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चंडीगढ़ में बाहर से आने वाली गाड़ियों पर कंजेशन टैक्स लगाने की तैयारी
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चंडीगढ़। सेक्टर-6 स्थित यूटी गेस्ट हाउस में बुधवार को प्रशासकीय सलाहकार परिषद की परिवहन उप समिति की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता सांसद किरण खेर ने की। बैठक में शहर में ट्रैफिक को कम करने के साथ-साथ शहर में सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए बाहरी वाहन (जो शहर में पंजीकृत नहीं हैं) पर कंजेशन टैक्स लगाने के सुझाव पर चर्चा की गई।
उपसमिति ने पंजाब और पंचकूला से आने वाले ऑटोरिक्शा को भी नियंत्रित करने के निर्देश दिए। चंडीगढ़ में एसटीए के पास करीब छह हजार ऑटोरिक्शा पंजीकृत हैं। इसके अलावा एक समझौते के आधार पर पंचकूला और मोहाली से 500-500 ऑटो को चंडीगढ़ में चलने की मंजूरी दी गई। उपसमिति ने सुझाव दिया है कि मोहाली व पंचकूला ये सुनिश्चित करें कि उनके तय ऑटोरिक्शा से ज्यादा शहर में न आएं। वह अपने-अपने 500 ऑटोरिक्शा की जानकारी भी स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के साथ सांझी करें ताकि विभाग अन्य ऑटोरिक्शा के खिलाफ कार्रवाई कर सकें।
बैठक में बताया गया कि एसटीए अब चंडीगढ़ में सिर्फ इलेक्ट्रिक ऑटो को ही परमिट दे रहा है। बैठक में राइट्स लिमिटेड के अधिकारी भी उपस्थित रहे। बताया कि अगले एक हफ्ते में वह चंडीगढ़ शहरी परिसर के लिए व्यापक गतिशीलता योजना (सीएमपी) की अपनी अध्ययन रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। उसके बाद ट्राइसिटी के लिए मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम की योजना पर कार्य शुरू किया जाएगा। बैठक में सांसद किरण खेर को बताया कि शहर में 40 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं और अन्य 40 बसें जुलाई में चंडीगढ़ पहुंच जाएंगी। इसके लिए सीटीयू का वोल्वो आयशर के साथ समझौता हुआ है।
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बड़े वाहनों के लिए हल्लोमाजरा के पास पेड पार्किंग शुरू करने का सुझाव
चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष ने सुझाव दिया कि मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहनों के लिए सड़क पर उपलब्ध खुले स्थान पर (पोल्ट्री फार्म चौक से राम दरबार तक) हल्लोमाजरा में एक पेड पार्किंग यार्ड प्रदान किया जा सकता है। भारी वाणिज्यिक वाहनों का शहर में प्रवेश सुबह 6 से रात 11 बजे तक प्रतिबंधित है, इसलिए इन वाहनों के चालकों को परेशानी न हो। इसके अलावा बताया गया कि शहर में 87 पेड पार्किंग स्थल हैं। मौजूदा पेड पार्किंग के पार्किंग प्रबंधन में सुधार के लिए आरएफपी मंगाई गई है। शुल्क की गणना पार्किंग क्षेत्र में खड़े वाहन की अवधि के अनुसार की जाएगी। इसके अलावा ऑटोमेटेड टेस्टिंग व्हीकल सेंटर (एटीवीएस) चंडीगढ़ में बनाया जाना है जहां वाहनों की सड़क योग्यता के संबंध में सभी पासिंग प्रक्रिया और वाहन फिटनेस को पूरा किया जाएगा।
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उपसमिति ने पंजाब और पंचकूला से आने वाले ऑटोरिक्शा को भी नियंत्रित करने के निर्देश दिए। चंडीगढ़ में एसटीए के पास करीब छह हजार ऑटोरिक्शा पंजीकृत हैं। इसके अलावा एक समझौते के आधार पर पंचकूला और मोहाली से 500-500 ऑटो को चंडीगढ़ में चलने की मंजूरी दी गई। उपसमिति ने सुझाव दिया है कि मोहाली व पंचकूला ये सुनिश्चित करें कि उनके तय ऑटोरिक्शा से ज्यादा शहर में न आएं। वह अपने-अपने 500 ऑटोरिक्शा की जानकारी भी स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के साथ सांझी करें ताकि विभाग अन्य ऑटोरिक्शा के खिलाफ कार्रवाई कर सकें।
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बैठक में बताया गया कि एसटीए अब चंडीगढ़ में सिर्फ इलेक्ट्रिक ऑटो को ही परमिट दे रहा है। बैठक में राइट्स लिमिटेड के अधिकारी भी उपस्थित रहे। बताया कि अगले एक हफ्ते में वह चंडीगढ़ शहरी परिसर के लिए व्यापक गतिशीलता योजना (सीएमपी) की अपनी अध्ययन रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। उसके बाद ट्राइसिटी के लिए मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम की योजना पर कार्य शुरू किया जाएगा। बैठक में सांसद किरण खेर को बताया कि शहर में 40 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं और अन्य 40 बसें जुलाई में चंडीगढ़ पहुंच जाएंगी। इसके लिए सीटीयू का वोल्वो आयशर के साथ समझौता हुआ है।
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बड़े वाहनों के लिए हल्लोमाजरा के पास पेड पार्किंग शुरू करने का सुझाव
चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष ने सुझाव दिया कि मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहनों के लिए सड़क पर उपलब्ध खुले स्थान पर (पोल्ट्री फार्म चौक से राम दरबार तक) हल्लोमाजरा में एक पेड पार्किंग यार्ड प्रदान किया जा सकता है। भारी वाणिज्यिक वाहनों का शहर में प्रवेश सुबह 6 से रात 11 बजे तक प्रतिबंधित है, इसलिए इन वाहनों के चालकों को परेशानी न हो। इसके अलावा बताया गया कि शहर में 87 पेड पार्किंग स्थल हैं। मौजूदा पेड पार्किंग के पार्किंग प्रबंधन में सुधार के लिए आरएफपी मंगाई गई है। शुल्क की गणना पार्किंग क्षेत्र में खड़े वाहन की अवधि के अनुसार की जाएगी। इसके अलावा ऑटोमेटेड टेस्टिंग व्हीकल सेंटर (एटीवीएस) चंडीगढ़ में बनाया जाना है जहां वाहनों की सड़क योग्यता के संबंध में सभी पासिंग प्रक्रिया और वाहन फिटनेस को पूरा किया जाएगा।