बजट को कैप्टन ने प्रगतिशील रोडमैप बताया, विपक्ष का हमला- ख्याली वित्त मंत्री ने खोखला पेश किया
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वर्ष 2020-21 के लिए विकासोन्मुखी बजट पेश करने के लिए वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल की प्रशंसा करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन सिंह ने अगले दो सालों के दौरान पंजाबियों के जीवन में महत्वपूर्ण सुधार लाने का वादा किया। उन्होंने कहा कि वित्तीय हालात अब काबू में हैं और राज्य की आर्थिक स्थिति पहले की अपेक्षा काफी बेहतर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भावी बजट योजनाओं के साथ वित्त मंत्री ने प्रगतिशील रोडमैप तैयार किया है जो राज्य के सर्वपक्षीय विकास के लिए रास्ता साफ करेगा जिससे समाज के सभी वर्गों को लाभ मिलेगा। बजट पेश करने से पहले मनप्रीत बादल के आवास के बाहर रोष प्रदर्शन करने के लिए अकालियों पर बरसते हुए कैप्टन अमरिन्दर ने कहा कि अकालियों का एक ही उद्देश्य, कांग्रेस सरकार को राज्य और लोगों के कल्याण के लिए काम करने से रोकना था।
उन्होंने कहा कि अकाली, जिन्होंने अपने 10 सालों के कुशासन के दौरान राज्य की अर्थव्यवस्था को तहस-नहस कर दिया। स्पष्ट तौर पर इन कार्यवाहियों से लोगों का ध्यान विकासमुखी बजट से एक तरफ करना चाहते थे। कैप्टन ने कहा कि तीन साल के अंदर राज्य फिर राह पर आ गया है और ऐसी स्थिति में पहुँच गया है जहाँ साल 2020-21 के लिए कोई फंडिंग गैप नहीं है।
मुफ्त शिक्षा के फैसले पर शिक्षा मंत्री सिंगला ने जताया आभार
पंजाब के शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने पंजाब भर के सभी विद्यार्थियों के लिए बारहवीं तक शिक्षा मुफ्त करने के क्रांतिकारी कदम का स्वागत किया है और वित्त मंत्री मनप्रीत बादल का धन्यवाद किया है। सिंगला ने बताया कि वित्त मंत्री ने स्कूली शिक्षा के लिए वर्ष 2020-21 के बजट में कुल 12,488 करोड़ रुपये का उपबंध किया है, जो कुल खर्च का 8 प्रतिशत है। यह राशि 2016-17 के बजट की अपेक्षा 23 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने ‘कैच दैम यंग’ (बचपन में ही प्रशिक्षण) के मोटो का अनुसरण करते हुए प्राइमरी शिक्षा पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है।
खाली खजाने से पेश किया खोखला बजट: हरपाल चीमा
आम आदमी पार्टी ने वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल द्वारा पेश बजट को जन विरोधी और पंजाब विरोधी करार दिया है। विपक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा ने कहा, ‘‘ख्याली वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने खाली खजाने से एक बार फिर खोखला बजट पेश किया है।’’ चीमा ने कहा कि मनप्रीत बादल ने कैप्टन सरकार में चौथी बार खोखला बजट पेश करके राज्य के हर वर्ग को निराशा के आलम में डाल दिया है।
मनप्रीत सिंह देश के शायद पहले राज्य वित्त मंत्री होंगे, जो फ्लाप बजट देने में अपने ही पिछले रिकार्ड तोड़ते आ रहे हैं। चीमा ने याद करवाया कि अपनी सरकार की हर नाकामी पिछली बादल सरकार पर डालने वाले मनप्रीत बादल शायद भूल जाते हैं कि ताया (बादल) की सरकार में भी वह तीन बार बजट पेश कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के वित्तीय हालात सुधरने की बजाए दयनीय होती जा रही हैं और पंजाब 22,8906 करोड़ रुपए का ऋणी हो चुका है, जो नए वित्तीय वर्ष 2020 -21 के अंत तक 248236 करोड़ को पार कर जाएगा।
वित्तीय नाकामी छुपाने को शेर सुनाते रहे वित्त मंत्री: मजीठिया
सीनियर अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने शुक्रवार को विधानसभा में पेश बजट के बारे में कहा कि वित्तीय मामलों में अपनी नाकामियां छुपाने के लिए वित्त मंत्री सिर्फ शेर ही सुनाते रहे। उन्होंने कहा कि सरकार के चौथे साल में भी 90 हजार करोड़ रुपये के किसान कर्ज माफ करने के लिए कोई रूपरेखा तय नहीं की गई।
खुदकुशी पीड़ित किसान परिवारों को 10 लाख रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने के वादे पूरे करने के लिए कुछ भी नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि 2500 रुपये बेरोजगारी भत्ता देने के बारे में भी बजट में कोई जिक्र नहीं है। सरकार ने सिर्फ नौजवानों को स्मार्टफोन देने का वादा किया है, उसमें भी यह शर्त है कि वे कोरोना वायरस के कारण जल्दी नहीं दिए जाएंगे। मजीठिया ने कहा कि पिछले बजट में किए गए अनेक वादे अब तक पूरे नहीं किए गए हैं।
