Haryana News: 11 हजार ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, आज से तीन दिवसीय हड़ताल पर
यूनियन नेताओं ने कहा कि मांगों को लेकर कर्मचारी लंबे समय से आंदोलन पर हैं। 20 अगस्त 2022, 9 सितंबर 2022, 26 दिसंबर 2022 और 28 जून 2023 को चार दौर की वार्ता पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली के साथ हो चुकी हैं। मगर हमारी मांगों का समाधान नहीं हुआ।
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हरियाणा के 11 हजार ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों ने 10 अक्तूबर से तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल का एलान किया है। इस हड़ताल को सफल बनाने के लिए सीटू से संबंधित ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा ने कमर कस ली है। ऐसे में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।
ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा (सीटू) राज्य प्रधान देवीराम, महासचिव विनोद कुमार, कोषाध्यक्ष संदीप सिंह, वरिष्ठ उप-प्रधान बसाऊराम व उप महासचिव जोगिन्दर सिंह ने यह जानकारी दी।
यूनियन नेताओं ने कहा कि मांगों को लेकर कर्मचारी लंबे समय से आंदोलन पर हैं। 20 अगस्त 2022, 9 सितंबर 2022, 26 दिसंबर 2022 और 28 जून 2023 को चार दौर की वार्ता पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली के साथ हो चुकी हैं। विनोद कुमार ने कहा कि मंत्री ने हर बार समाधान का आश्वासन दिया लेकिन आज तक मांगों और समस्याओं का कोई समाधान नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि 23 जनवरी को विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अधिकारियों व यूनियन प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता में वेतन बढ़ोतरी, सालाना वेतन में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी, मासिक वर्दी धुलाई भत्ता देने और काम के औजारों का भत्ता देने की सहमति बन चुकी है लेकिन 17 अप्रैल से ये फाइल मुख्यमंत्री की टेबल पर मंजूरी के लिए पड़ी हैं। ऐसे में वे मांगों को लेकर 10 अक्तूबर से तीन दिवसीय हड़ताल पर जाने पर मजबूर हैं।
ये हैं प्रमुख मांगें
- विधानसभा में नीति बनाकर सफाई कर्मियों को पक्का किया जाए।
- सभी ग्रामीण सफाई कर्मियों को बीडीपीओ के पे-रोल पर लिया जाए।
- हरियाणा रोजगार कौशल निगम को भंग किया जाए और सफाई कर्मियों को पक्का किया जाए।
- सभी सफाई कर्मियों के लिए 26,000 रुपये मासिक न्यूनतम वेतन लागू किया जाए।
- 2000 की बजाय 400 की आबादी पर एक कर्मचारी की स्थाई नियुक्ति की जाए।
- बराबर वेतन, वर्दी भत्ता, पीएफ और ईएसआई दिया जाए।
- 500 रुपये मासिक काम के औजारों का भत्ता दिया जाए।