हरियाणा में अब मेडिकल-डेंटल कॉलेजों में आर्थिक कमजोरों को आरक्षण, बढ़ाई जाएंगी सीटें
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हरियाणा सरकार अब मेडिकल व डेंटल कॉलेजों के दाखिले में आर्थिक कमजोर वर्ग के लोगों को भी आरक्षण का लाभ देगी। इस संदर्भ में हरियाणा मंत्रिमंडल समूह की बैठक में संबंधित प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान समय में प्रदेश के मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में पोस्ट ग्रेजुएशन पाठयक्रमों में आगामी शैक्षणिक सत्र से आरक्षण नीति लागू करने का निर्णय लिया गया है।
इस प्रकार, अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्गों तथा भूतपूर्व सैनिकों के साथ-साथ आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के प्रार्थियों को भी 10 प्रतिशत के आरक्षण का लाभ मिलेगा। जिसके लिए सीटों की संख्या भी बढ़ाई जाएंगी। इससे हरियाणा के आर्थिक कमजोर वर्ग के लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा।
अब सटीक डाटा के साथ तैयार होंगे सरकारी योजनाएं
हरियाणा से जुड़े परिवारों का सटीक डाटा उपलब्ध हो और विभागों की भावी जनहित संबंधी योजनाएं भी इसी डाटा पर आधारित हों, ताकि जनता तक इन योजनाओं का लाभ प्रभावशाली ढंग से पहुंच सके। इसके लिए सरकार ने एक नए विभाग का श्रीगणेश किया है। जिसे मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी मिल गई है।
इस विभाग का नाम नागरिक संसाधन सूचना विभाग होगा। निर्णय के अनुसार राज्य सरकार की योजनाओं के कार्यान्वयन और डिजिटल साधनों के माध्यम से सरकारी सेवाओं की प्रदायगी के लिए साझा डेटाबेस सृजित करने हेतु परिवार पहचान पत्र पर बल देने के उद्देश्य से यह नया विभाग सृजित किया जाएगा।
नया विभाग परिवार पहचान पत्र, सरकार से नागरिकों को सेवाओं की प्रदायगी हेतु भू-सूचना विज्ञान सहित सूचना विज्ञान और सूचना अवसंरचना के इस्तेमाल से साझा डेटाबेस के रूप में नागरिक संसाधन सूची विकसित करने, विभागों में साझा डेटाबेस को प्रोत्साहित करने और विकसित करने से संबंधित विषयों के लिए काम करेगा।
अब विभागों की रिपोर्टों का भी होगा आंकलन
मंत्रिमंडल समूह की बैठक में सभी विभाग अपनी-अपनी रिपोर्ट भी पेश करते हैं। मगर समय की कमी की वजह से मंत्रिमंडल में इन रिपोर्टों पर न तो ज्यादा गौर हो पाती है और न ही चर्चा। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। विभागों की इन प्रशासनिक रिपोर्टों पर आंकलन भी होगा और चर्चा भी होगी। इसके लिए पहली बार कैबिनेट सब कमेटी का गठन किया गया है।
विभागों की प्रशासनिक रिपोर्ट, जो कैबिनेट बैठक में लाई जाती थी अब इसके लिए शिक्षा मंत्री कंवर पाल मंत्री की अध्यक्षता में मंत्री समूह की एक उप-समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। जिस विभाग की रिपोर्ट होगी उनके प्रभारी मंत्री इसके सदस्य रहेंगे। इसके अलावा मंत्री अनुप धानक व संदीप सिंह भी उप समिति के सदस्य होंगे।
झज्जर नपा को अब नगर परिषद का दर्जा
मुख्यमंत्री ने बताया कि मंत्रिमंडल बैठक में झज्जर नगरपालिका को नगर परिषद का दर्जा देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि हर 10 वर्ष के अंतराल बाद होने वाली जनगणना के आंकड़ों को आधार मानकर स्थानीय निकायों का दर्जा बढ़ाया जाता है। हर वर्ष जनसंख्या में अनुपातिक वृद्धि होती रहती है जिसके चलते सरकार द्वारा यह निर्णय लिया गया है। इससे पूर्व भी अंबाला नगरपरिषद को नगरनिगम का दर्जा दिया गया था।
10 विभागों में आनलाइन ट्रांसफर अप्रैल के बाद
हरियाणा के करीब 10 विभाग ऐसे हैं, जिनमें अप्रैल के बाद आनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू हो जाएगी। कर्मचारियों की ऑनलाइन स्थानांतरण नीति के एक सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि शिक्षा विभाग के अलावा 500 से अधिक कर्मचारियों की संख्या वाले 10 विभागों ने ऑनलाइन स्थानांतरण नीति का प्रारूप तैयार कर लिया है। लेकिन यह व्यवस्था अगले वित्ती वर्ष यानि अप्रैल के बाद लागू होगी और जुलाई तक तबादला प्रक्रिया को संपन्न कर लिया जाएगा। ताकि विभागों में कामकाज प्रभावित न हो।