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Karnal ammunition recovery case: अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने संभाली कमान, हरियाणा पुलिस के साथ करेगी काम
Thu, 26 May 2022 10:33 AM IST
निवेदिता वर्मा
एएनआई, चंडीगढ़
एएनआई, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 26 May 2022 10:33 AM IST
सार
करनाल में आईईडी और गोला-बारूद बरामदगी मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अपने हाथ में ले ली है।
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करनाल में चार आतंकी गिरफ्तार।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरियाणा के करनाल में पांच मई को विस्फोटक के साथ चार आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद न तो पुलिस अभी तक नांदेड़ पहुंचाए जा चुके विस्फोटक को बरामद कर सकी है, न ही उनसे कोई बड़ा खुलासा कर सकी है। धीरे-धीरे पुलिस की जांच का रुख आतंक के ठिकानों से भटककर फर्जी आरसी की ओर होता जा रहा है। किसी अधिकारी ने अभी पुष्टि तो नहीं की, लेकिन सूत्र बताते हैं कि इस मामले की जांच अब नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) ने भी अपने हाथ में ले ली है।
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पांच मई को बसताड़ा टोल प्लाजा पर करनाल पुलिस ने चार आतंकियों को विस्फोटक सामग्री व हथियार के साथ पकड़ा था। इस दौरान इन आतंकियों से दो कारों की फर्जी आरसी भी बरामद हुई थी। जिसकी जांच के बाद पुलिस के सामने अंबाला निवासी नितिन का नाम सामने आया था। जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद पंजाब निवासी संदीप को गिरफ्तार किया गया।
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गिरफ्तार आतंकी गुरप्रीत सिंह व उसके भाई अमनदीप को पंजाब के फिरोजपुर पुलिस ले गई है, वहीं करनाल पुलिस ने फर्जी आरसी बनाने के मामले में आतंकी परमिंदर को तीन दिन के प्रोडक्शन वारंट के बाद मंगलवार को दोबारा कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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आतंकी से पुलिस दो ही कारें बरामद कर पाई हैं, जबकि आतंकी ने छह कारें बेचने का खुलासा किया था। जिनकी फर्जी आरसी बनी थी। अभी तक पुलिस मुख्य आरोपी मेरठ निवासी पवन को भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पुलिस की जांच अब आतंकियों के स्लीपिंग नेटवर्क को खंगालने के बजाय फर्जी आरसी पर केंद्रित होती जा रही है।
हालांकि करनाल पुलिस तो इस मामले में अपने हिस्से का काम लगभग कर चुकी है, लेकिन तेलंगाना, महाराष्ट्र पुलिस भी कई दिनों तक करनाल में डेरा डाले रही, लेकिन अभी तक कुछ अहम खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया ने आईईडी की बरामदगी के साथ आतंकियों की गिरफ्तारी के मामले की जांच एनआईए के पास जाने के मामले में बताया कि ऐसा कोई आदेश उनके पास नहीं आया है।