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Punjab News: प्रताप सिंह बाजवा ने सीएम मान को लिखा पत्र, याद दिलाया ओपीएस का वादा
Wed, 18 Oct 2023 10:27 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 18 Oct 2023 10:27 PM IST
सार
प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि जमीनी हकीकत सरकार के दावों से मेल नहीं खाती। सरकार ने 19 नवंबर 2022 को केवल एक नोटिफिकेशन जारी किया था। इसमें ओपीएस लागू करने का इरादा जाहिर किया था। इसके बाद इस मामले में अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है।
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प्रताप सिंह बाजवा और सीएम भगवंत मान।
- फोटो : फाइल
विस्तार
पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सरकारी मुलाजिमों की पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के संबंध में बुधवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा एक अक्तूबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में दो लाख से अधिक मुलाजिमों के एकत्र होने से पहले दिए बयान पर अमल करने की मांग उठाई है।
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बाजवा ने लिखा कि 20 अक्तूबर से बुलाए गए पंजाब विधानसभा के सत्र के दौरान सरकार इस मसले पर स्पष्ट जवाब दे। सरकार को इस मसले पर गठित कमेटी की अब तक कार्यवाही रिपोर्ट की जानकारी भी सार्वजनिक करनी चाहिए। बाजवा ने मुख्यमंत्री से कहा कि अगर ओपीएस पहले ही लागू की जा चुकी है तो हमारा आग्रह है कि इस स्कीम के अधीन आने वाले मुलाजिमों के जनरल प्रोविडेंट फंड नंबरों का विवरण साझा किया जाए।
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बाजवा ने लिखा कि 37 कर्मचारी संगठनों ने ओपीएस लागू करने की मांग करते हुए 10 अक्तूबर को हड़ताल की थी, जो आम आदमी पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र का प्रमुख वादा था। आप ने पिछले साल 22 अक्तूबर को विभिन्न मुलाजिम संगठनों के साथ बैठक में ओपीएस लागू करने का भरोसा दिया था लेकिन महंगाई भत्ते में छह फीसदी बढ़ोतरी की घोषणा करके सरकार ने उसे ओपीएस के बजाय दिवाली का तोहफा करार दिया था।
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सरकार के भरोसे पर ही मुलाजिम संगठनों ने अपनी हड़ताल स्थगित कर दी थी। बाजवा ने कहा कि जमीनी हकीकत सरकार के दावों से मेल नहीं खाती। सरकार ने 19 नवंबर 2022 को केवल एक नोटिफिकेशन जारी किया था। इसमें ओपीएस लागू करने का इरादा जाहिर किया गया था। इसके बाद इस मामले में अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है।