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सिधवां बेट सरकारी अस्पताल रिश्वत कांड: रिकॉर्ड खंगालने पहुंची एजी पंजाब की टीम

Thu, 05 Feb 2026 06:33 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 05 Feb 2026 06:33 PM IST
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Sidhwani Bet Government Hospital bribery case: AG Punjab team arrives to examine records.
-विजिलेंस की गिरफ्तारी के बाद जांच पर उठे सवाल, कर्मचारियों से की गई पूछताछ
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---संवाद न्यूज एजेंसी
जगरांव। सरकारी अस्पताल सिधवां बेट में सामने आए कथित रिश्वतखोरी मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। ऑडिट टीम के नाम पर डिस्पेंसरी कर्मचारियों से 2500 से 6000 रुपये तक की अवैध वसूली के आरोपों के बीच वीरवार को एजी पंजाब, चंडीगढ़ से दो सदस्यीय टीम कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) सिधवां बेट पहुंची। टीम ने अस्पताल के रिकॉर्ड खंगालने के साथ कर्मचारियों से गहन पूछताछ की।
टीम के आगमन की सूचना पहले ही स्टाफ को दे दी गई थी। इसके बाद सभी डिस्पेंसरी कर्मचारियों को संदेश भेजकर अस्पताल बुलाया गया। टीम ने कर्मचारियों से पूछा कि क्या वे ऑडिट टीम से मिले थे, क्या उनसे रिश्वत मांगी गई और क्या किसी ने पैसे दिए। रिश्वत कांड का खुलासा करने वाले सरपंच पति बलकार सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह टीम निष्पक्ष जांच के बजाय मामले में फंसे अधिकारियों को बचाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना था कि सामान्यतः ऑडिट टीम सीधे कर्मचारियों से नहीं, बल्कि उच्च अधिकारियों से संपर्क करती है।
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टीम के सदस्यों ने मीडिया से बातचीत से बचते हुए न तो अपना नाम बताया और न ही आने का उद्देश्य स्पष्ट किया। वहीं, अस्पताल की डॉक्टर अंकिता पटियाल भी यह स्पष्ट नहीं कर सकीं कि कर्मचारियों को किसके निर्देश पर बुलाया गया।
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विजिलेंस कार्रवाई का पूरा मामला
गौरतलब है कि पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने एसएमओ डॉ. हरकीरत गिल और सीनियर असिस्टेंट सतविंदर सिंह को 32 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि ऑडिट के नाम पर करीब 50 कर्मचारियों से प्रति कर्मचारी 2500 से 6000 रुपये की मांग की जा रही थी। छापेमारी के दौरान डॉ. गिल के पास से 1.04 लाख और सतविंदर सिंह से 1.07 लाख रुपये बरामद हुए। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच जारी है।
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