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एक दिलेर सिख, जिसने विदेशी सरजमीं पर दिलाया पगड़ी को सम्मान, दंग करेगा इनका जज्बा
Mon, 21 Jan 2019 09:22 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबाला(हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबाला(हरियाणा)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 21 Jan 2019 09:22 AM IST
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गुरिंदर सिंह खालसा
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इस सिख की दिलेरी को सलाम कीजिए, जिसने विदेशी सरजमीं पर पगड़ी को सम्मान दिलाने के लिए वो लड़ाई लड़ी, विदेशी दंग रह गए जज्बा देखकर। ये हैं हरियाणा में अंबाला जिले के रहने वाले गुरिंदर सिंह खालसा, जो एक छोटे से गांव अधोई से निकल कर न्यूयार्क गए और वहां ऐसा काम करके दिखाया कि विश्व में सिख समाज का सिर गर्व से ऊंचा हो गया।
उन्होंने सिख समाज के लोगों में एक हस्ताक्षर अभियान चलाया, जिसके लिए उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका के इंडियाना राज्य में आयोजित विविधता पुरस्कार समारोह में ‘रोजा पार्क ट्रेलब्लेजर अवॉर्ड’से नवाजा गया। यह पुरस्कार समारोह भारतीय अल्पसंख्यक व्यापार पत्रिका (आईएमबीएम) द्वारा आयोजित किया गया।
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उन्होंने सिख समाज के लोगों में एक हस्ताक्षर अभियान चलाया, जिसके लिए उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका के इंडियाना राज्य में आयोजित विविधता पुरस्कार समारोह में ‘रोजा पार्क ट्रेलब्लेजर अवॉर्ड’से नवाजा गया। यह पुरस्कार समारोह भारतीय अल्पसंख्यक व्यापार पत्रिका (आईएमबीएम) द्वारा आयोजित किया गया।
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ये था मामला, जिसके लिए पुरस्कार मिला
दरअसल गुरिंदर सिंह को वर्ष 2007 में न्यूयॉर्क के बफेलो नियाग्रा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टीएसए सिक्योरिटी एजेंसी ने पगड़ी उतार कर चेकिंग ब्लेट पर रखने को कहा था, लेकिन गुरिंदर सिंह ने इसे पगड़ी का अपमान बताते हुए ऐसा करने से मना कर दिया। इसके बाद उन्होंने उस हवाई यात्रा को छोड़ दिया।
फिर पगड़ी के मान की खातिर उन्होंने हस्ताक्षर अभियान चलाकर टीएसए की इस नीति को बदलने की मुहिम शुरू की। नीति बदलने के लिए 20 हजार हस्ताक्षर कराने थे, लेकिन उन्होंने 67 हजार हस्ताक्षर एकत्रित कर लिए। इसके बाद सिक्योरिटी एजेंसी को नियम में बदलाव करना पड़ा। अब सिखों को एयरपोर्ट पर चेकिंग के दौरान पगड़ी नहीं उतारनी पड़ती।
फिर पगड़ी के मान की खातिर उन्होंने हस्ताक्षर अभियान चलाकर टीएसए की इस नीति को बदलने की मुहिम शुरू की। नीति बदलने के लिए 20 हजार हस्ताक्षर कराने थे, लेकिन उन्होंने 67 हजार हस्ताक्षर एकत्रित कर लिए। इसके बाद सिक्योरिटी एजेंसी को नियम में बदलाव करना पड़ा। अब सिखों को एयरपोर्ट पर चेकिंग के दौरान पगड़ी नहीं उतारनी पड़ती।