{"_id":"607759178ebc3ec4455306af","slug":"punjab-haryana-high-court-angry-as-complaint-of-murder-described-as-an-accident","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ : हत्या की शिकायत को हादसा बताना पड़ा भारी, कार्रवाई का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ : हत्या की शिकायत को हादसा बताना पड़ा भारी, कार्रवाई का आदेश
Thu, 15 Apr 2021 02:35 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 15 Apr 2021 02:35 AM IST
विज्ञापन
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपने दादा की हत्या होने की एफआईआर दर्ज करवाने के बाद ट्रायल के दौरान उसे हादसा बताना शिकायतकर्ता को भारी पड़ गया। आरोपी को जमानत देते हुए शिकायतकर्ता के खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
फतेहाबाद निवासी कमल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 26 जनवरी 2020 को वह घर में अपने बेटे का जन्मदिन मना रहा था। इस दौरान विकास व 5 अन्य लोग वहां पहुंचे और झगड़ा करने लगे। इस झगड़े में चोट लगने से उसके दादा की मौत हो गई।
विज्ञापन
शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया था। इस मामले के सह आरोपी विकास ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए नियमित जमानत की मांग की। याची ने हाईकोर्ट को बताया कि ट्रायल में बयान दर्ज करवाते हुए शिकायतकर्ता ने खुद माना था कि उसके दादा की मौत गिरने की वजह से हुई है।
विज्ञापन
ऐसे में याची को नियमित जमानत दी जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में आरोपी को जमानत देने का पूरा आधार बनता है। साथ ही हाईकोर्ट ने शिकायत देकर पलटने वाले को भी सबक सिखाने का फैसला लिया है। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को आदेश दिया है कि इस मामले में शिकायतकर्ता पर झूठी एफआईआर दर्ज करवाने के जुर्म में कानूनी कार्रवाई करे।