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हरियाणा : जींद में राकेश टिकैत बोले- अभी स्टैंडबाई मोड में रहें किसान, संदेश मिलते ही दिल्ली पहुंचे
Wed, 03 Feb 2021 07:50 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जींद (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जींद (हरियाणा)
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 03 Feb 2021 07:50 PM IST
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जींद पहुंचे राकेश टिकैत।
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को मजबूती देने के लिए भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत बुधवार को जींद जिले के कंडेला गांव में आयोजित महापंचायत में पहुंचे। टिकैत ने मंच से लोगों से आह्वान किया कि अभी दिल्ली आने की जरूरत नहीं है, वह स्टैंडबाई मोड में रहें, जब भी संदेश आए, तभी दिल्ली पहुंचें।
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उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दिल्ली बॉर्डर पर सरकार किसानों को रोकने के लिए कंकरीट की दीवार बना रही है। इससे साफ है कि सरकार डरी हुई है। डरा हुआ राजा ही किलेबंदी करता है। टिकैत ने युवाओं से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि गुस्सा उन्हें दे दें।
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टिकैत के जींद आने का कार्यक्रम करीब एक सप्ताह पहले बन गया था। ऐसे में क्षेत्र के लोगों में महापंचायत के लिए काफी जोश रहा। कंडेला गांव के खेल स्टेडियम में आयोजित महापंचायत में प्रदेश भर की करीब 50 खापों के प्रतिनिधि पहुंचे। इस दौरान भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी, भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह, चरखी दादरी के विधायक सोमबीर सांगवान, प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष बजरंगदास गर्ग आदि मौजूद रहे।
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संबोधन के दौरान टूटा मंच, टिकैत बोले - भाग्यवानों का टूटता है मंच
महापंचायत के दौरान जब किसान नेता राकेश टिकैत मंच से लोगों को संबोधित कर रहे थे तभी अचानक मंच का एक हिस्सा टूट गया। इस समय मंच पर काफी लोग मौजूद थे। हालांकि मंच टूटने के करीब दो मिनट बाद ही राकेश टिकैत मंच के दूसरे हिस्से पर पहुंच गए और उन्होंने कहा कि मंच तो भाग्यवान लोगों के टूटते हैं।
उन्होंने अपना संबोधन जारी रखा। इस दौरान कुछ लोगों को मामूली चोट भी आई। टिकैत ने कहा कि वह पिछले 35 साल से आंदोलन कर रहे हैं। हर बार संसद पहुंचने की बात कही, कभी भी लालकिले पर जाने को नहीं कहा। 26 जनवरी को सरकार के षड्यंत्र के तहत ही लोग लालकिले पर गए थे।