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मृतक 60 वर्ष से ऊपर तो भी राजीव गांधी परिवार बीमा के तहत परिवार मुआवजे का हकदार: हाईकोर्ट
Tue, 16 Apr 2019 11:47 AM IST
खुशबू गोयल
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 16 Apr 2019 11:47 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि यदि मृतक की आयु 60 वर्ष से अधिक भी हो तो भी उसका परिवार राजीव गांधी परिवार बीमा योजना का लाभ पाने का पात्र है। पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने यह आदेश हरियाणा सरकार द्वारा लोक अदालत के फैसले के खिलाफ दाखिल याचिका को खारिज करते हुए जारी किए हैं।
याचिका दाखिल करते हुए हरियाणा सरकार ने कहा कि संतोष के पति की मौत कुएं में गिरने से 22 मार्च 2012 को हो गई थी। इसके बाद लोक अदालत में केस पहुंचा तो लोक अदालत ने मृतक के परिजनों को 1 लाख रुपये मुआवजा जारी करने के आदेश दे दिए।
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याचिका दाखिल करते हुए हरियाणा सरकार ने कहा कि संतोष के पति की मौत कुएं में गिरने से 22 मार्च 2012 को हो गई थी। इसके बाद लोक अदालत में केस पहुंचा तो लोक अदालत ने मृतक के परिजनों को 1 लाख रुपये मुआवजा जारी करने के आदेश दे दिए।
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लोक अदालत ने भी यही फैसला दिया था
हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट में आदेश को चुनौती देते हुए कहा कि मृतक 60 वर्ष से अधिक का था, इसलिए बीमा राशि के लिए उसके परिजन पात्र नहीं हैं। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार की अपील को खारिज करते हुए कहा कि योजना में मृतक की अधिकतम आयु का जिक्र ही नहीं है।
इसमें यह शर्त है कि मृतक का बेटा 25 वर्ष से अधिक का न हो ओर यदि पत्नी हो तो वह क्लेम की राशि मिलने से पहले दूसरा विवाह न कर चुकी हो। हाईकोर्ट ने कहा कि यह दोनो स्थितियां इस मामले में लाभार्थियों के पक्ष में हैं और ऐसे में सरकार की अपील आधार विहीन है। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने अपील खारिज करते हुए लोक अदालत के फैसले पर मुहर लगा दी।
इसमें यह शर्त है कि मृतक का बेटा 25 वर्ष से अधिक का न हो ओर यदि पत्नी हो तो वह क्लेम की राशि मिलने से पहले दूसरा विवाह न कर चुकी हो। हाईकोर्ट ने कहा कि यह दोनो स्थितियां इस मामले में लाभार्थियों के पक्ष में हैं और ऐसे में सरकार की अपील आधार विहीन है। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने अपील खारिज करते हुए लोक अदालत के फैसले पर मुहर लगा दी।