फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   'Research affected by corona period, this time should be declared zero'

‘कोरोना काल से शोध प्रभावित, यह समय जीरो घोषित हो’

Sat, 19 Jun 2021 02:42 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 19 Jun 2021 02:42 AM IST
विज्ञापन
'Research affected by corona period, this time should be declared zero'
‘कोरोना काल से शोध प्रभावित, यह समय जीरो घोषित हो’
विज्ञापन

पीयू में 700 से अधिक हैं शोधार्थी, अधिकांश बोले- फील्ड में नहीं जा सके
प्रयोगशालाओं में नहीं जाने के चलते जरूरी कार्य भी नहीं हो पाया
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। कोरोना काल ने शोध को भी काफी प्रभावित किया। शोधार्थियों के कदम रोकने की पूरी कोशिश की। इसके कारण शोध का कुल समय कम हो गया जबकि कार्य कुछ किया ही नहीं। इसने शोधार्थियों को परेशानी में डाल दिया। अब शोधार्थी चाहते हैं कि लॉकडाउन का काल जीरो घोषित हो ताकि वे समय पर अपने शोध जमा कर सकें। पीयू से उन्होंने कई बार कहा, लेकिन किसी ने बात नहीं सुनी। हालांकि पिछले साल जीरो समय किया गया था, लेकिन इस बार इसे लेकर निर्णय नहीं लिया गया।
पीयू में 700 से अधिक शोधार्थी हैं। हर शोध का कार्य समय से जुड़ा होता है। शोध शुरू करने से पहले शोधार्थियों को एक थीसिस जमा करनी पड़ती है, जिसमें साफ लिखा होता है कि वे इस कार्य को कितने दिन में पूरा कर देंगे। कार्य तय समय पर पूरा नहीं होता है तो विद्यार्थियों को एक्सटेंशन मिलती है। अब कोरोना बीच में आने के कारण कई शोधार्थियों का समय शोध में कम हो गया। इसी समय को वे जीरो करवाना चाहते हैं।
विज्ञापन

फोटो---
शोध में न जोड़ा जाए कोरोना काल
कोरोना काल का समय शोध के समय के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। जब छात्रों के शोध के समय में बढ़ोतरी होगी तो उन्हें लाभ मिलेगा और परिणाम भी बेहतर आएंगे। -जसविंदर, शोधार्थी, जंतु विज्ञान विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

फोटो-
कोरोना काल जीरो सेशन हो
कोरोना ने शोध को पूरी तरह प्रभावित किया। लॉकडाउन के कारण शोध के लिए बाहर नहीं जा पाए। फील्ड वर्क व प्रयोगशाला में पहुंचना जरूरी था, इसलिए कोरोना काल को जीरो सेशन में जोड़ा जाए। -निशांत रतन, शोधार्थी, कानून विभाग

फोटो-
कोरोना के कारण विद्यार्थी पहले ही परेशानी में हैं। पीयू उनकी परेशानी कम करने के बजाय बढ़ा रही है। कोरोना काल में जब शोध हुआ ही नहीं तो उस समय को शोध के समय के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। -नरिंदर पाल, शोधार्थी, इतिहास विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed