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IAS Sanjay Popli: आईएएस संजय पोपली के बेटे की मौत से सकते में आई मान सरकार, कुछ जांचों पर फिलहाल रोक

Sat, 25 Jun 2022 10:53 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 25 Jun 2022 10:53 PM IST
सार

पंजाब में नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार की कार्रवाई के बाद सरकार के निशाने पर अब भ्रष्ट अफसरशाही भी आ गई है। हाल ही में वरिष्ठ आईएएस संजय पोपली के खिलाफ विजिलेंस ने भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया है।

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Punjab government decided to put on hold some of ongoing investigations after death of IAS Sanjay Popli son  
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजय पोपली के घर में विजिलेंस जांच के दौरान बेटे की मौत का मामला सामने आने के बाद पंजाब सरकार सकते में आ गई है। सरकार ने चल रही कुछ जांचों पर फिलहाल रोक लगाने का फैसला लिया है। जुलाई में तीन महत्वपूर्ण विभागों के पांच बड़े अधिकारियों के खिलाफ मान सरकार कार्रवाई की तैयारी कर रही थी। सरकार ने यह फैसला विपक्षी दलों द्वारा आईएएस पोपली के बेटे की मौत को मुद्दा बनाए जाने से बचने के लिए लिया है।

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पंजाब में नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार की कार्रवाई के बाद सरकार के निशाने पर अब भ्रष्ट अफसरशाही भी आ गई है। हाल ही में वरिष्ठ आईएएस संजय पोपली के खिलाफ विजिलेंस ने भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया है। अब सूबे के तीन बड़े महत्वपूर्ण विभाग वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और खाद्य आपूर्ति विभाग के 5 बड़े अधिकारी सरकार के निशाने पर चल रहे हैं। 
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सरकार की ओर से इन अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिक जांच गोपनीय रूप से कराई जा चुकी है। सरकार के सूत्रों के अनुसार जुलाई में इन अधिकारियों के खिलाफ पंजाब विजिलेंस कार्रवाई करने की तैयारी कर रही थी, लेकिन आईएएस संजय पोपली के बेटे की मौत के बाद सरकार ने इस मामले में अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं। बताया जा रहा है कि पोपली के इकलौते बेटे की मौत को विपक्ष मुद्दा बना सकता है। वहीं हिमाचल प्रदेश में नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर फिलहाल अभी सरकार बड़े मुद्दों से बचना चाहती है। इन्हीं कारणों के बाद सरकार ने जुलाई में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को टालने का फैसला किया है।

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अब तक चार नेता और एक अफसर पर कार्रवाई

मुख्यमंत्री भगवंत मान हाल ही में अपने कैबिनेट मंत्री डा. विजय सिंगला के खिलाफ ही भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज करा चुके हैं। इसके अलावा कांग्रेस के पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत, संगत सिंह गिलजियां और कांग्रेस के एक पूर्व विधायक के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई की जा चुकी है। हाल ही में वरिष्ठ आईएएस संजय पोपली को भी विजिलेंस ने गिरफ्तार किया है।

मिलीं कमियां

कोरोना काल में तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में खरीद फरोख्त की जांच में 100 करोड़ से अधिक की गड़बड़ी मिली है। बताया जा रहा है। इस दौरान के अधिकारी सरकार के निशाने पर हैं। साधु सिंह धर्मसोत के कार्यकाल में पेड़ों के अवैध कटान और ट्रांसफर पोस्टिंग में रिश्वत प्रकरण की जांच अभी चल रही है। इन विभागों के अलावा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में हजारों कुंटल गेहूं के गायब होने में भी विभाग के कई अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका मिली है।

सिद्धू मूसेवाला की हत्या से हो रही किरकिरी

हाल ही में सरकार की सिद्धू मूसेवाला की हत्या से किरकिरी हो चुकी है। बता दें कि वीआईपी सुरक्षा में कटौती के बाद अगले ही दिन पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है। कांग्रेस, शिअद, भाजपा सहित अन्य विपक्षी दल लगातार प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद लगातार नेताओं और गायकों को मिल रही धमकियां भी सरकार के लिए सिरदर्द बनी हुई हैं।

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