बजट बुजुर्गों, महिलाओं और पेंशनरों का मनोबल बढ़ाने वाला: अरुणा चौधरी
बजट में सामाजिक सुरक्षा पेंशनों और वित्तीय सहायता स्कीमों में 31 प्रतिशत बढ़ोतरी करने के प्रस्ताव की सराहना करते हुए पंजाब के सामाजिक सुरक्षा, महिला और बाल विकास मंत्री अरुणा चौधरी ने कहा कि इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बाल पेंशनरों का मनोबल बढ़ेगा और अन्य लाभपात्रियों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन और वित्तीय सहायता स्कीमों के घेरे में लाया जा सकेगा।
अरुणा चौधरी ने आगे बताया कि बजट में दिव्यांग व्यक्तियों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा के लिए राज्य स्तरीय स्कीम शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा गया है। इस उद्देश्य के लिए अपेक्षित वित्तीय सहायता साल के दौरान मुहैया करवाई जाएगी।
बजट में जनता के हित का कुछ भी नहीं: भाजपा
बजट पर पंजाब भाजपा के अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा यह बजट विपक्ष की अनुपस्थिति में पेश करना दुर्भाग्यपूर्ण है। शर्मा ने कहा कि इस बजट में प्रदेश की जनता को बेवकूफ बनाया गया है। बजट में जनता के हित का कुछ नहीं दिया गया। इसमें जो भी घोषणाएं की गई हैं, वह सब कुछ अपने चहेते नेताओं के इलाकों में दिया गया है, ताकि उन्हें फायदा मिल सके।
अश्वनी शर्मा ने कहा कि मनप्रीत बादल के मुताबिक पंजाब पर 2 लाख 48 हजार 230 करोड़ रुपये कर्ज है, जिसे उन्होंने 2017 में सरकार बनने पर कम करने के बहुत बड़े-बड़े दावे किये थे लेकिन कम होना तो दूर उलटे इसमें बेतहाशा इजाफा हुआ है। शर्मा ने कहा कि बजट में फिर से नौजवानों को रोजगार का लालीपॉप थमाया है, जबकि अभी तक कैप्टन ने घर-घर नौकरी देने का अपना वादा कहीं भी पूरा नहीं किया। शर्मा ने कहा कि नौकरियां देनी तो दूर उलटे जो लोग नौकरी कर रहे हैं उनकी सर्विस उम्र 60 से कम करके 58 साल कर दी है।
बजट गरीब समर्थक और विकासोन्मुखी: धर्मसोत
मंत्री साधु सिंह धर्मसोत ने बजट को प्रगतिशील, अनुसूचित जातियों, पिछड़ी श्रेणियों और अल्पसंख्यक वर्ग समर्थक और विकासोन्मुखी करार दिया है। उन्होंने पंजाब बजट की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पंजाब की आर्थिकता को बढ़ावा देगा और सभी क्षेत्रों में तरक्की के लिए नई राह खोलेगा।
धर्मसोत ने बताया कि 2020 -21 में विशेष रूप में भूमिहीन और कृषि कामगारों के कर्जों को माफ करने के लिए 520 करोड़ रुपये समेत 2000 करोड़ रुपये का आवंटन मुहैया करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बजट में समाज के दबे-कुचले वर्गों के हितों की रक्षा, तरक्की और उनके जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए शैक्षिक, सामाजिक और अन्य विकास प्रोग्रामों के लिए विभिन्न कल्याण स्कीमों के अधीन 901 करोड़ रुपये के कुल आरक्षण का प्रस्ताव है।
विपक्ष को थाने में बंद कर बजट सत्र में भाग लेने से रोका गया: अकाली दल
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने वित्त मंत्री से मिलने उनके घर पहुंचे किसान आत्महत्या पीड़ित परिवारों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा की। अकाली दल ने आरोप लगाया कि पीड़ितों के खिलाफ मनप्रीत बादल गुंडागर्दी पर उतरे और उन्होंने पुलिस की मदद लेकर पीड़ितों से मारपीट कराई। अकाली दल ने कहा कि वित्तमंत्री के आवास पर यह पीड़ित अनुरोध करने गए थे कि कांग्रेस के चुनाव घोषणा पत्र में उनके साथ किए वादों को राज्य के बजट का हिस्सा बनाया जाए।
पार्टी मुख्यालय में शुक्रवार शाम संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अकाली विधायक दल के नेता शरनजीत सिंह ढिल्लों और बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि किसान आत्महत्या पीड़ित परिवारों की शिकायतें सुनने के बजाय वित्तमंत्री ने पुलिस को आदेश दिया कि उन्हें जबरदस्ती हटा दिया जाए, जिसके कारण बुढ़े, महिलाओं, बच्चों तथा विकलांगों के साथ धक्कामुक्की की गई।