हरियाणा: जल्द पंचायत चुनाव करवाना चाहती है सरकार, हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर मांगी अनुमति

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 14 Sep 2021 10:09 PM IST

सार

सरकार ने कहा कि बीते दिनों कोरोना के प्रकोप के चलते चुनाव न करवाने का निर्णय लिया गया था। अब स्थिति बेहतर हो गई है इसलिए चुनाव करवाए जा सकते हैं। सरकार दो फेज में चुनाव करवाना चाहती है, पहले फेज में ग्राम पंचायत और दूसरे फेज में पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव का प्रस्ताव है। 
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

हरियाणा में पंचायत चुनाव जल्द होंगे। प्रदेश सरकार ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनाव करवाने की मंजूरी मांगी है। सरकार ने पंचायत चुनाव में आरक्षण के प्रावधान में विसंगतियों को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान अपनी अर्जी दाखिल की है। हाईकोर्ट ने अर्जी पर याचिकाकर्ताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। हाईकोर्ट में सरकार पहले कह चुकी थी कि निकट भविष्य में चुनाव नहीं होंगे, लेकिन अब जल्द चुनाव कराने की इजाजत मांगी है। 
विज्ञापन


हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल करते हुए सरकार ने कहा कि प्रदेश में पंचायतों का कार्यकाल 23 फरवरी को समाप्त हो चुका है। पंचायती राज एक्ट के दूसरे संशोधन के कुछ प्रावधान को हाईकोर्ट में चुनौती दी जा चुकी है। सरकार ने कहा कि बीते दिनों कोरोना के प्रकोप के चलते चुनाव न करवाने का निर्णय लिया गया था। अब स्थिति बेहतर हो गई है इसलिए चुनाव करवाए जा सकते हैं। सरकार दो फेज में चुनाव करवाना चाहती है, पहले फेज में ग्राम पंचायत और दूसरे फेज में पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव का प्रस्ताव है। 


यह भी पढ़ें- एक तरफ से खुलेगा कुंडली बॉर्डर: प्रशासन की अपील पर किसानों ने दी सकारात्मक प्रतिक्रिया, सीएम ने बुलाई उच्च स्तरीय बैठक

सरकार ने कहा कि पहले उनकी ओर से कोर्ट में कहा गया था कि निकट भविष्य में सरकार चुनाव नहीं करवाएगी ऐसे में अब चुनाव करवाने के लिए न्यायालय की अनुमति आवश्यक है। हाईकोर्ट ने सरकार की अर्जी पर अब याची पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।  

यह है मामला
गुरुग्राम के प्रवीण चौहान व अन्य ने 15 अप्रैल 2021 को हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 2020 में किए गए संशोधन को भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक बताते हुए चुनौती दी थी। कोर्ट को बताया गया कि अधिनियम में संशोधन कर अब सीटों का 8 प्रतिशत बीसी-ए श्रेणी के लिए आरक्षित करना अनिवार्य है और न्यूनतम 2 सीटों का आरक्षण अनिवार्य है। हरियाणा में 8 प्रतिशत के अनुसार केवल छह जिले हैं जहां 2 सीटें आरक्षण के लिए बचती हैं।

18 जिलों में केवल 1 सीट आरक्षित की जानी है जबकि सरकार के नए प्रावधानों के अनुसार न्यूनतम 2 सीटें अनिवार्य हैं। हाईकोर्ट ने सरकार को कहा कि वह चाहे तो आरक्षण के नए प्राविधान को निलंबित कर पुराने नियमों के तहत चुनाव करवा सकती है। खंडपीठ ने कहा कि सरकार ने अंडरटेकिंग दी है कि जब तक याचिका पर फैसला नहीं होता तब तक सरकार निकट भविष्य में चुनाव नहीं करवा रही है। कोर्ट ने सरकार को अंडरटेकिंग पर रुख स्पष्ट करने या पुराने नियमों के तहत चुनाव करवाने का आदेश दिया था। अब सरकार ने अंडरटेकिंग वापस लेने के लिए अर्जी दायर की है और बताया है कि वह पंचायत चुनाव के लिए तैयार है।
 

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00