फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Primary education should be in mother tongue: Venkaiah Naidu

प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में होनी चाहिए : वैंकेया नायडू

Sat, 07 May 2022 02:03 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 07 May 2022 02:03 AM IST
विज्ञापन
Primary education should be in mother tongue: Venkaiah Naidu
पंजाब यूनिवर्सिटी में आयोजित 69वें दीक्षांत समारोह में डिग्री लेते विद्यार्थी। - फोटो : CHANDIGARH
चंडीगढ़। प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में होनी चाहिए। मातृभाषा आपकी आंखों की तरह है और अन्य भाषाएं चश्मे की तरह काम करती हैं। इसलिए पहले मातृभाषा को सुदृढ़ बनाएं, इसके बाद अन्य भाषाओं में काम करेंगे तो जिंदगी में कभी मात नहीं खाएंगे। पंजाब सरकार को भी बच्चों को प्राथमिक शिक्षा अपनी मातृभाषा में देनी चाहिए। यह बात शुक्रवार को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने पीयू में आयोजित दीक्षांत समारोह के दौरान कही। उन्होंने यह भी कहा कि हम जिस भी विभाग में कार्यरत हैं, वहां लोकभाषाओं को बढ़ोतरी देनी चाहिए और उनमें काम होना चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में इस पहलू पर काफी ध्यान केंद्रित किया गया है, खुशी की बात है कि पीयू में एनईपी को लागू करने जा रहा है।
विज्ञापन

गुरुनानक देव से सीखें पांच सिद्धांत
जीवन में गुरुनानक देव जी के जीवन से पांच सिद्धांतों सत (ईमानदार, सच्चा व्यवहार), संतोख ( संतोष), दया (करुणा), निम्रता (विनम्रता) और प्यार को अपनाएं, ये बेहतर इंसान बनने के लिए प्रेरित करेंगे।
विज्ञापन

शांति प्रगति की पहली शर्त
सभी यूनिवर्सिटी परिसरों में शांति का आह्वान करता हूं, क्योंकि यह प्रगति की पहली शर्त है। छात्र अपना ध्यान अकादमिक उत्कृष्टता हासिल करने पर केंद्रित करें। स्कूलों में कम उम्र से ही बच्चों में समाज में एकता और सद्भाव के मूल्यों को सिखाया जाना चाहिए। 21वीं सदी में जाति, पंथ, धर्म और लिंग के विभाजन के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए, हम सब एक देश और भारत के निवासी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

अन्य यूनिवर्सिटी को भी पीयू की तरह देने चाहिए रत्न/अवार्ड
पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से हर क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले सदस्यों को दिए जाने वाले पीयू रत्न प्रशंसनीय है। देश की अन्य यूनिवर्सिटी में भी पीयू की इसी परंपरा को अपनाना चाहिए।
अभिभावक और गुरु को हमेशा याद रखें
छात्रों को अपने अभिभावकों और गुरुओं को हमेशा याद रखना चाहिए। आज जिस जगह हम खड़े हैं, उसमें उनका सबसे बड़ा योगदान है। छात्र विदेश पढ़ने के लिए जाएं, लेकिन वहां से ज्ञान और कौशल सीखकर मातृभूमि की सेवा में अपना योगदान दें।

1500 से ज्यादा भारतीय व्यंजन मौजूद, जंक फूड छोड़े
हमें भारतीयता को अपनाना चाहिए, तभी हम स्वस्थ होंगे। जंक फूड को छोड़े। हमारे देश में 1500 से ज्यादा भारतीय व्यंजन मौजूद है। किस सीजन में और किस रीजन में क्या खाना चाहिए हमारे पास सारे विकल्प मौजूद है। हमारे पूर्वजों ने इतने लंबे समय तक इस पर काम किया है, हमें इसे अपनाना चाहिए। इसके साथ ही खेलों को बढ़ावा दें और खेलों में हिस्सा लें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed