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ऑपरेशन एंड गेम: दुबई से गुजरात कनेक्शन, 307 करोड़ की संपत्ति अटैच; लाॅरेंस गैंग को जाती थी मंथली

Fri, 26 Sep 2025 01:59 PM IST
निवेदिता वर्मा विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़
विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 26 Sep 2025 01:59 PM IST
सार

चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा सहित उत्तर भारत के अन्य राज्यों में इस अवैध नेटवर्क को चलाने के लिए गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप का संरक्षण मिल रहा था। रिंकू के करीबियों ने खुलासा किया है कि इस संरक्षण के एवज में हर महीने करीब 5 करोड़ की राशि लॉरेंस ग्रुप को जाती थी।

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Operation End Game Dubai Gujarat connection assets worth Rs 307 crore attached
प्रवर्तन निदेशालय - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

ऑपरेशन एंड गेम के मास्टरमाइंड दुबई और जॉर्जिया से बैठकर पूरे उत्तर भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी का कारोबार चला रहे थे। यह खुलासा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में हुआ है। ईडी के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार दुबई में बैठे कृष लक्ष्मीचंद शाह, आरआर और संजय इस नेटवर्क को सीधे तौर पर ऑपरेट कर रहे थे।
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ईडी ने इस मामले में मास्टरमाइंड की 307 करोड़ की संपत्ति अटैच की है। इसमें दुबई में जमीन, फ्लैट, विला और बैंक बैलेंस शामिल हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क के ज्यादातर मास्टरमाइंड गुजरात से ताल्लुक रखते हैं। ईडी की हिरासत में लिए गए नंद किशोर उर्फ रिंकू ने पूछताछ में चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के कई किंगपिन का खुलासा किया है जिन्होंने बीते 10 से 15 साल में सट्टेबाजी के जरिये करोड़ों की संपत्ति बनाई है। रिंकू दिल्ली में प्रवीण और दुबई में बैठे मास्टरमाइंड आरआर के संपर्क में था। इसके अलावा संजय खुराना उर्फ संजय-45 भी चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली में इस नेटवर्क को बड़े स्तर पर चला रहा था। पंचकूला में यह नेटवर्क नानक संभालता है।
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गैंगस्टर बिश्नोई ग्रुप को जाती थी पांच करोड़ की मंथली

जांच में सामने आया है कि चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा सहित उत्तर भारत के अन्य राज्यों में इस अवैध नेटवर्क को चलाने के लिए गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप का संरक्षण मिल रहा था। रिंकू के करीबियों ने खुलासा किया है कि इस संरक्षण के एवज में हर महीने करीब 5 करोड़ की राशि लॉरेंस ग्रुप को जाती थी। यह राशि सट्टेबाजी में करोड़ों रुपये हारने वाले लोगों से जबरन रिकवरी कराने में मदद के रूप में दी जाती थी। आयकर चंडीगढ़ की इन्वेस्टिगेशन टीम की चार दिन की रेड के बाद ईडी ने रिंकू को हिरासत में लिया था। अब आयकर के अधिकारी रिंकू, चिक्की, संजय, गुलशन, नानक समेत टॉप-14 किंगपिन की पहचान कर चुके हैं। इनकी संपत्तियों का मूल्यांकन और आय के स्रोतों का सत्यापन किया जा रहा है और जल्द ही इनकी और संपत्ति कुर्क की जाएगी।

आईपीएस चहल ने रिंकू और संजय पर की थी कार्रवाई

चंडीगढ़ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक जब आईपीएस कुलदीप सिंह चहल शहर में बतौर एसएसपी तैनात थे तब उन्होंने अलग से डिस्ट्रिक्ट क्राइम सेल का गठन किया था। उस समय क्राइम ब्रांच एसएसपी के अधीन नहीं थी। डिस्ट्रिक्ट क्राइम सेल के गठन के बाद आईपीएस चहल ने सेक्टर-45 निवासी संजय को एक मामले में गिरफ्तार कर उसके खिलाफ केस दर्ज कराया था। यही नहीं, जीरकपुर, मोहाली और चंडीगढ़ में ऑनलाइन बेटिंग से जुड़े कई मामलों में नंद किशोर उर्फ रिंकू से भी पूछताछ की गई थी।
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