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Haryana: हरियाणा कौशल विकास मिशन से बाहर होंगे निजी केंद्र, अब सरकारी संस्थानों में मिलेगा प्रशिक्षण

Mon, 05 Jun 2023 10:39 AM IST
निवेदिता वर्मा सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 05 Jun 2023 10:39 AM IST
सार

कौशल विकास मिशन में निजी केंद्रों के बिल पास कराने के लिए 10 प्रतिशत तक रिश्वत ली जाती थी। इसी मामले में बिचौलिये का काम करने वाली महिला पूनम चोपड़ा को विजिलेंस ने 3 लाख रुपये की नकदी के साथ गिरफ्तार किया था।

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Haryana government prepared to exclude private centers from Haryana Skill Development Mission
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा कौशल विकास मिशन में फैले भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए हरियाणा सरकार ने कवायद तेज कर दी है। खुफिया विभाग की ओर से निजी केंद्रों की पोल खोलती रिपोर्ट के आधार पर अब सरकार ने निजी केंद्रों को इस सिस्टम से बाहर करने की तैयारी कर ली है। 
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प्रारंभिक रूप से तैयार किए गए खाके के अनुसार अब युवाओं को प्रशिक्षण दिलाने के लिए निजी केंद्रों के बजाय सरकारी संस्थानों का प्रयोग किया जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर जल्द ही उच्चस्तरीय बैठक लेंगे। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के चीफ आलोक मित्तल, कौशल मिशन के निदेशक विवेक अग्रवाल समेत अन्य अधिकारियों के साथ होने वाली इस बैठक में इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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कौशल विकास मिशन में निजी केंद्रों के बिल पास कराने के लिए 10 प्रतिशत तक रिश्वत ली जाती थी। इसी मामले में बिचौलिये का काम करने वाली महिला पूनम चोपड़ा को विजिलेंस ने 3 लाख रुपये की नकदी के साथ गिरफ्तार किया था। साथ ही इस संबंध में मिशन के आयुक्त आईएएस विजय दहिया के खिलाफ भी भ्रष्टाचार का केस दर्ज कर रखा है। दहिया पर ये भी आरोप है कि मात्र चंद दिनों में ही उन्होंने 27 कंपनियों को 100 करोड़ रुपये के कार्य अलॉट कर दिए थे। इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम जांच कर रही है और दस्तावेजों को खंगाल रही है।


मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की छापेमारी में सामने आई थी हकीकत
11 मई को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीमों ने प्रदेश के 18 जिलों में स्थित 35 निजी प्रशिक्षण केंद्रों पर छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान केंद्रों में भारी खामियां मिली थी। 6500 में से केवल 1200 युवा ही हाजिर मिले थे, जबकि 150 के स्टाफ में से 60 ही हाजिर मिले थे। इतना नहीं कई केंद्रों पर तो पाठ्य सामग्री और मूलभूत सुविधाओं तक भी कमी थी। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने पूरी रिपोर्ट तैयार करके मुख्यमंत्री मनोहर लाल को दी थी। मुख्यमंत्री ने मामले में कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए थे।

इन संस्थानों में प्रशिक्षण दिलाने की तैयारी
इस समय प्रदेश में कुल 48 तकनीकी सरकारी संस्थान हैं। इनमें 26 सरकारी पॉलिटेक्निक, 3 एडिड और 11 सोयायटी की पॉलिटेक्निक हैं। साथ ही 4 सरकारी इंजीनियरिंग कालेज, 4 तकनीकी यूनिवर्सिटी हैं। इसी प्रकार, कुल 192 आईटीआई हैं। इनमें 149 को एडिड हैं, जबकि 39 विशेष रूप से लड़कियों के लिए हैं। इसके अलावा, श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय की अगुवाई में पूरा कार्य चलाने की योजना है।
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