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लॉकडाउन शिक्षा को तकनीक से जोड़ने का अवसर
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चंडीगढ़। हिंदी विभाग के कही अनकही विचार मंच की ओर से ‘लॉकडाउन में पढ़ाई’ विषय पर ऑनलाइन परिचर्चा (वेबिनार) का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न स्थानों से करीब 40 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। परिचर्चा में वक्ता के रूप में राजकीय महाविद्यालय दिग्गल, जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश से सहायक प्रोफेसर डॉ. सुनीता शर्मा और श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज, श्री आनंदपुर साहिब से सहायक प्रोफेसर केवल कुमार शामिल हुए।
डॉ. सुनीता शर्मा ने बताया कि ऑनलाइन अध्ययन एक ऐसा माध्यम है जिसके द्वारा पाठ्यक्रम की ही नहीं अपितु विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी की जा सकती है। बहुत सी वेबसाइट हैं जैसे विकिपीडिया, कविताकोश, गद्यकोश, भारत दर्शन आदि जिनसे आवश्यकतानुसार सामग्री का अध्ययन किया जा सकता है। यूजीसी द्वारा भी ऑनलाइन अध्ययन के लिए 9 लिंक उपलब्ध करवाए गए हैं। आप अपने 5 मित्रों का एक ऐसा ऑनलाइन ग्रुप बना सकते हैं जिस पर आप प्रतिदिन 20-20 प्रश्न भी साझा करते हैं तो आपके 100 प्रश्न तैयार हो जाते हैं। प्रो. केवल कुमार ने बताया कि लॉकडाउन ने हमें यह अवसर दिया है कि हम सब शिक्षा को तकनीक से जोड़े, क्योंकि यह समय की मांग है।
विभागाध्यक्ष डॉ. गुरमीत सिंह ने सभी का स्वागत करते हुए बताया कि लॉकडाउन के कारण सभी चीजें निश्चित रूप से प्रभावित हुईं हैं, लेकिन अगर हममें पढ़ने की ललक हो तो कोई भी परिस्थिति हमारे समक्ष रुकावट नहीं बन सकती। विभाग की ओर से लॉकडाउन की अवधि में हर शुक्रवार को इस तरह के वेबिनार का आयोजन किया जाएगा जिसमें बाहर के विशेषज्ञ विद्वानों को जोड़ने का प्रयास रहेगा। इस परिचर्चा में विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं विभिन्न विभागों के शिक्षकों ने हिस्सा लिया। यूआईईटी से डॉ. प्रवीन गोयल और जनसंचार विभाग से डॉ. भवनीत भट्टी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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डॉ. सुनीता शर्मा ने बताया कि ऑनलाइन अध्ययन एक ऐसा माध्यम है जिसके द्वारा पाठ्यक्रम की ही नहीं अपितु विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी की जा सकती है। बहुत सी वेबसाइट हैं जैसे विकिपीडिया, कविताकोश, गद्यकोश, भारत दर्शन आदि जिनसे आवश्यकतानुसार सामग्री का अध्ययन किया जा सकता है। यूजीसी द्वारा भी ऑनलाइन अध्ययन के लिए 9 लिंक उपलब्ध करवाए गए हैं। आप अपने 5 मित्रों का एक ऐसा ऑनलाइन ग्रुप बना सकते हैं जिस पर आप प्रतिदिन 20-20 प्रश्न भी साझा करते हैं तो आपके 100 प्रश्न तैयार हो जाते हैं। प्रो. केवल कुमार ने बताया कि लॉकडाउन ने हमें यह अवसर दिया है कि हम सब शिक्षा को तकनीक से जोड़े, क्योंकि यह समय की मांग है।
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विभागाध्यक्ष डॉ. गुरमीत सिंह ने सभी का स्वागत करते हुए बताया कि लॉकडाउन के कारण सभी चीजें निश्चित रूप से प्रभावित हुईं हैं, लेकिन अगर हममें पढ़ने की ललक हो तो कोई भी परिस्थिति हमारे समक्ष रुकावट नहीं बन सकती। विभाग की ओर से लॉकडाउन की अवधि में हर शुक्रवार को इस तरह के वेबिनार का आयोजन किया जाएगा जिसमें बाहर के विशेषज्ञ विद्वानों को जोड़ने का प्रयास रहेगा। इस परिचर्चा में विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं विभिन्न विभागों के शिक्षकों ने हिस्सा लिया। यूआईईटी से डॉ. प्रवीन गोयल और जनसंचार विभाग से डॉ. भवनीत भट्टी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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