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चंडीगढ़ में सेमी-ओपन जेल के नए नियम लागू: पात्र कैदियों को मिलेगा काम और प्रशिक्षण, क्या हैं तय किए गए मानदंड

Thu, 03 Sep 2026 08:20 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Thu, 03 Sep 2026 08:20 AM IST
सार

नियमों के अनुसार सेमी-ओपन जेल में भेजे जाने वाला कैदी सामान्य तौर पर 21 से 50 वर्ष की आयु का होना चाहिए। उसका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा होना चाहिए तथा वह शारीरिक श्रम करने में सक्षम होना चाहिए।

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New rules for semi-open prisons implemented in Chandigarh Eligible inmates to receive work training
जेल - फोटो : adobestock

विस्तार

चंडीगढ़ प्रशासन ने सेमी-ओपन जेल में कैदियों के चयन, स्थानांतरण, काम के घंटे, प्रशिक्षण और अन्य सुविधाओं को लेकर ‘यूनियन टेरिटरी ऑफ चंडीगढ़ सेमी-ओपन जेल रूल्स, 2026’ अधिसूचित किए हैं। ये नियम 2 सितंबर को चंडीगढ़ प्रशासन गजट में प्रकाशित होने के साथ प्रभावी हो गए हैं। अधिसूचना 1 सितंबर को जारी की गई थी।

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21 से 50 वर्ष की आयु और अच्छा आचरण जरूरी
नियमों के अनुसार सेमी-ओपन जेल में भेजे जाने वाला कैदी सामान्य तौर पर 21 से 50 वर्ष की आयु का होना चाहिए। उसका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा होना चाहिए तथा वह शारीरिक श्रम करने में सक्षम होना चाहिए। जेल में उसका पिछला आचरण भी अच्छा होना अनिवार्य है। साथ ही उसके खिलाफ एक से अधिक पिछली सजा नहीं होनी चाहिए।
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कैदी को कम से कम तीन साल की कठोर कारावास की सजा मिली होनी चाहिए या साधारण कारावास की सजा होने पर उसने श्रम करने की इच्छा जताई हो। हालांकि, नियमों में कई गंभीर अपराधों तथा एनडीपीएस और पॉक्सो एक्ट से संबंधित मामलों में पात्रता नहीं दी गई है।
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सजा का एक-तिहाई या आधा हिस्सा पूरा करना जरूरी
सात साल तक की सजा वाले कैदी को सेमी-ओपन जेल के लिए पात्र होने से पहले अपनी वास्तविक सजा का कम से कम एक-तिहाई हिस्सा पूरा करना होगा। सात साल से अधिक की सजा या उम्रकैद वाले कैदी के लिए कम से कम आधी सजा पूरी करना जरूरी होगा। नियमों में उम्रकैद के संबंध में 14 साल की अवधि का उल्लेख किया गया है।

इसके अलावा कैदी को चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश की अदालत से दोषी ठहराया गया होना चाहिए, उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं होना चाहिए और वह पहले कभी जेल से फरार नहीं हुआ होना चाहिए। सेमी-ओपन जेल में काम करने की इच्छा और अच्छा पारिवारिक आधार भी जरूरी है। स्थानांतरण के समय उसकी सजा के छह महीने से अधिक समय शेष होना चाहिए तथा कम से कम तीन पैरोल या फरलो संतोषजनक आचरण के साथ ली हुई होनी चाहिए।

चयन के लिए दो स्तर की प्रक्रिया
पात्र कैदियों के चयन की प्रक्रिया भी नियमों में तय की गई है। प्रारंभिक चयन के लिए मॉडल जेल, चंडीगढ़ के अधीक्षक जेल, मेडिकल ऑफिसर, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट जेल ग्रेड-I, लॉ ऑफिसर और वेलफेयर ऑफिसर की समिति होगी। अंतिम चयन इंस्पेक्टर जनरल ऑफ प्रिजन्स या उनके नामित अधिकारी, मॉडल जेल के अधीक्षक और सेमी-ओपन जेल के प्रभारी अधिकारी वाली समिति करेगी।

स्थानांतरण से पहले कैदी की मेडिकल फिटनेस जांच होगी। उसके साथ मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र, केस हिस्ट्री, जेल में किए गए अच्छे काम की अधीक्षक की सिफारिश और कैदी का रोल भी भेजा जाएगा।

खेतों में काम के साथ मिलेगा व्यावसायिक प्रशिक्षण
सेमी-ओपन जेल में कैदियों के लिए काम के घंटे मौसम के अनुसार तय किए गए हैं। 16 अप्रैल से 15 अक्तूबर तक सुबह 6 से 10 बजे और दोपहर 3 से शाम 7 बजे तक खेत में काम होगा। वहीं 16 अक्तूबर से 15 अप्रैल तक सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तथा दोपहर 12:30 से शाम 4 बजे तक काम का प्रावधान है। संस्थागत जरूरत और मौसम के अनुसार प्रभारी अधिकारी इन समयों में बदलाव कर सकता है।

कैदियों को कृषि और अन्य कार्यों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसमें मिट्टी संरक्षण, आधुनिक कृषि मशीनों का इस्तेमाल, उन्नत बीजों का चयन, कंपोस्ट खाद तैयार करना, रासायनिक उर्वरकों का उपयोग, बहुफसली खेती, कीट नियंत्रण, पशुपालन, बागवानी, बायोगैस प्लांट संचालन, गोबर से पैलेट बनाना तथा सिलाई-कढ़ाई जैसे प्रशिक्षण शामिल हैं। प्रशिक्षण पूरा करने पर कैदी को दक्षता प्रमाणपत्र भी दिया जा सकेगा।

मजदूरी, मनोरंजन और मुलाकात की सुविधा
नियमों के तहत सेमी-ओपन जेल के प्रत्येक कैदी को चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से समय-समय पर निर्धारित वेज अर्निंग स्कीम का लाभ मिलेगा। कैदियों के मनोरंजन के लिए सरकारी खर्च पर रेडियो, खेल और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मॉडल जेल, चंडीगढ़ में लागू कैंटीन नियमों के अनुसार कैंटीन की वस्तुएं भी उपलब्ध होंगी।

कैदियों को अपने रिश्तेदारों और मित्रों से मुलाकात के लिए संख्या की कोई सीमा नहीं होगी। उन्हें मॉडल जेल के कैदियों के समान कॉलिंग सुविधा भी दी जाएगी। इसके अलावा हर छह महीने में दो आस्तीन वाली बनियान और दो मीटर लंबी छोटी पगड़ी भी अतिरिक्त कपड़ों के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।

20 कैदियों पर एक वार्डर
स्टाफिंग के तहत प्रत्येक शिफ्ट और प्रत्येक कार्य क्षेत्र में अधिकतम 20 कैदियों के लिए एक वार्डर उपलब्ध कराया जाएगा। नौ वार्डरों तक एक हेड वार्डर होगा। सेमी-ओपन जेल या बैरक की समग्र निगरानी डिप्टी सुपरिंटेंडेंट जेल ग्रेड-I से कम रैंक के अधिकारी द्वारा नहीं की जाएगी।

नियमों में यह भी प्रावधान है कि प्रशासनिक आधार पर सेमी-ओपन जेल से बाहर किए गए कैदी को दोबारा वहां प्रवेश के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। हालांकि, इंस्पेक्टर जनरल ऑफ प्रिजन्स लिखित कारण दर्ज करके नियमों के तहत सामान्य पात्रता नहीं रखने वाले किसी कैदी का भी चयन कर सकते हैं।
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