पानी बर्बाद करना पड़ेगा भारी, कटेगा कनेक्शन, किराएदार ने तोड़ा नियम तो मालिक भरेगा जुर्माना
- लोगों को प्रेशर से पानी मुहैया करवाने को जल आपूर्ति विभाग का फैसला
- चाहे नियम किराएदार तोड़े या नौकर, मकान मालिक ही भरेगा जुर्माना
विस्तार
गर्मी के मौसम में लोगों को पूरे प्रेशर से पानी मुहैया करवाने को लेकर जल आपूर्ति विभाग ने कड़ा फैसला लिया है। जिसमें अब लोग गाड़ी, सड़क आदि पाइप लगाकर या बाल्टी भरकर नहीं धो पाएंगे। इस तरह पानी बर्बाद करने वालों के चालान काटे जाएंगे। यहां तक कि अगर कोई व्यक्ति नियम तोड़ने से बाज नहीं आता है तो उसका पानी का कनेक्शन तक काट दिया जाएगा। इसके बाद कनेक्शन की बहाली जुर्माना भरने और हलफनामा देने के बाद होगी। जिसमें व्यक्ति को विभाग को लिखकर देना होगा कि वह भविष्य में पानी बर्बाद नहीं करेगा।
गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है। लेकिन मोहाली में पहले से ही पानी की किल्लत है। ऐसे में लोगों को पूरे प्रेशर से पानी मुहैया करवाने के लिए आपूर्ति विभाग ने लोगों की मदद से पानी की बर्बादी रोकने का फैसला लिया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि घर में भले ही नौकर या किराएदार पानी की बर्बादी करे। लेकिन इसका जुर्माना मकान मालिक को भरना होगा।
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आपूर्ति विभाग ने उक्त आदेश शुक्रवार से ही पूरे शहर में लागू कर दिए हैं। इसके साथ ही इस पर निगरानी करने के लिए अधिकारियों की टीमें गठित कर दी हैं, जो कि विभिन्न इलाकों में जाकर पानी बर्बाद करने वालों पर निगरानी रखेगी।
इन चीजों पर लगी पाबंदी
घरों में गमलों और बगीचों को पानी देना, स्कूटर, कार या बड़ी गाड़ियों को टोटी में पाइप लगाकर धोना या ऊपर पानी डालना, बरामदे, फर्श और सड़क को धोना, मेन पानी की लाइन पर टूल्लू पंप लगाना। मीटर तक पानी की पाइप में लीकेज, घर की छत पर रखे टैंक, डैजर्ट कूलरों का ओवर फ्लो होना।
विभाग ऐसे वसूलेगा जुर्माना
पानी की बर्बादी करने वाले लोगों के पकड़े जाने पर तीन श्रेणी में जुर्माना लगाया गया है। पहली बार पकड़े जाने पर एक हजार रुपये, दूसरी बार दो हजार रुपये जुर्माना किया जाएगा। यह जुर्माना पानी के बिल में जुड़कर आएगा। तीसरी बार पकड़े जाने पर बिना नोटिस दिए पानी का कनेक्शन काट दिया जाएगा। उपभोक्ता से 5000 रुपये जुर्माना और हलफनामा लिया जाएगा। वहीं, कनेक्शन की बहाली अधिकारी के फैसले पर तय होगी।
मोहाली वाटर सप्लाई का ये हाल
मोहाली शहर में 50 वार्ड हैं। जहां पर कजौली वाटर वर्क्स और ट्यूबवेलों के माध्यम से पानी की सप्लाई होती है। हालांकि शहर को कुल पानी की जरूरत 25-27 एमजीडी की रहती है। जबकि शहर को 15 एमजीडी तक दोनों माध्यम से मिल रहा है। जबकि शेष पानी अभी कजौली से आना है। इसके अलावा नए सेक्टरों की सप्लाई गमाडा के अधीन है। गमाडा वहां ट्यूबवेलों से पानी की सप्लाई करता है।