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Chandigarh News: निर्दलीय विधायकों के आधिकारिक मेल नहीं पहुंचा पत्र, राज्यपाल कार्यालय ने नहीं किया विचार

Wed, 15 May 2024 05:04 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 15 May 2024 05:04 AM IST
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Official mail letter of independent MLAs did not reach Governors office did not consider
- तीन निर्दलीय विधायकों के सैनी सरकार से समर्थन वापस लेने में फंसा नया पेंच
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- राज्यपाल के आज हरियाणा आने के उम्मीद, कांग्रेस विधायक मांग रहे मिलने का समय


अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के तीन निर्दलीय विधायकों द्वारा भाजपा सरकार से समर्थन वापसी के मामले में नया पेच फंस गया है। राज्यपाल कार्यालय की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि तीनों विधायकों के समर्थन वापसी का पत्र उनकी आधिकारिक ई-मेल आईडी से नहीं आया, बल्कि किसी अन्य की मेल आईडी से आया है। पत्र की सत्यता पर भी संदेह जताया गया है। इसलिए इस पत्र पर राज्यपाल कार्यालय ने कोई विचार नहीं किया। उधर, कांग्रेस विधायक दल के उप नेता आफताब अहमद का कहना है कि राज्यपाल कार्यालय से उनके पास कोई संदेश नहीं आया है। राज्यपाल के हरियाणा आने के बाद ही उनसे मिलने का प्रयास किया जाएगा। तभी स्थिति साफ होगी। तीनों विधायक कैमरे के सामने समर्थन वापसी की बात कह चुके हैं, तो आधिकारिक मेल का कोई तर्क नहीं रह जाता। संभावना है कि राज्यपाल 15 मई को हरियाणा लौटेंगे। इसके बाद ही कांग्रेस अगला कदम उठाएगी।
पूंडरी से निर्दलीय विधायक रणधीर गोलन, नीलोखेड़ी से धर्मपाल गोंदर और चरखी दादरी से सोमवीर सांगवान ने सात मई को रोहतक में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अगुवाई में भाजपा से समर्थन वापसी और कांग्रेस को समर्थन देने का एलान किया था। इतना ही नहीं तीनों ही विधायकों ने एक ही पत्र पर समर्थन वापसी के लिए हस्ताक्षर करके राज्यपाल कार्यालय भेजा था। राज्यपाल के राज्य से बाहर होने के चलते जब कांग्रेस को इसका कोई जवाब नहीं मिला तो विधायक दल के उप नेता आफताब अहमद और विधायक बीबी बतरा खुद राज्यपाल से मिलने राजभवन पहुंचे। राज्यपाल से मुलाकात न होने पर कांग्रेस विधायकों ने उनके सचिव को ज्ञापन सौंपा और मिलने का समय मांगा था। कांग्रेस प्रदेश सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग कर चुकी है, लेकिन अब राज्यपाल कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि विधायकों की मेल आईडी से पत्र नहीं आया है। किसी बाहरी व्यक्ति की मेल से भेजे गए पत्र को सही नहीं माना जा सकता। राजभवन इस मामले में केवल विधायकों से सीधे पत्र प्राप्त होने के बाद ही कार्यवाही करेगा। हरियाणा राजभवन के एक अधिकारी ने बताया कि अब विधायकों को या तो राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के सामने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा या अपनी आधिकारिक ई-मेल आईडी से दोबारा पत्र भेजना होगा। राजभवन में किसी भी निजी व्यक्ति या अन्य पार्टियों की ईमेल आईडी से भेजे गए ऐसे पत्र पर विचार नहीं किया जाता।
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अभी अल्पमत में नहीं सैनी सरकार
राजभवन की ओर से अभी तक तीनों विधायकों के समर्थन वापसी को स्वीकार नहीं किया गया है, ऐसे में सरकार अल्पमत में नहीं है। विधायकों के समर्थन वापसी के पत्र स्वीकार होने के बाद ही सरकार अल्पमत में आएगी। फिलहाल निर्दलीय विधायकों का अभी भाजपा सरकार को समर्थन प्राप्त है। खुद विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता यह बात कह चुके हैं कि विधायकों की जैसी स्थिति पहले थी, अभी भी वैसी ही है। विधानसभा के पास भी ऐसा कोई पत्र अभी नहीं पहुंचा है।
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हम तीनों विधायकों ने एक पत्र पर हस्ताक्षर करके सरकार से समर्थन वापसी के लिए राज्यपाल को भेजा है। आधिकारिक ई-मेल आईडी से पत्र भेजने के संबंध में हमसे राज्यपाल कार्यालय ने कोई संपर्क नहीं किया है। हमने खुलेआम कैमरे के सामने सरकार से समर्थन वापस लिया है।

रणधीर गोलन, निर्दलीय विधायक, पूंडरी

-----------राज्यपाल कार्यालय से इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है और न ही किसी ने हमसे संपर्क किया है। राज्यपाल से मिलने के लिए हमने समय मांगा है, उसका भी कोई जवाब नहीं मिला है। इस संबंध में हम राज्यपाल से मिलेंगे।

-आफताब अहमद, उप नेता, कांग्रेस विधायक दल
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