पर धारा 302 लगाए सरकार
कन्या भ्रूण हत्या के मामले में हरियाणा शर्मसार हो रहा है। सरकार जब तक अभिभावक व डॉक्टर की जवाबदेही तय नहीं करेगी और धारा 302 लगाने का कानून पास नहीं करेगी, तब तक यह कलंक नहीं मिट सकता।
मांग की गई कि आध्यात्मिक मूल्य और नैतिक शिक्षा का स्कूल और कॉलेज के पाठ्यक्रम में समावेश हो ताकि बच्चे व युवा अच्छे नागरिक बन सकें।