हरियाणा: धान खरीद शुरू नहीं होने पर घिरी सरकार, विपक्ष ने साधा निशाना, हुड्डा बोले- मजाक बनाकर रख दिया
एक अक्तूबर से हरियाणा में धान खरीद शुरू नहीं होने पर विपक्ष ने प्रदेश सरकार पर हमला बोला। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सरकार ने धान खरीद को मजाक बना दिया है। वहीं रणदीप सिंह सुरजेवाला और अभय चौटाला ने इसे एमएसपी (न्यूनतम समर्थ मूल्य) खत्म करने का षड़यंत्र बताया है।
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हरियाणा में एक अक्तूबर से धान खरीद शुरू नहीं करा पाने को लेकर सरकार घिर गई है। किसानों, आढ़तियों समेत विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेश में पहले से ही किसान आंदोलन चल रहा है, ऐसे में खरीद शुरू करा पाना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
खरीद शुरू कराने को जहां किसान आंदोलित हो गए हैं, वहीं विपक्षी दल एमएसपी पर खरीद को मुद्दा बना रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि भाजपा सरकार एमएसपी को खत्म करने के लिए ऐसे फरमान सुना रही है। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, रणदीप सुरजेवाला और इनेलो के नेता अभय सिंह चौटाला ने किसानों का समर्थन करते हुए तुरंत प्रभाव से खरीद शुरू करने की मांग की है।
एक तरफ मौसम, दूसरी तरफ सरकार की मार झेल रहे हैं किसान: हुड्डा
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने खरीद को मजाक बनाकर रख दिया है। एक तो मौसम की मार और दूसरा सरकार भी इसमें कोई कसर नहीं छोड़ रही है। पहले खुद सरकार ने ही 25 सितंबर से खरीद शुरू करने का एलान किया था। उसके बाद एक अक्तूबर से खरीद की बात कही और अब 11 अक्तूबर तक खरीद को टाल दिया गया है। सरकार एमएसपी से बचने के लिए ऐसा कर रही है, इसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
हुड्डा ने कहा कि लाखों क्विंटल धान प्रदेश की मंडियों में अन्नदाता ट्रैक्टर ट्रालियों में भर कर ला चुके है लेकिन कोई फसल खरीदने वाला नहीं है। सरकार को बिना देरी खरीद शुरू करनी चाहिए और जिन किसानों ने एमएसपी से कम रेट पर फसल बेची है, उनके नुकसान की भरपाई करनी चाहिए।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हड़ताल पर गए मंडी में काम करने वाले मजदूरों की मांगों का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा मजदूरी में कटौती करने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। हुड्डा ने एक बार फिर अधिक बारिश से फसलों को हुए नुकसान के मुआवजे की मांग उठाई।
एमएसपी खत्म करने का षड़यंत्र: सुरजेवाला
रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि धान खरीद 11 अक्तूबर तक टालना सरकार की सोची समझी साजिश है। सरकार चोर दरवाजे से एमएसपी खत्म करने का षड़यंत्र रच रही है। सुरजेवाला ने कहा कि मंडियों में 20 लाख क्विंटल से अधिक धान खुले में पड़ा है। अंबाला की मंडियों में लगभग 4.50 लाख क्विंटल धान, कुरुक्षेत्र में 5.50 लाख क्विंटल, यमुनानगर में 2.25 लाख, कैथल में 2 लाख क्विंटल और करनाल की मंडियों में 1.75 लख क्विंटल धान की आवक हो चुकी है।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला द्वारा तीन अक्तूबर के बाद निर्णय लेने के बयान पर कांग्रेस नेता ने कहा कि तब तक किसान कहां पर जाएं? सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा का किसान विरोधी चेहरा एक और षडयंत्र से बेनकाब होता है। आज तक भी सरकार ने धान, बाजरा व अन्य खरीफ फसलों के साल 2021-22 के ‘खरीद मापदंड’ जारी नहीं किए तो फिर सरकारी एजेंसियां एमएसपी पर खरीद कैसे करेंगी? प्राइवेट मिलर्स पर भी पांच प्रतिशत सिक्योरिटी की शर्त लगाना भी गलत है।
सरकार नहीं चाहती एमएसपी पर खरीद: चौटाला
इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने आरोप लगाया कि सरकार एमएसपी पर खरीद नहीं करना चाहती। इसलिए ही खरीद की तारीख पर तारीख दे रही है। किसानों की फसलें पककर तैयार हैं और मंडियां अटी पड़ी हैं लेकिन सरकार के पास खरीद की कोई योजना नहीं है।
चौटाला ने झज्जर में कृषि के तीन कानूनों के खिलाफ सरकार का विरोध कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज करने की निंदा की है। चौटाला ने कहा कि धान की खरीद 15 सितंबर से शुरू हो जानी चाहिए थी। ऐसे में किसान धान की फसल को व्यापारियों को औने-पौने दामों में बेचने पर मजबूर हो जाएंगे और फिर किसान की वही धान की फसल व्यापारी सरकार से मिलीभगत कर एमएसपी पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाएंगे। इससे फिर से एक बहुत बड़े धान घोटाले को अंजाम दिया जाएगा।