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Pradeep Chhabra Death: 30 साल तक कांग्रेस में रहे, पवन बंसल के करीबी थे छाबड़ा, आखिर क्यों छोड़ी थी पार्टी

Tue, 09 Jul 2024 03:19 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Tue, 09 Jul 2024 03:19 PM IST
सार

चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता प्रदीप छाबड़ा का मंगलवार को निधन हो गया। छाबड़ा बीते 3 साल से आम आदमी पार्टी में थे। इससे पहले वह 30 साल तक कांग्रेस में रहे। वह कांग्रेस में प्रदेशाध्यक्ष के पद पर भी रहे। 

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Pradeep Chhabra political journey 30 years in congress he was close to former central minister Pawan Bansal
पवन बंसल के साथ प्रदीप छाबड़ा। (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता प्रदीप छाबड़ा अब इस दुनिया में नहीं रहे। छाबड़ा कई दिनों से बीमार चल रहे थे। उन्होंने बीमारी के चलते मंगलवार को पीजीआई आखिरी सांस ली। शहर के दिग्गज नेताओं में शुमार प्रदीप छाबड़ा लंबे समय से राजनीति में थे। चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी के लिए जमीन तैयार करने वाले प्रदीप छाबड़ा ही थे। छाबड़ा नगर निगम में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर भी रह चुके हैं। 

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आम आदमी पार्टी में शामिल होने से पहले छाबड़ा कांग्रेस में थे। वह चंडीगढ़ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष के पद पर भी रहे। छाबड़ा को पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल का करीबी माना जाता था। पवन कुमार बंसल प्रदीप छाबड़ा के राजनीतिक गुरु भी रहे हैं। लेकिन छाबड़ा के कांग्रेस छोड़ने की वजह भी बंसल को ही माना गया है। 
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प्रदीप छाबड़ा ने 6 अगस्त 2021 को कांग्रेस पार्टी से त्यागपत्र दिया था। इससे पहले वह कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष के पद पर थे, लेकिन हाईकमान ने उन्हें अध्यक्ष पद से हटा दिया और सुभाष चावला को अध्यक्ष बनाया था। इसके बाद प्रदीप छाबड़ा ने कई दिनों तक मौजूदा कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चावला और पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल के खिलाफ मोर्चा खोला। इसके बाद 6 अगस्त 2021 को छाबड़ा ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर आम आदमी पार्टी में ज्वाइन किया था। उस समय चंडीगढ़ की राजनीति में ऐसा पहली बार हुआ था कि किसी राजनीतिक दल के पूर्व अध्यक्ष ने पार्टी छोड़ दी थी। 
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छाबड़ा को अध्यक्ष पद से हटाया गया है तब से वह नाराज चल रहे थे। प्रदेश कार्यकारिणी में अपने किसी भी करीबी को जगह दिलवाने के बाद से पवन कुमार बंसल और अध्यक्ष सुभाष चावला के खिलाफ छाबड़ा ने मोर्चा खोला हुआ था। छाबड़ा 30 साल से कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़े हुए थे।


छाबड़ा पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल के करीबी माने जाते रहे हैं, बंसल ने भी समय-समय पर प्रदीप छाबड़ा को अहम जिम्मेदारी दी थी। पवन बंसल ने ही प्रदीप छाबड़ा को चंडीगढ़ कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया था। लेकिन बाद में दोनों नेताओं के संबंध बिगड़ गए, जिसके बाद छाबड़ा को कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाया गया और इसके बाद छाबड़ा ने पार्टी को ही अलविदा कह दिया था।

पवन बंसल ने जताया दुख
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल ने प्रदीप छाबड़ा के निधन पर गहरा दुख जताया है। बंसल ने एक्स पर किए पोस्ट में लिखा कि प्रदीप छाबड़ा दशकों तक मेरे करीबी सहयोगी रहे। उन्होंने चंडीगढ़ प्रादेशिक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में छह साल तक विशिष्टता के साथ काम किया। उनके निधन से चंडीगढ़ के सामाजिक और राजनीतिक जीवन में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है और यह मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को चिर शांति प्रदान करें। भगवान उनके परिवार और उनके असंख्य मित्रों व सहयोगियों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

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