फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab-Haryana High Court refused to grant bail to accused of smuggling through drone from Pakistan

Punjab: ड्रोन से नशे-हथियारों की तस्करी के आरोपी को जमानत देने से हाईकोर्ट का इनकार, आरोपों को बताया संगीन

Thu, 22 Dec 2022 03:00 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 22 Dec 2022 03:00 PM IST
सार

गुरलाल सिंह ने कहा कि इस मामले में उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उसे सिर्फ सह आरोपी के बयान के आधार पर फंसाया जा रहा है। याची को जमानत से इन्कार करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि यह संगीन मामला है और हिरासत में पूछताछ जरूरी है।

विज्ञापन
Punjab-Haryana High Court refused to grant bail to accused of smuggling through drone from Pakistan
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo

विस्तार

पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये नशे व हथियारों की तस्करी के आरोपी को जमानत देने से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने साफ इन्कार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में आरोप बेहद संगीन हैं। पुलिस को सूचना मिली थी कि फरीदकोट में कुछ लोग एक गैंग चला रहे हैं। यह गैंग भारत में बैठकर इंटरनेट के माध्यम से हथियारों व नशे की तस्करी के लिए ऑर्डर करते थे। पाकिस्तान में बैठे इनके साथी ऑर्डर की डिलीवरी ड्रोन के माध्यम से भारत में करते थे।

विज्ञापन


इस मामले में पकड़े गए आरोपी हरजिंदर सिंह ने पूछताछ में याचिकाकर्ता गुरलाल सिंह का नाम लिया था। गुरलाल सिंह ने कहा कि इस मामले में उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उसे सिर्फ सह आरोपी के बयान के आधार पर फंसाया जा रहा है। याची को जमानत से इन्कार करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि यह संगीन मामला है और हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
विज्ञापन

 

मजदूर नेता शिव कुमार को हरियाणा पुलिस ने अवैध हिरासत में रखकर किया था प्रताड़ित
कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान नवदीप कौर की गिरफ्तारी के बाद हिरासत में लिए गए मजदूर अधिकार संगठन के प्रधान शिव कुमार को हरियाणा पुलिस ने अवैध हिरासत में रख कर प्रताड़ित किया था। मामले की जांच रिपोर्ट सौंपते हुए पंचकूला के जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक गुप्ता ने यह खुलासा किया है। हाईकोर्ट ने रिपोर्ट को रिकार्ड पर लेकर हरियाणा सरकार को 27 जनवरी तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

याचिका दाखिल करते हुए राजबीर सिंह ने हाईकोर्ट को बताया था कि उसका बेटा कुंडली इंडस्ट्रीयल एरिया में मजदूर अधिकार संगठन का अध्यक्ष है। आंदोलन के दौरान मजदूरों ने किसानों के समर्थन का फैसला लिया। 28 दिसंबर 2020 को कुछ मजदूर अपने लंबित वेतन की मांग करते हुए फैक्ट्री पहुंचे जहां इंडस्ट्री एसोसिएशन की क्विक रिस्पांस टीम को बुलाकर मजदूरों को तितर-बितर कर दिया गया। 12 जनवरी को मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठियां भांजी और नवदीप कौर को बालों से घसीट कर पुलिस ले गई। याची के बेटों को पुलिस ने 16 जनवरी को हिरासत में लेकर यातना दी और गिरफ्तारी 23 जनवरी को दिखाई। 

गिरफ्तारी के समय की मेडिकल रिपोर्ट और कोर्ट के आदेश पर किए मेडिकल की रिपोर्ट में बहुत अधिक फर्क पाने पर हाईकोर्ट ने फरीदाबाद के तत्कालीन सेशन जज दीपक गुप्ता को जांच का जिम्मा सौंपा था। अब वर्तमान में पंचकूला के जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक गुप्ता ने अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए बताया कि जांच में सामने आया है कि सोनीपत पुलिस ने शिव कुमार को अवैध हिरासत में रखा था और प्रताड़ित किया था। गुप्ता ने अपनी रिपोर्ट में पुलिस, डॉक्टर व एक न्यायिक मजिस्ट्रेट को दोषी ठहराया है। उन्होंने बताया कि शिव कुमार के शरीर आठ चोट थी जो बांई व दांई जांघ, दाएं व बाएं पैर और कलाई पर थी। यह चोट हिरासत के दौरान दी गई यातना का सबूत है। गुप्ता ने एक महिला आईपीएस, न्यायिक मजिस्ट्रेट, डॉक्टर, पीड़ित और पुलिस सहित कुल 15 को जांच में शामिल किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed