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Haryana: IAS अधिकारियों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, केस दर्ज करने का आदेश किया रद्द
Fri, 21 Oct 2022 10:36 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 21 Oct 2022 10:36 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए याचिकाकर्ताओं की दलीलों से सहमति व्यक्त की। अदालत ने माना कि बिना तय प्रक्रिया के इस प्रकार का आदेश सही नहीं है। ऐसे में आदेश को अवैध मानते हुए हाईकोर्ट ने इन सभी आईएएस अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया है।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के आईएएस अधिकारियों को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने माना कि गुरुग्राम कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश देते समय तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया। आईएएस विनय प्रताप सिंह, जितेंद्र यादव, रवि प्रकाश सिहाग, केएम पांडुरंग ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि गुरुग्राम की अदालत ने उनके खिलाफ एक स्थानीय निवासी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।
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अदालत ने यह आदेश सेक्टर 94 में खुले स्थान पर अवैध कब्जे की शिकायत को लेकर जारी किया था। आईएएस अधिकारियों ने अपनी याचिका में कहा कि उनके खिलाफ इस प्रकार एफआईआर दर्ज करने का आदेश देते हुए तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। आईएएस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से पहले अनुमति लेना जरूरी होता है, जो उनके मामले में नहीं किया गया। ऐसे में हाईकोर्ट से तीन जुलाई 2020 को जारी आदेश को रद्द करने की मांग की गई।
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हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए याचिकाकर्ताओं की दलीलों से सहमति व्यक्त की। अदालत ने माना कि बिना तय प्रक्रिया के इस प्रकार का आदेश सही नहीं है। ऐसे में आदेश को अवैध मानते हुए हाईकोर्ट ने इन सभी आईएएस अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया है।
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