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हरियाणा सरकार ने घटाया बाजार और ग्रामीण शुल्क, इन फसलों पर अब मात्र एक प्रतिशत किया

Tue, 22 Sep 2020 01:18 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 22 Sep 2020 01:18 AM IST
सार

  • किसानों पर छोड़ा निर्णय, आढ़ती से फसल बिक्री की राशि लेंगे या सीधे सरकार से
  • मंडियों में अन्य व्यापार की अनुमति के लिए समिति गठित, 15 दिन में देगी सरकार को रिपोर्ट

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Haryana Government has decided that all produce will be sold in the market at one Percent fee
Haryana - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा सरकार ने कपास, बारीक धान पर बाजार और ग्रामीण शुल्क चार फीसदी से घटाकर एक फीसदी कर दिया है। किसान फसल बिक्री की राशि आढ़ती के जरिये लेंगे या सीधे सरकार से भुगतान चाहते हैं, यह निर्णय उन्हीं पर छोड़ दिया गया है। सोमवार देर रात मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला व उच्च अधिकारियों की आढ़तियों और राइस मिलर्स के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिए गए।

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आढ़तियों ने मंडियों में फसल खरीद के अलावा व्यापार करने की अनुमति मांगी, जिस पर मुख्यमंत्री ने अतिरिक्त मुख्य सचिव, कृषि विभाग संजीव कौशल की अध्यक्षता में समिति गठित कर दी है। समिति 15 दिन में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। अभी कपास व बारीक धान पर बाजार व ग्रामीण शुल्क 2-2 फीसदी था, जिसे मुख्यमंत्री ने बैठक में ही आधा-आधा फीसदी करने की घोषणा कर दी।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि आढ़तियों को नमी कट व अन्य बकाया जल्दी दिया जाएगा। हर खरीद सीजन के 15 दिन बाद आढ़ती को दामी व मजदूरों का भुगतान कर देंगे। ऐसा न होने पर सरकार उन्हें 12 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज देगी। किसानों को फसल बेचने की तारीख 7 अक्तूबर निर्धारित कर दी जाएगी।
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सीमांत जिलों के किसानों को भी मिलेगा फसल बेचने का मौका
हरियाणा के आढ़तियों के जिन सीमांत जिलों के किसानों के साथ व्यापारिक संबंध हैं, उनका पंजीकरण व खरीद 15 अक्तूबर के बाद की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि कपास व अन्य फसलों की खरीद आढ़तियों के जरिये करवाने के लिए केंद्र सरकार से अनुमति लेने को दिल्ली जाकर मंत्रियों व उच्च अधिकारियों से मिलेगा। बैठक में हरियाणा राज्य मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान अशोक गुप्ता, रजनीश चौधरी व रामावतार व जिला प्रधान मौजूद रहे।

आढ़तियों, राइस मिलर्स से नए कानूनों पर भी हुई चर्चा
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आढ़ती एसोसिएशन और राइस मिलर्स के प्रतिनिधण्डल के साथ अलग-अलग बैठक में नए कृषि कानून के लागू होने के बाद मंडी व्यवस्था पर चर्चा की गई। आढ़ती एसोसिएशन ने मांग रखी कि खुले बाजार के बराबर स्थानीय बाजार के रेट रहें। इस व अन्य मुद्दों पर संजीव कौशल की अध्यक्षता वाली समिति आढ़तियों से मंगलवार को भी चर्चा करेगी। 


किसान मेरी फसल- मेरा ब्योरा पोर्टल पर अगर कहेगा कि उसका भुगतान सीधा होना चाहिए तो किसान को सीधे राशि देंगे। इस पर बैठक में सहमति बनी है। हरियाणा ने केंद्र से 25 सितंबर से खरीद की अनुमति मांगी थी, जो अभी नहीं मिली, सरकार एक अक्तूबर से खरीद के लिए तैयार है। राइस मिलर्स से बात हुई है उनकी सहमति से मिलों में भी खरीद केंद्र बनाएंगे।

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