{"_id":"639f49834f34b46eda718355","slug":"punjab-government-will-open-first-center-to-sell-sand-in-mohali","type":"story","status":"publish","title_hn":"Punjab: पंजाब सरकार अब रेत-बजरी बेचेगी, आज मोहाली में खुलेगा पहला केंद्र, बढ़ती कीमत पर लगेगी लगाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Punjab: पंजाब सरकार अब रेत-बजरी बेचेगी, आज मोहाली में खुलेगा पहला केंद्र, बढ़ती कीमत पर लगेगी लगाम
Mon, 19 Dec 2022 12:04 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 19 Dec 2022 12:04 AM IST
सार
मौजूदा दौर में 12,000 से 15,000 रुपये में मिलने वाले 900 वर्ग फुट रेत के टिप्पर का दाम 40,000 रुपये तक पहुंच गया है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में रेत के दाम 22 रुपये प्रति फुट था। अब कीमत बढ़कर 36 रुपये और बजरी का दाम 20 से बढ़कर 27 रुपये प्रति फुट पहुंच गया है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
विस्तार
पंजाब सरकार ने खनन माफिया पर लगाम कसते हुए रेत-बजरी बिक्री केंद्र खोलने का एलान किया है। सोमवार को राज्य के पहले केंद्र का उद्घाटन मोहाली में किया जाएगा। खनन मंत्री हरजोत बैंस ने रविवार देर शाम ट्वीट किया कि भगवंत मान सरकार द्वारा खनन माफिया का अंत... पंजाब के लोगों को बड़ी राहत देते हुए मोहाली में रेत-बजरी बिक्री केंद्र का उद्घाटन करने जा रहे हैं। आने वाले दिनों में पंजाब के हर जिले में ऐसे बिक्री केंद्र खोले जाएंगे।
विज्ञापन
गौर हो कि पंजाब में खनन पर प्रतिबंध और राज्य की खनन नीति न बनने के चलते रेत और बजरी के दामों में एकाएक उछाल आ गया था। इसके चलते अब जहां आम आदमी को अपना आशियाना बनाना मुश्किल हो गया है, वहीं कई सरकारी परियोजनाओं का निर्माण कार्य भी लटक गया है। ठेकेदारों ने निर्माण कार्य से हाथ खड़े किए हैं। रेत माफिया पर लगाम लगाकर लोगों को सस्ती दरों पर रेत और बजरी मुहैया करवाने के मकसद से सरकार ने अब अपने स्तर पर रेत बजरी के बिक्री केंद्र खोलने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
मौजूदा दौर में 12,000 से 15,000 रुपये में मिलने वाले 900 वर्ग फुट रेत के टिप्पर का दाम 40,000 रुपये तक पहुंच गया है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में रेत के दाम 22 रुपये प्रति फुट था। अब कीमत बढ़कर 36 रुपये और बजरी का दाम 20 से बढ़कर 27 रुपये प्रति फुट पहुंच गया है। निर्माण लागत में बढ़ोतरी होने से सबसे बड़ा असर निर्माणाधीन सरकारी प्रोजेक्टों पर पड़ा है। खासकर लोकनिर्माण विभाग के तहत चल रहे कई निर्माण कार्य इसके चलते ठप पड़ गए हैं। अब सरकार की इस पहल से लोगों को सस्ती दरों पर रेत-बजरी मिलने की उम्मीद जगी है।
विज्ञापन