फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

किसान मोर्चा: हजारों ट्रैक्टर के साथ डटे किसान, खाना बनाने को दिहाड़ी पर लाई गई महिलाएं; लंबी लड़ाई की तैयारी

Thu, 03 Sep 2026 08:55 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/मोहाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/मोहाली Published by: Nivedita Updated Thu, 03 Sep 2026 08:55 AM IST
सार

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने पानी और किसानों के कर्जा माफी जैसे मुद्दों को लेकर चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर पक्का मोर्चा लगा दिया है। यह मोर्चा 7 सितंबर तक जारी रहेगा।

विज्ञापन
Farmers protest in mohali 3,000 tractors milk runs out at shops major announcement
मोहाली में किसान मोर्चा - फोटो : अमर उजाला

पंजाब के किसानों ने चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर अपनी मांगों को लेकर एक बड़ा मोर्चा लगा दिया है। इस आंदोलन में पूरे पंजाब से हजारों की संख्या में ट्रैक्टर और ट्रालियां पहुंच चुकी हैं। किसान नेताओं ने भले ही इसे सात दिन का मोर्चा बताया है। हालांकि, किसान लंबी लड़ाई के लिए पूरी तैयारी के साथ डटे हुए हैं।



किसानों ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं होने पर किसानों ने इसका सख्त नोटिस लिया है। मोर्चे ने 4 सितंबर को वरिष्ठ पदाधिकारियों की अहम बैठक बुलाई है। बैठक के बाद आंदोलन को लेकर बड़ा एलान किया जा सकता है।

किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ सड़क के एक हिस्से पर पहले ही डेरा डाल दिया था। अब दूसरे हिस्से में भी किसानों का जमावड़ा बढ़ने लगा है। इसके चलते बुधवार को मोहाली-चंडीगढ़ सीमा और आसपास के मार्गों पर जाम जैसे हालात बने रहे। महापंचायत में किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि अपने अधिकारों की लड़ाई वे जारी रखेंगे।

Farmers protest in mohali 3,000 tractors milk runs out at shops major announcement
मोहाली में किसान मोर्चा - फोटो : संवाद

अमर उजाला की टीम ने आधी रात के बाद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। सुबह तीन बजे के करीब एक किसान ने बताया कि उन्हें नेताओं ने सात दिन का मोर्चा कहा है। हालांकि, वे पूरी तैयारी के साथ आए हैं। नेताओं के निर्देश पर वे छह महीने या साल भर भी रुकने को तैयार हैं।

मोर्चे पर लंगर की व्यवस्था की गई है, जिसके लिए महिलाएं भी दिहाड़ी पर काम कर रही हैं। एक किसान ने बताया कि वह अपने गांव से 35 ट्रैक्टर और ट्रालियां लेकर आया है। किसानों का कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगें नहीं मानती तो यह आंदोलन लंबा चलेगा। पुलिस और प्रशासन इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यह मोर्चा स्थायी न हो जाए। आंदोलन में किसानों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

Farmers protest in mohali 3,000 tractors milk runs out at shops major announcement
मोहाली में किसान मोर्चा - फोटो : संवाद
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
महापंचायत को देखते हुए चंडीगढ़-मोहाली सीमा और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की तैनाती की गई। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए बैरिकेडिंग की गई है। किसानों की बढ़ती भीड़ के कारण कुछ मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा और वाहन चालकों को परेशानी हुई। देर शाम तक किसान धरनास्थल पर डटे रहे।



