नशे के लिए बदनाम गन्ना पिंड में पुलिस की छापेमारी, फिरोजपुर में भी दो गांवों में दबिश
जालंधर देहात पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने नशे के लिए बदनाम गन्ना पिंड में गुरुवार तड़के छापा मारा। पुलिस ने जैसे ही गांव को घेरा, गांव में अफरातफरी मच गई।
टीम की अगुवाई देहात पुलिस के एसपी रविंदर पाल सिंह संधू, डीएसपी दविंदर अत्री और एसटीएफ के एआइजी हरविंदर सिंह कर रहे थे। टीम ने छापेमारी के दौरान मौके पर ही पांच ग्राम हेरोइन और 15 बोतल अवैध शराब बरामद की है।
एसएसपी देहात नवजोत सिंह माहल ने बताया कि पुलिस और एसटीएफ टीम ने गुरुवार सुबह साढ़े पांच बजे से साढ़े आठ बजे तक सर्च अभियान चलाया। इस ऑपरेशन के दौरान पूरे गांव को सील कर दिया गया।
ऑपरेशन के इंचार्ज हरविंदर सिंह और रविंदरपाल सिंह संधू को बनाया गया था। पुलिस ने सर्च शुरू की तो पांच ग्राम हेरोइन के साथ कृपाल सिंह, नौ बोतल अवैध शराब के साथ तरसेम लाल और छह बोतल अवैध शराब के साथ लविंदर कौर को गिरफ्तार किया।
सभी के खिलाफ थाना फिल्लौर में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस तस्करी के आरोप में भोली, जितेंद्र सिंह, रजनीश कुमार, गुरपाल सिंह और बलविंदर कौर से पूछताछ कर रही है। गन्ना पिंड को जालंधर के सांसद चौधरी संतोख सिंह ने गोद ले रखा है और यह गांव नशे के लिए बदनाम है।
इस गांव की महिलाएं और पुरुष अवैध शराब व हेरोइन की तस्करी करते हैं। एसएसपी देहाती नवजोत सिंह माहल ने बताया कि पुलिस व एसटीएफ का संयुक्त ऑपरेशन आगे भी जारी रहेगा।
पिछले दिनों देहात पुलिस ने गन्ना पिंड की कमलजीत कौर और उसके बेटे गुरमुख को दो लाख रुपये की नकदी और 400 ग्राम हेरोइन के साथ काबू किया था। दोनों मां-बेटा काफी समय से तस्करी कर रहे थे। वहीं कुछ दिन पहले गन्ना पिंड के रहने वाले एक युवक को काबू किया गया था।
आई-20 कार में आ रहे एएसआई के 25 साल के बेटे कुलदीप कुमार को अरेस्ट कर उससे 8 लाख 39 हजार 250 रुपये की ड्रग मनी और 30 ग्राम हेरोइन बरामद की थी। इसके बाद से आला अधिकारियों की नजर गन्ना पिंड पर थी।
ऑपरेशन की सूचना हुई लीक
एसटीएफ के अलावा जालंधर देहात की तमाम पुलिस ने गन्ना पिंड की तलाशी ली लेकिन महज 5 ग्राम हेरोइन की बरामदगी ने देहात पुलिस की कारगुजारी पर सवाल खड़ा कर दिया है। चर्चा है कि पुलिस के ऑपरेशन की जानकारी तस्करों को मिल गई थी। चंद बोतल शराब की बरामदगी भी पुलिस को कटघरे में खड़ा कर रही थी।
फिरोजपुर में भी बदनाम दो गांवों में पुलिस ने की छापेमारी
नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त के लिए बदनाम गांव बाजीदपुर और मलवाल कदीम में गुरुवार सुबह पुलिस ने छापेमारी की और हर घर की तलाशी ली। हालांकि पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी नहीं लगी।
पुलिस ने एक घर से दो लाख तीस हजार रुपये की ड्रग मनी और एक संदिग्ध तस्कर पकड़ने का दावा किया है। इस मौके पर डीएसपी (देहात) सतनाम सिंह, डीएसपी (डी) सुखविंदर पाल सिंह व संबंधित थानों के प्रभारी मौजूद थे।
गुरुवार सुबह पांच बजे जब गांव बाजीदपुर और मलवाल कदीम में ग्रामीण सो रहे थे, पुलिस की गाड़ियां दोनों गांवों में घुसी। पुलिस मुलाजिमों ने घरों की तलाशी ली।
पुलिस ने छत और वहां पर रखी पानी की टंकी तक चेक की। दोनों गांवों के हर घर की तलाशी ली गई लेकिन पुलिस के हाथ कोई नशीला पदार्थ नहीं लगा जबकि दोनों गांव नशीले पदार्थ की खरीद-फरोख्त के लिए बदनाम हैं।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि किसी ने पहले से ही उक्त गांवों के तस्करों को सूचित कर दिया था, इसीलिए किसी के घर से भी नशीला पदार्थ नहीं मिला है। पुलिस को एक घर से दो लाख तीस हजार रुपये की नगदी मिली है, पुलिस का दावा है कि उक्त नगदी ड्रग्स मनी है। साथ में एक संदिग्ध तस्कर को पकड़ा है।