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एलएंडटी कंपनी को 50 हजार मुआवजा देने के निर्देश

Wed, 15 Sep 2021 02:32 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 15 Sep 2021 02:32 AM IST
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Instructions to LT company to give 50 thousand compensation
चंडीगढ़। राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंडीगढ़ ने जिला उपभोक्ता आयोग एक के फैसले को पलट दिया है। शिकायतकर्ता की अपील स्वीकार करते हुए राज्य उपभोक्ता आयोग चंडीगढ़ ने फाइनांस कंपनी को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को बिना कोई चार्ज लिए नो ड्यू सर्टिफिकेट जारी करे। आदेश की प्रति मिलने के एक महीने के अंदर इस आदेश का पालन करना होगा।
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मानसिक प्रताड़ना और शारीरिक परेशानी और सेवा में कोताही के लिए 50 हजार रुपये मुआवजे के अतिरिक्त 11 हजार रुपये मुकदमा खर्च भी अदा करना होगा। 30 दिनों के अंदर निर्देश का पालन नहीं करने पर 9 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज भी अदा करना होगा।
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इसके अलावा उपभोक्ता आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि फाइनांस कंपनी एक लाख रुपये पीजीआई के पुअर पेशेंट वेलफेयर फंड में जमा कराए, जिससे कोविड-19 के मरीजों का इलाज हो सके। साथ ही शिकायतकर्ता का नाम डिफाल्टर लिस्ट से भी हटाने का निर्देश दिया है।
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शिकायतकर्ता मनीष सहगल निवासी सेक्टर-15ए चंडीगढ़ ने जिला उपभोक्ता आयोग में इंडस्ट्रियल एरिया फेज-एक स्थित एलएंडटी फाइनांस लिमिटेड के खिलाफ शिकायत दी थी। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने शिकायतकर्ता की शिकायत खारिज कर दी थी, जिस पर शिकायतकर्ता ने राज्य आयोग में अपील की थी।

यह था मामला
शिकायतकर्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग को दी शिकायत में बताया कि 2012 में एक वाहन व्यक्तिगत उपयोग के लिए एलएंडटी फाइनांस कंपनी से 2 लाख 70 हजार रुपये कर्ज लेकर खरीदा। उन्होंने उपभोक्ता आयोग को बताया कि 6300 रुपये की 60 मासिक किस्तों में चुकाना था। किस्त 15 अक्तूबर 2012 से शुरू होकर 15 अगस्त 2017 को पूरा हो गई। शिकायतकर्ता ने सभी किस्तें समय पर भरीं, लेकिन जब फाइनांस कंपनी के पास एनओसी के लिए गया तो उसे यह कहते हुए मना कर दिया गया कि कर्ज के 15000 रुपये बकाया हैं। दूसरे पक्ष ने जिला उपभोक्ता आयोग में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि शिकायतकर्ता का कर्ज बकाया था। उसका नाम क्रेडिट इन्फार्मेशन ब्यूरो इंडिया लिमिटेड (सीआइबीआईएल) की डिफाल्टर लिस्ट में था।
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