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बिजली के न्यूनतम शुल्क को माफ किया जाए : बंसल
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चंडीगढ़। लॉकडाउन के दौरान बिजली के न्यूनतम शुल्क को माफ किया जाए। इस बारे में पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन बंसल ने पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक को एक पत्र लिखा है।
बंसल ने मांग की है कि लॉकडाउन के मद्देनजर सभी गैर-आवासीय उपभोक्ताओं के लिए बिजली के न्यूनतम शुल्क को वर्तमान लॉकडाउन अवधि और उसके बाद के 15 दिनों के लिए माफ किया जाए। बंसल ने कहा कि कोरोना महामारी की वजह से लॉकडाउन ने सभी व्यवसायों और उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। इस अवधि के दौरान व्यावहारिक रूप से कोई आय न होते भी सभी औद्योगिक और वाणिज्यिक उद्यमों के मालिकों, यहां तक कि सामाजिक और धार्मिक संस्थानों को भी अपने कर्मचारियों को वेतन अदा करना है। कुछ हद तक उनकी कठिनाई को कम करने के लिए प्रशासन को सभी श्रेणियों के लिए न्यूनतम शुल्क वसूल नहीं करना चाहिए। रिहायशी उपभोक्ताओं के घर में बने रहने के कारण बिजली की अधिक खपत होती है। बंसल ने अपने पत्र में कहा कि प्रशासन का यह छोटा कदम उन लोगों के प्रति सहानुभूति होगी, जो केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के राजस्व को मजबूत बनाने में अपना योगदान देते हैं।
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बंसल ने मांग की है कि लॉकडाउन के मद्देनजर सभी गैर-आवासीय उपभोक्ताओं के लिए बिजली के न्यूनतम शुल्क को वर्तमान लॉकडाउन अवधि और उसके बाद के 15 दिनों के लिए माफ किया जाए। बंसल ने कहा कि कोरोना महामारी की वजह से लॉकडाउन ने सभी व्यवसायों और उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। इस अवधि के दौरान व्यावहारिक रूप से कोई आय न होते भी सभी औद्योगिक और वाणिज्यिक उद्यमों के मालिकों, यहां तक कि सामाजिक और धार्मिक संस्थानों को भी अपने कर्मचारियों को वेतन अदा करना है। कुछ हद तक उनकी कठिनाई को कम करने के लिए प्रशासन को सभी श्रेणियों के लिए न्यूनतम शुल्क वसूल नहीं करना चाहिए। रिहायशी उपभोक्ताओं के घर में बने रहने के कारण बिजली की अधिक खपत होती है। बंसल ने अपने पत्र में कहा कि प्रशासन का यह छोटा कदम उन लोगों के प्रति सहानुभूति होगी, जो केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के राजस्व को मजबूत बनाने में अपना योगदान देते हैं।
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