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फायरिंग मामले में सात साल की सजा
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चंडीगढ़। सेक्टर-8 स्थित स्कोर क्लब के बाहर फायरिंग मामले में दोषी कंवलजीत सिंह उर्फ कमल को जिला अदालत ने 7 साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने इस केस में लखविंदर सिंह, किंदरबीर और शरनप्रीत को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील अशोक रोहिला की तरफ से दलील दी गई कि केस में सभी आरोपियों ने एक साथ मिलकर हमला किया था। इस दौरान सभी की मंशा भी एक ही थी, इसलिए सभी सजा के पात्र हैं।
आरोपी लखविदर सिंह और किदरबीर सिंह के वकील रबिंदरा पंडित ने बताया कि वारदात में घायल युवती ने अदालत में बताया था कि उसकी आरोपियों के साथ कोई रंजिश नहीं है और उनके नाम भी पता नहीं थे। पुलिस ने उसे आरोपियों के नाम बनाए थे। उसने रात के समय अंधेरा होने से पहचानने में भी संदेह जाहिर किया था। ऐसे में उन्हें संदेह के लाभ के चलते बरी किया गया है। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने एक जून 2015 को सभी के खिलाफ डिस्को के सिक्योरिटी ऑफिसर की शिकायत पर केस दर्ज किया था।
क्या था मामला
नया गांव निवासी सुरजीत सिंह ने एक जून 2015 को पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह सेक्टर-8 स्कोर क्लब में सिक्योरिटी ऑफिसर कार्यरत है। रात 2 बजे उन्होंने क्लब बंद कर दिया था। तभी चार युवक आए और शराब मांगने लगे। क्लब बंद होने की बात कहने पर वह बहस करने के बाद गाली गलौच करते हुए पार्किंग की तरफ चले गए। एक युवक ने कार का शीशा तोड़कर पिस्टल निकाल ली, जबकि अन्य ने डंडे उठा लिए। वह फायरिंग करते हुए क्लब की तरफ आए। एक गोली उसके पास से निकल पीछे खड़ी युवती को लगी। इसके बाद युवक कार की नंबर प्लेट तोड़कर अपने साथ लेकर भाग गए। फायरिंग से शिल्पा, दीप कुमार और आकाशदीप घायल हुए थे, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
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आरोपी लखविदर सिंह और किदरबीर सिंह के वकील रबिंदरा पंडित ने बताया कि वारदात में घायल युवती ने अदालत में बताया था कि उसकी आरोपियों के साथ कोई रंजिश नहीं है और उनके नाम भी पता नहीं थे। पुलिस ने उसे आरोपियों के नाम बनाए थे। उसने रात के समय अंधेरा होने से पहचानने में भी संदेह जाहिर किया था। ऐसे में उन्हें संदेह के लाभ के चलते बरी किया गया है। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने एक जून 2015 को सभी के खिलाफ डिस्को के सिक्योरिटी ऑफिसर की शिकायत पर केस दर्ज किया था।
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क्या था मामला
नया गांव निवासी सुरजीत सिंह ने एक जून 2015 को पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह सेक्टर-8 स्कोर क्लब में सिक्योरिटी ऑफिसर कार्यरत है। रात 2 बजे उन्होंने क्लब बंद कर दिया था। तभी चार युवक आए और शराब मांगने लगे। क्लब बंद होने की बात कहने पर वह बहस करने के बाद गाली गलौच करते हुए पार्किंग की तरफ चले गए। एक युवक ने कार का शीशा तोड़कर पिस्टल निकाल ली, जबकि अन्य ने डंडे उठा लिए। वह फायरिंग करते हुए क्लब की तरफ आए। एक गोली उसके पास से निकल पीछे खड़ी युवती को लगी। इसके बाद युवक कार की नंबर प्लेट तोड़कर अपने साथ लेकर भाग गए। फायरिंग से शिल्पा, दीप कुमार और आकाशदीप घायल हुए थे, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
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