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Chandigarh News: लाल डोरे के बाहर के घरों को नहीं मिलेगा पानी का कनेक्शन, केंद्र के जवाब से हुआ स्पष्ट

Wed, 11 Dec 2024 04:57 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 11 Dec 2024 04:57 AM IST
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Houses outside the red line will not get water connection, this became clear from the Centre's reply
चंडीगढ़। संसद में चंडीगढ़ के लाल डोरे का मुद्दा फिर उठा है। 6 अगस्त को केंद्र सरकार ने लाल डोरा बढ़ाने के किसी भी प्रस्ताव से इन्कार किया था। इसके बाद अब सांसद मनीष तिवारी ने केंद्र सरकार से पूछा कि जब 22 गांव नगर निगम में शामिल हो चुके हैं तो लाल डोरे का क्या अर्थ रह जाता है, क्योंकि लाल डोरा तो रूरल रेवेन्यू कांसेप्ट है और जब चंडीगढ़ में गांव ही नहीं हैं तो लाल डोरा कैसे हो सकता है। केंद्र ने इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इससे स्पष्ट हो गया है शहर में लाल डोरे का मुद्दा ऐसे ही बना रहेगा। केंद्र ने लाल डोरे के बाहर पानी का कनेक्शन देने से भी मना कर दिया है। इससे हजारों लोगों को झटका लगा है।
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शहर के सांसद मनीष तिवारी ने दूसरी बार संसद में लाल डोरे का मुद्दा उठाया। पहली बार 6 अगस्त को स्पष्ट पूछा था कि क्या केंद्र सरकार चंडीगढ़ में लाल डोरा बढ़ाएगी। इस पर केंद्र ने कहा था कि ऐसी कोई योजना नहीं है। केंद्र ने संसद में दिए जवाब में कहा था कि चंडीगढ़ का विकास मास्टर प्लान के अनुसार ही किया जा रहा है और यह मास्टर प्लान 2031 तक लागू है। इसका अर्थ है कि 2031 से पहले कोई बदलाव नहीं होगा। इसके बाद अब तिवारी ने लाल डोरे के होने पर ही सवाल उठा दिया। हालांकि अभी भी केंद्र ने सवालों का घुमा फिरा कर जवाब दिया। इस पर तिवारी ने कहा कि सरकार के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं है और इसलिए वह अस्पष्ट और समझ से परे नियमों के पीछे छिप रही है। इसकी वजह से चंडीगढ़ के गांवों में रहने वाले लोगों का जीवन बहुत बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।
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लाल डोरे के बाहर करीब 254 एकड़ एरिया में बने हैं 3000 से ज्यादा घर
पूर्व प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने लाल डेरे से बाहर बने घरों को कनेक्शन जारी करने के निर्देश दिए थे और सदन में भी कई बार एजेंडा पास हो चुका है, लेकिन निगम ने अब तक कनेक्शन देना शुरू नहीं किया था और केंद्र के जवाब के बाद भविष्य में भी नहीं मिलेगा। बता दें कि प्रशासन के एक सर्वे के अनुसार शहर के गांवों में लाल डोरे के बाहर करीब 254 एकड़ एरिया में लोगों ने अवैध निर्माण कर रखा है, जिसमें तीन हजार से ज्यादा घर शामिल हैं। हालांकि ये आंकड़े भी पुराने हैं। अब लाल डोरे के बाहर लाखों की आबादी रहती है और हजारों घर बने हुए हैं।
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सांसद के सवाल और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय के जवाब
1. मनीष तिवारी : क्या केंद्र सरकार, पंजाब न्यू कैपिटल (पेरीफेरी) कंट्रोल एक्ट-1952 में संशोधन करने की योजना बना रही है ताकि इसे वर्तमान शहरी वास्तविकताओं के लिए अधिक प्रासंगिक बनाया जा सके?
नित्यानंद राय : नहीं

2. मनीष तिवारी : जब गांव नगर निगम में शामिल हो चुके हैं तो लाल डोरे का अब क्या महत्व रह जाता है। लाल डोरा के बावजूद एक समान विकास को सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं और लाल डोरे का कांसेप्ट मास्टर प्लान-2031 के साथ कैसे चल सकता है?
नित्यानंद राय : लाल डोरा के बाहर का विकास चंडीगढ़ मास्टर प्लान, 2031 द्वारा नियंत्रित किया जाता है, जिसे कैपिटल ऑफ पंजाब (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट-1952 और पंजाब न्यू कैपिटल (पेरीफेरी) कंट्रोल एक्ट-1952 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए अधिसूचित किया गया है। लाल डोरा के बाहर निर्माण चंडीगढ़ भवन नियम (शहरी)-2017'' द्वारा शासित होता है। पंजाब न्यू कैपिटल (पेरीफेरी) कंट्रोल एक्ट-1952 के अनुसार कोई भी व्यक्ति लाल डोरा के बाहर के क्षेत्र में बिना सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के कोई भी भवन का निर्माण या पुनर्निर्माण नहीं कर सकता है।

3. मनीष तिवारी : लाल डोरे के बाहर रहने वाले कई लोगों के घरों का पानी का कनेक्शन काटा गया है। ऐसे लोगों तक पानी और स्वच्छता सुविधाएं प्रदान करने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं?
नित्यानंद राय : पानी के कनेक्शन का जारी होना चंडीगढ़ जल आपूर्ति उपनियम-2011 द्वारा शासित होता है जिसमें नगर निगम केवल लाल डोरा के भीतर पानी के कनेक्शन जारी कर सकता है। अनधिकृत पानी के कनेक्शनों को काटना एक निरंतर प्रक्रिया है और नगर निगम अधिकारियों द्वारा समय-समय पर किया जाता है।

क्या है... लाल डोरा सिस्टम
लाल डोरा सिस्टम को अंग्रेजों ने सन 1908 में बनाया था। उस समय रेवेन्यू रिकॉर्ड रखने के लिए खेतीबाड़ी की जमीन के साथ गांव की आबादी को अलग-अलग दिखाने के मकसद से नक्शे पर आबादी के बाहर लाल लाइन खींच दी जाती थी। लाल लाइन की वजह से इसके तहत आने वाली जमीन या क्षेत्र लाल डोरा कहलाने लगा। यह व्यवस्था खासकर दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में लागू थी।


ये गांव हाल में नगर निगम में हुए शामिल
बहलाना, रायपुर खुर्द, रायपुर कलां, मक्खनमाजरा, दरिया, मौली जागरां, किशनगढ़, कैंबवाला, खुड्डा अलीशेर, खुड्डा जस्सू, खुड्डा लाहौरा, सारंगपुर और धनास हाल ही में नगर निगम में शामिल हुए हैं।
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