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नया विवाद: पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय से हटी महाराजा रणजीत सिंह की तस्वीर, गरमाई सियासत

Thu, 17 Mar 2022 02:09 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 17 Mar 2022 02:09 PM IST
सार

पंजाब भाजपा महासचिव सुभाष शर्मा ने ट्वीट कर कहा कि डॉ. बीआर आंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीर पर कोई आपत्ति नहीं है लेकिन शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की तस्वीर क्यों हटाई गई।

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Politics intensified after Picture of Maharaja Ranjit Singh removed from Punjab CM office
पदभार ग्रहण करते भगवंत मान। - फोटो : फाइल

विस्तार

पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय से महाराजा रणजीत सिंह की फोटो हटा दी गई है। इस के बाद इस मामले में सियासत शुरू हो गई है। भाजपा ने तस्वीर हटाए जाने पर आपत्ति जताई है। भाजपा नेता ने ट्वीट कर महाराजा रणजीत सिंह को शेर-ए-पंजाब बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान से माफी मांगने के लिए कहा है।

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कल शहीद-ए-आजम भगत सिंह खटकड़ कलां के पैतृक गांव में शपथ लेने के बाद पंजाब सिविल सचिवालय में मुख्यमंत्री कार्यालय में अपना पदभार ग्रहण किया था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय में पदभार ग्रहण करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के पीछे की दीवार पर डॉ. बीआर अंबेडकर और शहीद आजम भगत सिंह की एक तस्वीर सामने आई। 

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भगवंत मान से माफी की मांग

पंजाब भाजपा ने इस तस्वीर पर सवाल उठाए हैं। पंजाब भाजपा महासचिव सुभाष शर्मा ने ट्वीट कर कहा कि डॉ. बीआर आंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीर पर कोई आपत्ति नहीं है लेकिन शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की तस्वीर क्यों हटाई गई। भाजपा नेता सुभाष शर्मा ने ट्वीट कर कहा कि सीएमओ में प्रिय भगवंत मान जी, शहीद भगत सिंह और बाबा साहब की तस्वीर लगाना बहुत ही काबिले तारीफ है लेकिन शेर-ए-पंजाब के महाराजा रणजीत सिंह की तस्वीर हटाकर आपने अपमान किया तुरंत माफी मांगें और पूरे सम्मान के साथ तस्वीर लौटाएं। सुभाष शर्मा ने सीएमओ के दौरान पुराने मुख्यमंत्रियों की तस्वीरें शेयर की हैं। इन तस्वीरों में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल नजर आ रहे हैं। उनके पीछे दीवार पर महाराजा रणजीत सिंह की तस्वीर है।

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पंजाब लोक कांग्रेस ने भी जताई आपत्ति

वहीं पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस की तरफ से भी इस पर आपत्ति जताई गई है। पार्टी की तरफ से कहा गया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की तस्वीर हटाना अस्वीकार्य है। महाराजा रणजीत सिंह पंजाबियों के गौरव, वीरता और साहस के महान प्रतीक हैं। उसकी जगह कोई नहीं ले सकता।



 मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को एक संक्षिप्त लेकिन स्पष्ट संदेश में कहा कि राज्य के लोगों ने एक ऐतिहासिक आदेश दिया है और उनकी सरकार जनहितैषी नीतियों के लिए काम करना जारी रखेगी।  मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को लोगों के जीवन स्तर में सुधार के लिए मिलकर काम करने का भी आश्वासन दिया।

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