जमीन पर नींद, हक की जिद
रात गहराती रही और चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर किसानों का धरना चलता रहा। दिनभर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करने वाले किसानों ने मंगलवार की रात धरनास्थल पर ही गुजारी। कई किसान जमीन पर बिस्तर लगाकर सोए तो कुछ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के पास ही आराम करते नजर आए। खुले आसमान के नीचे बीती रात के बावजूद किसानों के हौसले में कमी नहीं आई। उनका कहना है कि यह लड़ाई उनके हक की है और मांगें पूरी होने तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Farmers protest in mohali 3,000 tractors milk runs out at shops major announcement
मोहाली में किसान मोर्चा - फोटो : संवाद
घर से दूर, धरनास्थल पर रात
रात के समय धरनास्थल पर किसानों की मौजूदगी बनी रही। कई किसान जमीन पर बिस्तर लगाकर सोते दिखाई दिए। कुछ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के आसपास बैठे रहे। वहीं, कई किसान आपस में बातचीत करते और अगले दिन की गतिविधियों को लेकर चर्चा करते नजर आए।

घर-परिवार से दूर रहकर आंदोलन में डटे किसानों ने कहा कि उन्हें परेशानी जरूर हो रही है लेकिन इसका असर उनके संघर्ष पर नहीं पड़ेगा। धरनास्थल पर मौजूद गुरतेज सिंह, जसविंदर सिंह और गुरदीप सिंह ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगें सरकार और प्रशासन के सामने उठा रहे हैं। इसके बावजूद अपेक्षित समाधान नहीं निकला। इसलिए अब आंदोलन को और मजबूती देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से सुनवाई नहीं होती, वे धरना जारी रखेंगे।

सुविधाएं बढ़ाने की मांग
किसानों ने कहा कि कई दिनों तक धरनास्थल पर रहने के लिए जरूरी सुविधाओं की जरूरत है। प्रशासन को पीने के पानी, सफाई और अन्य बुनियादी इंतजामों का ध्यान रखना चाहिए। किसानों ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने की मांग भी दोहराई। उनका कहना है कि वे सरकार से टकराव नहीं चाहते। वे चाहते हैं कि उनकी मांगों पर सरकार गंभीरता से बातचीत करे और सकारात्मक निर्णय ले।

रात भी संघर्ष का हिस्सा
रात बढ़ने के साथ धरनास्थल पर कुछ किसान आराम करने लगे लेकिन आंदोलन का माहौल बना रहा। कोई ट्रॉली के पास बैठा था तो कोई साथियों के साथ अगले दिन की रणनीति पर चर्चा कर रहा था। किसानों के लिए जमीन पर गुजारी यह रात भी उनके आंदोलन का हिस्सा रही।
विज्ञापन
Farmers protest in mohali 3,000 tractors milk runs out at shops major announcement
मोर्चे में बन रहा लंगर - फोटो : संवाद
सात सितंबर तक जारी रहेगा धरना
संयुक्त किसान मोर्चे की ओर से सात सितंबर तक धरना जारी रखने का ऐलान किया गया है। किसानों का कहना है कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक वे बॉर्डर से नहीं हटेंगे। उनका कहना है कि सरकार बातचीत का रास्ता अपनाए और मांगों का ठोस समाधान निकाले। तभी आंदोलन समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।

दुकानों में दूध गायब
किसानों के सात दिवसीय पक्के मोर्चे का असर अब आसपास के बाजार तक पहुंच गया है। पंजाब के अलग-अलग जिलों से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में बड़ी संख्या में किसान पहुंच रहे हैं। धरनास्थल पर लंगर के लिए खाना तैयार हो रहा है। बढ़ती भीड़ के साथ दूध, सब्जी, आटा और दाल की मांग भी बढ़ गई है। इसका सबसे साफ असर फेज-11 मार्केट में दिखा। बुधवार सुबह कई दुकानों पर दूध खत्म हो गया और स्थानीय लोगों को परेशानी हुई।

दूध विक्रेता सुदेश कुमार ने बताया कि आंदोलन स्थल से अतिरिक्त मांग आ रही है। सप्लाई आने के बाद दूध जल्दी खत्म हो जाता है। फेज-11 निवासी सुजीत कुमार ने बताया कि सुबह दूध नहीं मिला। इसलिए उन्होंने शाम की जरूरत के लिए सुबह ही दूध खरीद लिया।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed