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Kisan Andolan: किसान नेताओं की दो टूक, अब मांगों के लिए नहीं करेंगे किसी से बात, दिल्ली कूच करके रहेंगे

Wed, 21 Feb 2024 09:14 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 21 Feb 2024 09:14 AM IST
सार

पहले किसान नेताओं ने बुधवार सुबह 11 बजे तक का समय दिया था लेकिन बुधवार को किसान नेता सरवण सिंह पंधेर और जगजीत डल्लेवाल ने एलान किया कि अब हम किसी से बात नहीं करेंगे। पूरे 11 बजे दिल्ली कूच किया जाएगा। 

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Kisan Andolan: Farmer leaders says we will march to Delhi all update
किसान आंदोलन - फोटो : संवाद

विस्तार

केंद्र से चौथे दौर की बातचीत के बाद किसान दिल्ली कूच पर आमादा हैं। पहले किसान नेताओं ने बुधवार सुबह 11 बजे तक का समय दिया था लेकिन बुधवार को किसान नेता सरवण सिंह पंधेर और जगजीत डल्लेवाल ने एलान किया कि अब हम किसी से बात नहीं करेंगे। पूरे 11 बजे दिल्ली कूच किया जाएगा। 
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किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि एमएसपी की मांग को लेकर उन्होंने अपनी एक लीगल टीम भी गठित कर ली है। इस टीम में एडवोकेट अखिल चौधरी को को-ऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है।

उनके अलावा टीम में एडवोकेट पंकज श्योराण, अदिति श्योराण, वर्तिका त्रिपाठी, मोहित तोमर और कपिल कुहाड़ शामिल हैं। पंधेर ने रविवार को शंभू बॉर्डर पर मीडिया से बातचीत में कहा कि पंजाब सरकार ने प्रदेश की सरहद में किसानों पर आंसू गैस के गोले दागे जाने और रबड़ की गोलियां चलाने पर अपना पक्ष नहीं रखा है।
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पंधेर ने कहा कि किसानों पर साढ़े 18 लाख करोड़ का है कर्ज है। केंद्र सरकार तेल बीजों को बाहर से मंगवाने पर सालाना एक लाख 75 हजार करोड़ रुपये खर्च करती है, लेकिन अगर देश के किसानों को ही तेल बीजों पर अच्छी एमएसपी दे दी जाए, तो वह भी इन्हें पैदा कर सकते हैं। इससे फसल विविधता लाने की सरकार की मांग भी पूरी हो जाएगी। उन्होंने लखीमपुर खीरी कांड के आरोपियों को सजा दिलाने के साथ-साथ पीडितों को मुआवजा देने और खेती सेक्टर को डब्ल्यूटीओ से बाहर निकालने की भी मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों के पार्थिव शरीर अस्पतालों में पड़े हैं। पंजाब सरकार इनके परिवारों को सरकारी नौकरी व मुआवजा राशि देने संबंधी नीति जल्द स्पष्ट करे।
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