फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Hospital administration helpless due to strike of resident doctors, silence prevails in emergency

रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल से अस्पताल प्रशासन लाचार, इमरजेंसी में पसरा सन्नाटा

Sun, 19 Dec 2021 02:24 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 19 Dec 2021 02:24 AM IST
विज्ञापन
Hospital administration helpless due to strike of resident doctors, silence prevails in emergency
चंडीगढ़। रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल से जीएमसीएच-32 बंद होने की कगार पर आ चुका है। अस्पताल की जिस इमरजेंसी में बेड की कमी के कारण स्ट्रेचर पर सैकड़ों मरीज भर्ती रहते थे, वहां इमरजेंसी यूनिट के 90 प्रतिशत बेड खाली पड़े हैं। आलम यह है कि मरीजों को गेट से ही लौटा दिया जा रहा है। जो मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं, उन्हें सीनियर डॉक्टर ऑनलाइन पंजीकरण के बाद आने की बात कहकर लौटा दे रहे हैं। ऐसे में हड़ताल और व्यवस्था के बीच लाचार मरीज पिस रहे हैं। वहीं रेजीडेंट डॉक्टर अपनी बात पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि अगर किसी को हमारी फिक्र नहीं है तो फिर हमारे पास भी हड़ताल के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।
विज्ञापन

नीट काउंसलिंग में देरी को लेकर रेजीडेंट डॉक्टर देशव्यापी हड़ताल पर हैं। 6 दिसंबर से शुरू हुई हड़ताल में 17 दिसंबर से इमरजेंसी सेवा भी पूरी तरह ठप कर दी गई है जिससे ज्यादा परेशानी बढ़ गई है। अस्पताल प्रशासन चाह कर भी इस समस्या का समाधान नहीं तलाश पा रहा, क्योंकि एक बार में 400 डॉक्टरों के काम बंद कर देने से उस कमी को वैकल्पिक व्यवस्था से संभालना संभव नहीं हो पा रहा।
विज्ञापन

बॉक्स
गर्भवती को भर्ती करने से किया इनकार, रास्ते में हुआ प्रसव
जीएमसीएच-32 में प्रसव पीड़ा के साथ पहुंची एक महिला को सुरक्षाकर्मी ने शुक्रवार की रात हड़ताल के कारण गेट से ही वापस कर दिया। परिजन उसे लेकर पीजीआई निकले ही थे कि रास्ते में उसकी डिलीवरी हो गई। डिलीवरी के बाद उसे पीजीआई पहुंचाया गया। जहां से उसकी स्थिति देखने के बाद पीजीआई की इमरजेंसी से जीएमसीएच-32 में कॉल कर इसे गलत ठहराया गया। इसकी सूचना अस्पताल प्रशासन को हुई तो उनकी तरफ से सुरक्षा अधिकारी को इसके लिए चेतावनी दी गई। जिस पर सुरक्षा अधिकारी ने शनिवार की सुबह सभी सुरक्षाकर्मियों की क्लास लगा दी। उन्हें चेतावनी दी कि किसी भी मरीज को अंदर आने से नहीं रोकना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट-
रेजीडेंट डॉक्टरों के काम बंद करने से अचानक से व्यवस्था का प्रभावित होना लाजमी है। मरीजों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए सुविधा संचालन का पूरा प्रयास किया जा रहा है। इलाज के लिए आने वाले मरीजों को वापस नहीं किया जा रहा।
-डॉ. सुधीर गर्ग, चिकित्सा अधीक्षक जीएमसीएच-32
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed