{"_id":"5fad53068ebc3e9bb4526e0f","slug":"process-to-replace-old-meters-wires-and-transformers-chandigarh-news-pkl393941149","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुराने मीटर, तारें और ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया शुरु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुराने मीटर, तारें और ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया शुरु
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने शहर के पांच सेक्टरों और 6 गांवों में बिजली मीटर बॉक्स, ट्रांसफार्मर व केबल बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में प्रशासन के बिजली विभाग की तरफ से योग्य एजेंसियों से आवेदन मांगे गए हैं। जानकारी के अनुसार, 30.39 लाख रुपये की लागत से इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाना है।
प्रशासन के बिजली विभाग ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत कुल 30 हजार स्मार्ट मीटर लगाने हैं। विभाग की सब डिवीजन नंबर-5 के अंदर पहले यह सभी स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इसके अंदर जो सेक्टर और गांवों आते हैं, उनमें इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1, 2, सेक्टर-29, 31, 47, 48, राम दरबार, गांव फैदां, हल्लोमाजरा, बहलाना, रायपुर कलां, मखनमाजरा और दड़वा आदि गांव शामिल हैं। इसे ‘एडवांस्ड मिटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर’ नाम दिया गया है। मंत्रालय ने स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट के तहत पूरे शहर में स्मार्ट मीटर लगाने के लिए मई माह में फंड को मंजूर किया था। प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस की वजह से इस प्रोजेक्ट में देरी हो रही है, लेकिन वह पायलट प्रोजेक्ट को जल्दी से पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। पूरे शहर के लिए करीब 241 करोड़ रुपये में स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट का काम पूरा करना है। इस काम के पूरा होने के बाद लोगों को बिजली कट से छुटकारा मिलेगा, क्योंकि इससे लोड भी कम हो जाएगा। अभी फिलहाल पुरानी तारें होने के चलते लोड बढ़ता जा रहा है।
विज्ञापन
चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने शहर के पांच सेक्टरों और 6 गांवों में बिजली मीटर बॉक्स, ट्रांसफार्मर व केबल बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में प्रशासन के बिजली विभाग की तरफ से योग्य एजेंसियों से आवेदन मांगे गए हैं। जानकारी के अनुसार, 30.39 लाख रुपये की लागत से इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाना है।
प्रशासन के बिजली विभाग ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत कुल 30 हजार स्मार्ट मीटर लगाने हैं। विभाग की सब डिवीजन नंबर-5 के अंदर पहले यह सभी स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इसके अंदर जो सेक्टर और गांवों आते हैं, उनमें इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1, 2, सेक्टर-29, 31, 47, 48, राम दरबार, गांव फैदां, हल्लोमाजरा, बहलाना, रायपुर कलां, मखनमाजरा और दड़वा आदि गांव शामिल हैं। इसे ‘एडवांस्ड मिटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर’ नाम दिया गया है। मंत्रालय ने स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट के तहत पूरे शहर में स्मार्ट मीटर लगाने के लिए मई माह में फंड को मंजूर किया था। प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस की वजह से इस प्रोजेक्ट में देरी हो रही है, लेकिन वह पायलट प्रोजेक्ट को जल्दी से पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। पूरे शहर के लिए करीब 241 करोड़ रुपये में स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट का काम पूरा करना है। इस काम के पूरा होने के बाद लोगों को बिजली कट से छुटकारा मिलेगा, क्योंकि इससे लोड भी कम हो जाएगा। अभी फिलहाल पुरानी तारें होने के चलते लोड बढ़ता जा रहा है।
विज्ञापन