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Punjab: इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को आखिर डेढ़ साल बाद मिलेगा इंसेंटिव, परिवहन विभाग ने पोर्टल किया तैयार

Tue, 23 Jul 2024 08:39 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 23 Jul 2024 08:39 AM IST
सार

पंजाब सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन नीति तैयार की थी, जिसमें फरवरी 2023 में जारी किया गया था। नीति का मुख्य मकसद ई-वाहनों को बढ़ावा देने के साथ ही इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने, इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने और निर्माता इकाइयों को प्रदेश में आकर्षित करना था।

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Punjab Transport Department start issuing incentives in all pending cases in Electric Vehicle buying soon
Electric Vehicle - फोटो : Freepik

विस्तार

पंजाब में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। परिवहन विभाग सभी लंबित केसों में इंसेंटिव जारी करना शुरू कर देगा। डेढ़ साल बाद आखिर विभाग ने अपना पोर्टल तैयार कर लिया है और एक महीने के अंदर लोगों को यह राशि मिलनी शुरू हो जाएगी। विभाग ने पिछले साल फरवरी में पंजाब इलेक्ट्रिक वाहन नीति जारी की थी, जिसमें दोपहिया और तीनपहिया वाहनों को इंसेंटिव जारी करने का फैसला लिया था।
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पोर्टल तैयार न होने के चलते विभाग लोगों को इंसेंटिव जारी नहीं कर पा रहा था। यही कारण है कि इंसेंटिव के केस तो तैयार करके विभाग को भेजे जा रहे थे, लेकिन पोर्टल न होने के चलते वह राशि जारी नहीं कर पा रहा था। अब विभाग ने एसडीएफसी बैंक के साथ मिलकर यह पोर्टल तैयार किया है, ताकि लोगों को इंसेंटिव जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। साथ ही ज्यादा से ज्यादा लोगों को ई-वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। लोग ई-वाहन खरीदने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं।
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पंजाब सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन नीति तैयार की थी, जिसमें फरवरी 2023 में जारी किया गया था। नीति का मुख्य मकसद ई-वाहनों को बढ़ावा देने के साथ ही इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने, इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने और निर्माता इकाइयों को प्रदेश में आकर्षित करना था। तीन साल के लिए पॉलिसी जारी की गई थी, जिसमें दोपहिया वाहनों के लिए इस पीरियड के दौरान 50 करोड़ रुपये अधिकतम इंसेंटिव जारी करने की योजना बनाई गई थी। इसके अलावा तीन पहिया और ई-साइकिल समेत अन्य वर्ग में यह इंसेंटिव अलग-अलग तय किया गया था। हर साल नीति की समीक्षा करने की भी योजना है।
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दोपहिया वाहनों के लिए अधिकतम 10 हजार रुपये इंसेंटिव 

नीति के अंदर दोपहिया वाहनों के लिए प्रति किलोवाट ऑवर बैटरी की क्षमता के हिसाब से 3 हजार रुपये इंसेंटिव तय किया गया है, जो अधिकतम 10 हजार है। पहले 50 हजार पंजीकृत दोपहिया वाहनों को यह इंसेंटिव मिलना है। इसी तरह ई-थ्री व्हीलरों को इंसेंटिव देने के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान है। प्रति किलोवाट ऑवर बैटरी क्षमता पर तीन हजार रुपये इंसेंटिव दिया जाता है, जो अधिकतम 30 हजार रुपये तय किया गया है। पहले 5 हजार पंजीकृत ई-थ्री व्हीलरों को यह इंसेंटिव दिया जाना है। इसी तरह ई-रिक्शा व ई-कार्ट्स पर भी यह इंसेंटिव दिया जाता है। प्रति किलोवाट ऑवर बैटरी क्षमता के अनुसार 3 हजार रुपये यह इंसेंटिव जारी किया जाता है, जो अधिकतम 15 हजार रुपये है। पहले 10 हजार पंजीकृत ई-कार्ट्स के लिए यह इंसेंटिव मिलेगा।
 
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