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पीयू सीनेट चुनाव : हिमाचल, दिल्ली व राजस्थान से नहीं मिली हरी झंडी
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय सीनेट चुनाव के लिए हिमाचल प्रदेश, दिल्ली व राजस्थान से हरी झंडी नहीं मिली है। इस कारण चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ रही हैं। उन्हें चिंता सता रही है कि कहीं बीच में चुनाव न रोकना पड़े। हालांकि स्नातक वर्ग का चुनाव 18 अगस्त को है और तब तक अनुमति मिलने की आस है। अब पीयू भी इसके लिए पहल कर रही है।
पीयू स्नातक वर्ग का चुनाव सबसे बड़ा माना जाता है। यह 15 सीटों के लिए होता है। इस बार चुनाव के लिए 43 प्रत्याशी भाग्य आजमा रहे हैं। इस चुनाव में 3.61 लाख लोग मतदान करेंगे। मतदान के लिए चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान आदि प्रदेशों में बूथ बनाए जाते हैं। 500 से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की जाती है। यह चुनाव करवाना पीयू के लिए चुनौती होती है। पीयू से स्नातक व परास्नातक करने वाले विद्यार्थी इस वर्ग के चुनाव के लिए मतदान करते हैं।
पिछले साल सीनेट चुनाव का कार्यक्रम तय हुआ था। उस दौरान पीयू ने इन सभी राज्यों को पत्र लिखकर कहा था कि स्नातक वर्ग का चुनाव उनके राज्यों में करवाया जाना है, इसलिए अनुमति दी जाए। कोरोना के कारण पिछले साल अनुमति नहीं मिल सकी। इस साल भी पीयू ने दो बार कार्यक्रम तय किया, लेकिन बात नहीं बनी। अब हाईकोर्ट ने चुनाव करवाने के आदेश दिए हैं। तीन अगस्त से यह चुनाव होने जा रहे हैं। अब तक तीन राज्यों से चुनाव के लिए अनुमति नहीं मिली है। इससे स्नातक वर्ग का चुनाव खटाई में पड़ सकता है।
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पीयू ने जारी किया सीनेट चुनाव कार्यक्रम
हाईकोर्ट के आदेश के बाद पीयू ने मंगलवार को सीनेट चुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया है। तीन अगस्त से लेकर 23 अगस्त तक चरणवार तरीके से चुनाव होंगे। अधिकारिक रूप से कार्यक्रम सामने आने के बाद अब प्रत्याशी भी चुनाव प्रचार की तैयारी में जुट गए हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
सीनेट के स्नातक वर्ग चुनाव के लिए हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ से अनुमति मिल गई है। बाकी राज्यों से भी जल्द अनुमति मिलने की संभावना है। इसके लिए प्रयास भी किए जा रहे हैं। -रेणुका बी सलवान, डीपीआर पीयू
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पीयू स्नातक वर्ग का चुनाव सबसे बड़ा माना जाता है। यह 15 सीटों के लिए होता है। इस बार चुनाव के लिए 43 प्रत्याशी भाग्य आजमा रहे हैं। इस चुनाव में 3.61 लाख लोग मतदान करेंगे। मतदान के लिए चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान आदि प्रदेशों में बूथ बनाए जाते हैं। 500 से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की जाती है। यह चुनाव करवाना पीयू के लिए चुनौती होती है। पीयू से स्नातक व परास्नातक करने वाले विद्यार्थी इस वर्ग के चुनाव के लिए मतदान करते हैं।
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पिछले साल सीनेट चुनाव का कार्यक्रम तय हुआ था। उस दौरान पीयू ने इन सभी राज्यों को पत्र लिखकर कहा था कि स्नातक वर्ग का चुनाव उनके राज्यों में करवाया जाना है, इसलिए अनुमति दी जाए। कोरोना के कारण पिछले साल अनुमति नहीं मिल सकी। इस साल भी पीयू ने दो बार कार्यक्रम तय किया, लेकिन बात नहीं बनी। अब हाईकोर्ट ने चुनाव करवाने के आदेश दिए हैं। तीन अगस्त से यह चुनाव होने जा रहे हैं। अब तक तीन राज्यों से चुनाव के लिए अनुमति नहीं मिली है। इससे स्नातक वर्ग का चुनाव खटाई में पड़ सकता है।
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पीयू ने जारी किया सीनेट चुनाव कार्यक्रम
हाईकोर्ट के आदेश के बाद पीयू ने मंगलवार को सीनेट चुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया है। तीन अगस्त से लेकर 23 अगस्त तक चरणवार तरीके से चुनाव होंगे। अधिकारिक रूप से कार्यक्रम सामने आने के बाद अब प्रत्याशी भी चुनाव प्रचार की तैयारी में जुट गए हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
सीनेट के स्नातक वर्ग चुनाव के लिए हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ से अनुमति मिल गई है। बाकी राज्यों से भी जल्द अनुमति मिलने की संभावना है। इसके लिए प्रयास भी किए जा रहे हैं। -रेणुका बी सलवान, डीपीआर पीयू