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फिल्मों में अब असली पंज प्यारे ही निभाएंगे किरदार, अकाल तख्त ने सुनाए कई फरमान

Fri, 07 Apr 2017 09:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब) Updated Fri, 07 Apr 2017 09:15 AM IST
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shri akal takht major decisions about role of panj pyare in movies and shooting in gurudwara
अकाल तख्त पर पेश हुए मंत्री सिकंदर सिंह मलूका
अब फिल्मों या किसी टीवी कार्यक्रम में पंज प्यारे के रूप में अभिनय केवल असली पंज प्यारे ही कर सकते हैं। अकाल तख्त ने ऐसे ही कई बड़े फरमान सुनाये हैं। इसके तहत कोई कलाकार पंज प्यारे के रूप में अभिनय नहीं कर सकता। फरमान में कहा गया है कि फिल्मों में पांज प्यारे केवल असली सिंह ही बनेंगे, जिन्हें पंथ सर्वसम्मति से पंज प्यारे के तौर पर नवाजता है।
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इसी प्रकार गुरुघरों में इस प्रकार की शूटिंग के लिए भी श्री अकाल तख्त साहिब से अब मंजूरी लेना जरूरी होगा। यह फरमान श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेजार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने जारी किया है। जत्थेदार ने कहा कि फिल्में मनोरंजन के लिए होती हैं या फिर समाज को संदेश देने के लिए। दुखद पहलू है कि आज के दौर में फिल्में न स्वस्थ मनोरंजन दे पा रही हैं और न बेहतर संदेश। सिख कौम को कभी चुटकलों के सहारे सोशल मीडिया पर बदनाम किया जाता है,
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तो कभी फिल्मों में सिख धर्म के नाम पर फिल्में सुपरहिट कराई जाती हैं। कई बार फिल्म को चर्चा में लाने के लिए विवादित सीन डाल दिए जाते हैं। फिल्मों में पंज प्यारे का किरदार निभाने वाले ज्यादातर कलाकार सिख नहीं होते, ऐसे में पंज प्यारे का किरदार अब केवल असली पंज प्यारे ही करेंगे, वो भी इजाजत के बाद। किसी भी गुरुद्वारे में फिल्म-सीरियल की शूटिंग मंजूरी के बाद ही करने दी जाएगी, क्योंकि सिख धर्म के प्रचार के लिए मर्यादा भी जरूरी है।
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पाकिस्तान में नहीं छपेंगे श्री गुरुग्रंथ साहिब

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श्री गुरू ग्रंथ साहिब - फोटो : अमर उजाला
बैसाखी पर्व भारत-पाकिस्तान दोनों ही मुल्कों में मनाया जाता है। पाकिस्तान में ननकाना साहिब में इसे विशेष रूप से मनाया जाता है। इस बार भी बैसाखी के मद्देनजर पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी व एक्यू ट्रस्ट प्रापर्टी बोर्ड की बैठक मंगलवार देर शाम हुई। इसमें कमेटी के प्रधान तारा सिंह व एक्यू ट्रस्ट के चेयरमैन फारुक-उल-सिद्दीकी शामिल हुए। सिद्दीकी ने साफ कर दिया कि पाकिस्तानी हुकूमत ने मुल्क में श्री गुरुग्रंथ साहिब की छपाई से इंकार कर दिया है। ऐसे में इस बार करतार पुर साहिब की बावली का पवित्र अमृत ननकाना साहिब आने वाले श्रद्धालुओं को नहीं दे पाएंगे।

अकाल तख्त की मंजूरी के बिना नहीं होगा गुरुद्वारा का निर्माण
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने फरमान जारी किया है कि देश-दुनिया में कोई भी बिना श्री अकाल तख्त साहिब की मंजूरी के गुरुद्वारे का निर्माण नहीं करा सकता। बगैर इजाजत निर्माण को गुरुद्वारे के तौर पर मान्यता नहीं दी जा सकती। हालांकि फरमान से इसी अकाल तख्त साहिब के लिए सरबत खालसा के मनोनीत जत्थेदार ध्यान सिंह मंड सहमत नहीं हैं।

उनका कहना है कि गुरुघर बनाने के लिए इजाजत कैसी, हां धार्मिक मर्यादा से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अब जत्थेदार ध्यान सिंह मंड ने 20 अप्रैल को जत्थेदारों की बैठक बुलाई है। वहीं दूसरी तरफ जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने नौ अप्रैल को बैठक बुला ली है। दोनों जत्थेदारों के बीच जहां मतभेद नजर आ रहे हैं, वहीं एसजीपीसी चुनाव करवाने को लेकर भी आवाज उठने लगी है। ऐसे में जत्थेदार  ध्यान सिंह मंड बड़ा फरमान जारी कर सकते हैं।
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